ट्रंप की कड़ी चेतावनी: बिना समझौते ईरान को पाषाण युग में भेजने की तैयारी

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ट्रंप की कड़ी चेतावनी: बिना समझौते ईरान को पाषाण युग में भेजने की तैयारी

सारांश

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को चेतावनी दी है कि अगर समझौता नहीं हुआ तो वे उन्हें पाषाण युग में वापस भेज सकते हैं। इस बीच, उन्होंने ईरान की सैन्य शक्ति को समाप्त करने के अपने प्रयासों की बात की है। जानें इस संकट की पूरी जानकारी।

Key Takeaways

  • ट्रंप का ईरान के खिलाफ कड़ा रुख।
  • संभव समझौते के बिना गंभीर परिणाम।
  • ईरान की सैन्य शक्ति का कमजोर होना।
  • अंतरराष्ट्रीय तेल बाजार पर प्रभाव।
  • मध्य पूर्व की सुरक्षा की नई चुनौतियां।

वॉशिंगटन, २ अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। ईरान के खिलाफ युद्ध के संदर्भ में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कई बार भ्रमित स्थिति में नजर आए हैं। कभी वह यह कहते हैं कि वह ईरान के खिलाफ अपने अभियान को समाप्त कर सकते हैं और कभी ईरान को धमकी देते हुए नजर आते हैं। हाल ही में उन्होंने ईरान को चेतावनी दी है कि अगर कोई समझौता नहीं हुआ, तो अमेरिकी सेना कुछ ही हफ्तों में उन्हें पाषाण युग में वापस भेज सकती है।

ट्रंप ने एक बार फिर से यह दावा किया है कि ईरान की सेना समाप्त हो चुकी है। स्थानीय समय अनुसार बुधवार को दिए गए टीवी भाषण में ट्रंप ने कहा, "अभी एक महीना ही हुआ है, जब अमेरिकी सेना ने आतंक के विश्व के नंबर एक प्रायोजक ईरान को निशाना बनाते हुए ऑपरेशन एपिक फ्यूरी शुरू किया था।"

उन्होंने आगे कहा कि लड़ाई के मैदान में तेजी से वृद्धि हो रही है।

ट्रंप ने कहा, "आज रात, ईरान की नेवी समाप्त हो चुकी है। उनकी एयरफोर्स को नष्ट कर दिया गया है। उनके नेता अब मृत हैं। ईरान की मिसाइल और ड्रोन क्षमता काफी कम कर दी गई है और उनके हथियारों की सुविधाएं उड़ा दी गई हैं।"

इस अभियान को ट्रंप ने ईरान को न्यूक्लियर हथियार प्राप्त करने से रोकने के लिए आवश्यक बताया। उन्होंने कहा, "मैंने कसम खाई है कि मैं ईरान को कभी भी न्यूक्लियर हथियार नहीं रखने दूंगा।" ट्रंप ने ईरान की मौजूदा सरकार को "धरती की सबसे हिंसक सरकार" कहा।

ऑपरेशन मिडनाइट हैमर और पिछले अमेरिकी हमलों का जिक्र करते हुए, उन्होंने कहा, "हमने उन न्यूक्लियर साइट्स को पूरी तरह से नष्ट कर दिया है। ईरान ने कहीं और अपने कार्यक्रम को फिर से बनाने की कोशिश की थी।"

ट्रंप ने कहा कि अमेरिका का उद्देश्य ईरान की सैन्य क्षमता और उसकी सीमाओं के बाहर ताकत दिखाने की क्षमता को समाप्त करना है। उन्होंने कहा, "ये मुख्य रणनीतिक उद्देश्य पूरे होने वाले हैं।"

उन्होंने चेतावनी दी कि यदि बातचीत विफल हो जाती है तो और तनाव बढ़ सकता है और कहा, "अगले दो से तीन हफ्तों में, हम उन्हें स्टोन एज में वापस ले जाएंगे। यदि कोई समझौता नहीं हुआ, तो अमेरिका ईरान के इलेक्ट्रिक इन्फ्रास्ट्रक्चर को निशाना बना सकता है।"

ट्रंप ने स्पष्ट किया कि ईरान के शासन में बदलाव उनका निश्चित उद्देश्य नहीं था। उन्होंने कहा कि नेतृत्व में बदलाव पहले ही हो चुका है। सत्ता परिवर्तन हमारा उद्देश्य नहीं था, लेकिन शासन में बदलाव उनके सभी असली नेताओं की मृत्यु के कारण हुआ है।"

राष्ट्रपति ट्रंप ने दुनियाभर में तेल की कीमतों में हाल की वृद्धि के लिए ईरान को जिम्मेदार ठहराया और कहा कि यह कमर्शियल तेल टैंकरों पर हुए आतंकवादी हमलों के कारण हुआ। उन्होंने मध्य पूर्व के तेल पर निर्भर देशों से शिपिंग रूट सुरक्षित करने और इस क्षेत्र पर निर्भरता कम करने की अपील की।

ट्रंप ने इजरायल, सऊदी अरब, कतर, यूएई, कुवैत और बहरीन जैसे क्षेत्रीय सहयोगियों की प्रशंसा की और कहा कि वे अभियान में बहुत अच्छे साझेदार रहे हैं। ट्रंप ने अमेरिका की आर्थिक मजबूती पर भी जोर दिया और कहा कि देश दुनिया में तेल और गैस का नंबर एक उत्पादक है और युद्ध से संबंधित बाधाओं को सहन कर सकता है। उन्होंने १३ अमेरिकी सैनिकों के नुकसान का उल्लेख किया और कहा कि उनके परिवारों ने उनसे कार्य पूरा करने की अपील की थी।

ऑपरेशन को ऐतिहासिक रूप से तेज बताते हुए, ट्रंप ने कहा कि इस अभियान ने सिर्फ एक महीने में एक बड़े खतरे को समाप्त कर दिया है। उन्होंने कहा, "हम अमेरिका और दुनिया के लिए ईरान के खतरनाक खतरे को समाप्त करने के कगार पर हैं।"

Point of View

बल्कि यह अमेरिका की अंतरराष्ट्रीय राजनीति में एक महत्वपूर्ण कदम भी है। यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि क्या दोनों पक्ष किसी समझौते पर पहुँच पाते हैं या नहीं।
NationPress
04/04/2026

Frequently Asked Questions

ट्रंप ने ईरान को क्या चेतावनी दी है?
ट्रंप ने कहा है कि अगर कोई समझौता नहीं हुआ, तो अमेरिकी सेना उन्हें पाषाण युग में वापस भेज सकती है।
ट्रंप का ईरान के खिलाफ अभियान क्या है?
ट्रंप ने ईरान की सैन्य शक्ति को समाप्त करने और उन्हें न्यूक्लियर हथियार हासिल करने से रोकने के लिए अभियान चलाया है।
क्या ईरान की सेना खत्म हो चुकी है?
ट्रंप ने दावा किया है कि ईरान की सेना और उनके नेता अब समाप्त हो चुके हैं।
ऑपरेशन एपिक फ्यूरी क्या है?
यह अमेरिकी सेना द्वारा ईरान को निशाना बनाते हुए शुरू किया गया एक सैन्य अभियान है।
ट्रंप ने ईरान की मौजूदा सरकार के बारे में क्या कहा?
ट्रंप ने ईरान की मौजूदा सरकार को 'धरती की सबसे हिंसक सरकार' कहा है।
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