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ट्रंप ने ईरान का जताया आभार: 8 महिला प्रदर्शनकारियों की फांसी रद्द, 4 तुरंत रिहा

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ट्रंप ने ईरान का जताया आभार: 8 महिला प्रदर्शनकारियों की फांसी रद्द, 4 तुरंत रिहा

सारांश

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के व्यक्तिगत अनुरोध पर ईरान ने आठ महिला प्रदर्शनकारियों की फांसी रद्द कर दी। चार को तुरंत रिहा किया जाएगा और चार को एक माह की जेल होगी। ट्रंप ने इसे अमेरिका-ईरान वार्ता की बेहतरीन शुरुआत बताया।

मुख्य बातें

डोनाल्ड ट्रंप के अनुरोध पर ईरान ने 8 महिला प्रदर्शनकारियों की फांसी की सजा रद्द की।
4 महिलाओं को तुरंत रिहा किया जाएगा, जबकि 4 को एक महीने की जेल की सजा दी जाएगी।
ट्रंप ने ट्रुथ सोशल पर ईरान का आभार जताते हुए इसे 'बहुत अच्छी खबर' कहा।
इन महिलाओं पर तेहरान में जनवरी 2025 के विद्रोह को भड़काने का आरोप था।
बीता हेम्मती ईरान की पहली महिला प्रदर्शनकारी हैं जिनके विरुद्ध मृत्युदंड का आदेश जारी हुआ था।
आठ में से दो महिलाएं नाबालिग बताई जा रही हैं और एक 5 वर्षीय बच्चे की मां भी शामिल है।

नई दिल्ली, 22 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान और उसके नेताओं का सार्वजनिक रूप से आभार व्यक्त किया है, क्योंकि ईरान ने उनके व्यक्तिगत अनुरोध पर आठ महिला प्रदर्शनकारियों को दी जाने वाली फांसी की सजा को रद्द कर दिया। ट्रंप ने इसे अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ सोशल पर साझा करते हुए इसे 'बहुत अच्छी खबर' करार दिया। यह घटना अमेरिका-ईरान के बीच जारी परमाणु वार्ता की पृष्ठभूमि में और भी महत्वपूर्ण हो जाती है।

ट्रंप ने ट्रुथ सोशल पर क्या कहा?

राष्ट्रपति ट्रंप ने ट्रुथ सोशल पर लिखा, ''बहुत अच्छी खबर। मुझे अभी-अभी सूचना मिली है कि ईरान में आज रात जिन आठ महिला प्रदर्शनकारियों को फांसी दी जानी थी, उन्हें अब फांसी नहीं दी जाएगी। चार को तुरंत रिहा कर दिया जाएगा और चार को एक महीने की जेल की सजा सुनाई जाएगी।''

ट्रंप ने आगे लिखा, ''मैं ईरान और उसके नेताओं का बहुत आभारी हूं कि उन्होंने संयुक्त राज्य अमेरिका के राष्ट्रपति के रूप में मेरे अनुरोध का सम्मान किया और फांसी को रद्द कर दिया। इस मामले पर ध्यान देने के लिए धन्यवाद!''

ट्रंप की पहले की अपील और उसका असर

एक दिन पूर्व मंगलवार को ट्रंप ने इन्हीं आठ महिलाओं की तस्वीरें साझा करते हुए ईरान से उनकी रिहाई की अपील की थी। उन्होंने लिखा था, ''अगर आप इन महिलाओं को रिहा कर दें, तो मुझे बेहद खुशी होगी। यह हमारी बातचीत की एक बेहतरीन शुरुआत होगी। कृपया उन्हें कोई नुकसान न पहुंचाएं।''

ट्रंप की इस अपील को अमेरिका-ईरान परमाणु वार्ता से जोड़कर देखा जा रहा है, जो इन दिनों नाजुक दौर में है। विशेषज्ञों का मानना है कि यह कदम दोनों देशों के बीच कूटनीतिक संबंधों को नई दिशा दे सकता है।

कौन हैं ये आठ महिला प्रदर्शनकारी?

वायरल पोस्ट में जिन आठ महिलाओं की तस्वीरें थीं, उनमें बीता हेम्मती, गजल गलंदरी, गोलनाज नराघी, वीनस हुसैन नेजाद, पनाह मोवाहेदी, एंसियेह नेजाती, महबूबेह शबानी और डायना ताहेर अबादी शामिल हैं। इन सभी पर तेहरान में जनवरी विद्रोह को भड़काने का आरोप लगाया गया था।

बीता हेम्मती को ईरान की पहली महिला प्रदर्शनकारी माना जाता है जिनके विरुद्ध मृत्युदंड का आदेश जारी किया गया था। न्यूयॉर्क स्थित यहूदी मानवाधिकार संगठन लॉफेयर प्रोजेक्ट ने इस जानकारी को सार्वजनिक किया था।

गोलनाज नराघी तेहरान के एक अस्पताल में 37 वर्षीया इमरजेंसी मेडिसिन विशेषज्ञ हैं और उन्हें जनवरी में सुरक्षा बलों ने हिरासत में लिया था। महबूबेह शबानी पर घायल प्रदर्शनकारियों की सहायता करने का आरोप है और उन्हें फरवरी में गिरफ्तार किया गया था। एंसियेह नेजाती एक पांच वर्षीय बच्चे की मां हैं और उन्हें जनवरी में ही हिरासत में लिया गया था। इन आठ में से दो नाबालिग भी बताई जा रही हैं।

ईरान के नेशनल काउंसिल ऑफ रेजिस्टेंस का बयान

ईरान के नेशनल काउंसिल ऑफ रेजिस्टेंस के अनुसार, इन महिलाओं पर तेहरान में ईरानी शासन के विरुद्ध जनवरी में हुए विद्रोह को उकसाने का आरोप लगाया गया था। वीनस हुसैन नेजाद को ईरानी सुरक्षा बलों ने उनके कार्यस्थल से ही गिरफ्तार किया था।

फेमेना मानवाधिकार समूह और हेंगाव मानवाधिकार संगठन ने इन महिलाओं की गिरफ्तारी और उनके मुकदमों की जानकारी अंतरराष्ट्रीय स्तर पर साझा की थी, जिससे इस मामले को वैश्विक ध्यान मिला।

आगे क्या होगा?

ट्रंप की इस कूटनीतिक सफलता के बाद अब सबकी निगाहें अमेरिका-ईरान परमाणु वार्ता की अगली बैठक पर टिकी हैं। विश्लेषकों का मानना है कि इस मानवीय कदम से दोनों देशों के बीच बातचीत का माहौल बेहतर हो सकता है। हालांकि, ईरान में मानवाधिकार की स्थिति को लेकर अंतरराष्ट्रीय समुदाय की चिंताएं अभी भी बरकरार हैं और चार महिलाओं की जेल की सजा पर मानवाधिकार संगठन सवाल उठाते रहेंगे।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि एक सुनियोजित कूटनीतिक चाल है जो ईरान के साथ परमाणु वार्ता को अनुकूल दिशा देने की कोशिश है। ईरान का इस अनुरोध को मानना दर्शाता है कि तेहरान भी संवाद के दरवाजे खुले रखना चाहता है। हालांकि, चार महिलाओं की जेल की सजा बताती है कि ईरान में मानवाधिकार का सवाल अभी पूरी तरह हल नहीं हुआ।
RashtraPress
10 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

ट्रंप ने ईरान का आभार क्यों जताया?
ट्रंप ने ईरान का आभार इसलिए जताया क्योंकि ईरान ने उनके व्यक्तिगत अनुरोध पर आठ महिला प्रदर्शनकारियों की फांसी की सजा रद्द कर दी। ट्रंप ने इसे अपने ट्रुथ सोशल अकाउंट पर 'बहुत अच्छी खबर' बताया।
ईरान में किन आठ महिलाओं को फांसी दी जानी थी?
बीता हेम्मती, गजल गलंदरी, गोलनाज नराघी, वीनस हुसैन नेजाद, पनाह मोवाहेदी, एंसियेह नेजाती, महबूबेह शबानी और डायना ताहेर अबादी को फांसी दी जानी थी। इन सभी पर तेहरान में जनवरी विद्रोह भड़काने का आरोप था।
ईरान ने फांसी रद्द करने के बाद इन महिलाओं के साथ क्या किया?
ईरान ने चार महिलाओं को तुरंत रिहा करने और चार को एक महीने की जेल की सजा देने का फैसला किया। यह बदलाव ट्रंप के सार्वजनिक अनुरोध के बाद हुआ।
क्या यह घटना अमेरिका-ईरान परमाणु वार्ता से जुड़ी है?
विश्लेषकों का मानना है कि यह कदम अमेरिका-ईरान परमाणु वार्ता की पृष्ठभूमि में उठाया गया है। ट्रंप ने खुद कहा था कि इन महिलाओं की रिहाई दोनों देशों की बातचीत की बेहतरीन शुरुआत होगी।
इन महिलाओं पर ईरान में क्या आरोप थे?
इन महिलाओं पर जनवरी 2025 में तेहरान में ईरानी शासन के खिलाफ हुए विद्रोह में भाग लेने और उसे भड़काने का आरोप था। कुछ पर घायल प्रदर्शनकारियों की मदद करने का भी आरोप लगाया गया था।
राष्ट्र प्रेस
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