16 सितंबर 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

दक्षिण कोरिया: अपीलीय अदालत ने पूर्व राष्ट्रपति यून सुक येओल को झूठी गवाही के आरोप से बरी किया

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
दक्षिण कोरिया: अपीलीय अदालत ने पूर्व राष्ट्रपति यून सुक येओल को झूठी गवाही के आरोप से बरी किया

सारांश

दक्षिण कोरिया की सोल हाईकोर्ट ने पूर्व राष्ट्रपति यून सुक येओल को झूठी गवाही के आरोप से बरी किया — यह निचली अदालत के मई के फैसले की पुष्टि है। लेकिन जेल में बंद यून के लिए असली लड़ाई अभी बाकी है: मार्शल लॉ विद्रोह में आजीवन कारावास की सजा के खिलाफ अपील जारी है।

मुख्य बातें

सोल हाईकोर्ट ने 16 सितंबर 2026 को पूर्व राष्ट्रपति यून सुक येओल को झूठी गवाही के आरोप से बरी किया।
अदालत ने माना कि 3 दिसंबर 2024 को मार्शल लॉ से पहले कैबिनेट बैठक बुलाने का यून का दावा झूठा नहीं था।
अभियोजन पक्ष ने 1 करोड़ वॉन (करीब 7,332 अमेरिकी डॉलर ) जुर्माने की मांग की थी, जो खारिज हुई।
यह फैसला मई में निचली अदालत द्वारा दिए गए बरी के निर्णय के अनुरूप है।
यून पर विद्रोह के मुख्य मामले में फरवरी 2026 में आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई थी; उस पर अपील जारी है।

दक्षिण कोरिया की सोल हाईकोर्ट ने बुधवार, 16 सितंबर 2026 को पूर्व राष्ट्रपति यून सुक येओल को पूर्व प्रधानमंत्री हान डक-सू के विद्रोह से जुड़े मुकदमे में झूठी गवाही देने के आरोप से बरी कर दिया। अदालत ने माना कि 3 दिसंबर 2024 को मार्शल लॉ लागू करने से पूर्व कैबिनेट बैठक बुलाने के यून के दावे को झूठा नहीं कहा जा सकता। यह फैसला मई में निचली अदालत द्वारा दिए गए बरी करने के निर्णय के अनुरूप है।

अदालत का तर्क

सोल हाईकोर्ट ने अपने फैसले में कहा, 'यह मानना मुश्किल है कि आरोपी, अपने पद और अनुभव को देखते हुए, यह नहीं जानते थे कि मार्शल लॉ की घोषणा से पहले कैबिनेट बैठक में इस पर चर्चा होना जरूरी है।' अदालत ने यह भी जोड़ा कि ऐसा प्रतीत होता है कि यून ने मार्शल लॉ लागू करने के लिए कम से कम आवश्यक कानूनी शर्तों को पूरा करने की कोशिश की थी।

यह ऐसे समय में आया है जब पूर्व राष्ट्रपति पर कई समानांतर मुकदमे चल रहे हैं और उनका राजनीतिक भविष्य दाँव पर है।

अभियोजन पक्ष का आरोप

विशेष अभियोजक चो यून-सुक की टीम ने आरोप लगाया था कि यून ने शुरुआत में केवल छह कैबिनेट मंत्रियों को अपने कार्यालय बुलाया था। टीम के अनुसार, बाद में हान डक-सू के सुझाव पर यून ने बैठक के लिए आवश्यक गणपूर्ति (कोरम) पूरी करने हेतु अतिरिक्त मंत्रियों को बुलाया। अभियोजन पक्ष ने यून पर 1 करोड़ वॉन (लगभग 7,332 अमेरिकी डॉलर) के जुर्माने की मांग की थी।

हालाँकि, अपीलीय अदालत ने इस तर्क को अस्वीकार करते हुए कहा कि यून स्वयं भी — हान डक-सू के सुझाव से स्वतंत्र रूप से — अतिरिक्त कैबिनेट सदस्यों को बुलाने का इरादा रखते थे।

यून के खिलाफ अन्य मुकदमे

गौरतलब है कि पूर्व राष्ट्रपति यून सुक येओल इस समय जेल में हैं। फरवरी 2026 में एक जिला अदालत ने उन्हें 3 दिसंबर 2024 को थोड़े समय के लिए मार्शल लॉ लागू कर विद्रोह का नेतृत्व करने के मामले में आजीवन कारावास की सजा सुनाई थी। उस फैसले के खिलाफ अपील पर सुनवाई अभी भी जारी है।

झूठी गवाही के आरोप से बरी होना एक अलग और सीमित राहत है — विद्रोह के मुख्य मामले पर यह फैसला कोई प्रभाव नहीं डालता।

राजनीतिक और कानूनी संदर्भ

यह मामला दक्षिण कोरिया के लोकतांत्रिक इतिहास में एक अभूतपूर्व राजनीतिक संकट से जुड़ा है। 3 दिसंबर 2024 को यून द्वारा मार्शल लॉ की घोषणा के कुछ घंटों के भीतर ही संसद ने इसे खारिज कर दिया था, और इसके बाद यून को पद से हटाए जाने की प्रक्रिया शुरू हुई। यह दक्षिण कोरिया के इतिहास में किसी राष्ट्रपति के खिलाफ सबसे गंभीर कानूनी कार्यवाहियों में से एक बनी हुई है।

आगे क्या होगा

विद्रोह के मुख्य आरोप पर अपीलीय सुनवाई अभी जारी है और उसका फैसला दक्षिण कोरिया की राजनीति को गहराई से प्रभावित कर सकता है। कानूनी विशेषज्ञों के अनुसार, झूठी गवाही का यह बरी होना यून के कानूनी बचाव पक्ष को मनोवैज्ञानिक राहत दे सकता है, परंतु आजीवन कारावास की मुख्य सजा को पलटने की राह अभी लंबी है।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि एक छोटी जीत है। असली मुद्दा यह है कि विद्रोह के आरोप में आजीवन कारावास की सजा अभी भी अपील में है, और उसका परिणाम ही यून का राजनीतिक और कानूनी भविष्य तय करेगा। गौर करने वाली बात यह भी है कि दक्षिण कोरिया की न्यायपालिका ने इतने संवेदनशील राजनीतिक मामले में अभियोजन पक्ष के तर्क को दोनों स्तरों पर खारिज किया — जो संस्थागत स्वायत्तता का संकेत है। फिर भी, मार्शल लॉ जैसे असंवैधानिक कदम के लिए जवाबदेही का व्यापक सवाल अनुत्तरित बना हुआ है।
RashtraPress
16 सितंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

यून सुक येओल को झूठी गवाही के आरोप से क्यों बरी किया गया?
सोल हाईकोर्ट ने माना कि यून का यह दावा — कि उनका 3 दिसंबर 2024 को मार्शल लॉ से पहले कैबिनेट बैठक बुलाने का इरादा था — झूठा साबित नहीं होता। अदालत ने कहा कि यून खुद भी अतिरिक्त मंत्रियों को बुलाने का इरादा रखते थे, हान डक-सू के सुझाव से स्वतंत्र रूप से।
क्या इस फैसले से यून सुक येओल की आजीवन कारावास की सजा पर असर पड़ेगा?
नहीं। झूठी गवाही का यह मामला और विद्रोह का मुख्य मामला अलग-अलग हैं। फरवरी 2026 में दी गई आजीवन कारावास की सजा के खिलाफ अपील अभी जारी है और उस पर इस फैसले का कोई सीधा प्रभाव नहीं पड़ता।
अभियोजन पक्ष ने यून पर क्या आरोप लगाया था?
विशेष अभियोजक चो यून-सुक की टीम ने आरोप लगाया था कि यून ने हान डक-सू के विद्रोह मुकदमे में झूठी गवाही दी और कैबिनेट बैठक बुलाने के अपने इरादे के बारे में भ्रामक बयान दिया। अभियोजन पक्ष ने 1 करोड़ वॉन (करीब 7,332 अमेरिकी डॉलर) के जुर्माने की मांग की थी।
यून सुक येओल पर अभी कितने मुकदमे चल रहे हैं?
यून इस समय जेल में हैं और उनके खिलाफ कई मुकदमे जारी हैं। सबसे बड़ा मामला मार्शल लॉ विद्रोह का है, जिसमें फरवरी 2026 में आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई और उसकी अपील अभी चल रही है।
दक्षिण कोरिया में मार्शल लॉ का यह संकट कब और कैसे शुरू हुआ था?
3 दिसंबर 2024 को राष्ट्रपति यून सुक येओल ने मार्शल लॉ की घोषणा की, लेकिन कुछ ही घंटों में संसद ने इसे खारिज कर दिया। इसके बाद यून को पद से हटाया गया और उनके खिलाफ विद्रोह समेत कई आरोपों में मुकदमे शुरू हुए।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 1 घंटा पहले
  2. 2 महीने पहले
  3. 3 महीने पहले
  4. 7 महीने पहले
  5. 8 महीने पहले
  6. 11 महीने पहले
  7. 11 महीने पहले
  8. 11 महीने पहले