ट्रंप का वीटो दांव: 'डेमोक्रेट्स जीते तो हर बिल रोकूंगा, वे खुद समझौते के लिए आएंगे'
सारांश
मुख्य बातें
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने 23 अक्टूबर 2026 को व्हाइट हाउस के साउथ लॉन में पत्रकारों से बातचीत में स्पष्ट किया कि यदि नवंबर के मध्यावधि चुनावों में डेमोक्रेटिक पार्टी कांग्रेस पर नियंत्रण हासिल कर लेती है, तो वे अपनी राष्ट्रपति वीटो शक्ति का भरपूर उपयोग करते हुए हर विधेयक को रोकेंगे और विपक्ष को बातचीत की मेज पर आने के लिए मजबूर करेंगे। यह बयान फ्लोरिडा के लिए चुनावी रैली पर रवाना होने से ठीक पहले आया।
वीटो को बाधा नहीं, हथियार बताया
ट्रंप ने कहा, 'मेरा मानना है कि रिपब्लिकन जीतेंगे, लेकिन अगर वैसी स्थिति आती है जिसे आप गतिरोध (ग्रिडलॉक) कहते हैं तो मैं हर चीज पर वीटो लगा दूंगा और फिर डेमोक्रेट्स मेरे पास आएंगे, क्योंकि उन्हें समझौता करना होगा।' उन्होंने विधायी गतिरोध को एक समस्या की बजाय अपनी सौदेबाज़ी की रणनीति के रूप में पेश किया। उनके अनुसार, बार-बार वीटो की संभावना विपक्षी सांसदों को व्हाइट हाउस के साथ समझौते की प्रक्रिया में खींच लाएगी।
आर्थिक गतिरोध की चिंता खारिज
जब पत्रकारों ने पूछा कि क्या दो साल के विधायी गतिरोध से अमेरिकी अर्थव्यवस्था को नुकसान पहुँचेगा, तो ट्रंप ने इस चिंता को सिरे से नकार दिया। उन्होंने शुरुआत में चर्चा को ईरान की तरफ मोड़ा, लेकिन बाद में इस संभावना पर सीधे बात की। ट्रंप ने कहा, 'हम इसका कोई न कोई समाधान निकाल लेंगे।' यह ऐसे समय में आया है जब बाज़ार विश्लेषकों की नज़र अमेरिकी राजकोषीय नीति की अनिश्चितता पर टिकी है।
रिपब्लिकन अभियान और कठिन मुकाबले
ट्रंप ने स्वीकार किया कि रिपब्लिकन पार्टी के कुछ सीनेट उम्मीदवारों को कड़े मुकाबलों का सामना करना पड़ रहा है, हालाँकि उन्होंने कहा कि पार्टी के मतदाताओं में उत्साह अभी भी मजबूत है। उन्होंने हाल के आयोवा दौरे का उल्लेख किया और फ्लोरिडा व मिशिगन में आगामी रैलियों की भी जानकारी दी।
रैलियों से उम्मीदवारों को फायदे का दावा
ट्रंप ने ज़ोर देकर कहा कि उनकी चुनावी सभाओं में उमड़ रही भीड़ कई राज्यों में रिपब्लिकन उम्मीदवारों की मदद कर रही है। उन्होंने इस सुझाव को भी खारिज किया कि लगातार प्रचार अभियान किसी नकारात्मक राजनीतिक प्रतिक्रिया को जन्म दे सकता है। यह बातचीत इस बात की झलक देती है कि चुनावी नतीजों के बाद राजनीतिक संतुलन बदलने पर ट्रंप अमेरिकी कांग्रेस के साथ किस रणनीति से काम लेने की योजना बना रहे हैं।
संवैधानिक संदर्भ और राजनीतिक दांव
गौरतलब है कि अमेरिकी संविधान के तहत राष्ट्रपति के वीटो को कांग्रेस के दोनों सदनों में दो-तिहाई बहुमत से ही पलटा जा सकता है, जो व्यावहारिक रूप से बेहद कठिन है। यह Nवीं बार है जब ट्रंप ने मध्यावधि चुनावों से पहले विधायी शक्ति को लेकर खुलकर अपनी रणनीति बयान की है। आने वाले हफ्तों में इन चुनावों के परिणाम तय करेंगे कि यह दांव महज बयानबाज़ी रहेगी या राजनीतिक वास्तविकता में बदलेगी।