यूएई ने ईरानी मिसाइलों को सफलतापूर्वक रोका, मलबा दुबई मरीना में गिरा
सारांश
Key Takeaways
अबू धाबी, 9 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। यूएई ने ईरानी मिसाइलों को रोकने का दावा किया है, जिनका मलबा दुबई मरीना में एक टावर पर गिरा। इससे बिल्डिंग के सामने से धुआं उठने लगा, जिससे इलाके में चिंता का माहौल बन गया। अधिकारियों ने बताया कि स्थिति को जल्दी ही नियंत्रण में ले लिया गया और किसी के घायल होने की कोई सूचना नहीं है।
यूएई के अधिकारियों ने जानकारी दी कि नुकसान उस मलबे के गिरने से हुआ, जो एयर डिफेंस सिस्टम द्वारा आने वाले खतरे को इंटरसेप्ट करने के बाद नीचे गिरा था।
दुबई सरकार के आधिकारिक सोशल मीडिया हैंडल ने 'एक्स' पर लिखा, "अधिकारियों ने पुष्टि की है कि सफल इंटरसेप्शन के बाद गिरे मलबे से दुबई मरीना के एक टावर के बाहरी हिस्से पर एक मामूली घटना हुई। स्थिति को नियंत्रित कर लिया गया है। किसी के घायल होने की सूचना नहीं है।"
इससे पहले, संयुक्त अरब अमीरात के रक्षा मंत्रालय ने घोषणा की थी कि इसके एयर डिफेंस सिस्टम ईरान से आने वाली मिसाइल और ड्रोन खतरों का सक्रिय रूप से जवाब दे रहे हैं। मंत्रालय ने 'एक्स' पर पोस्ट में कहा, "एयर डिफेंस अभी ईरान से आने वाले मिसाइल और ड्रोन के खतरों का जवाब दे रहे हैं।"
बयान में यह भी कहा गया, "जो आवाजें सुनाई दे रही हैं, वे एयर डिफेंस सिस्टम से मिसाइलों और ड्रोन को इंटरसेप्ट करने का परिणाम हैं।"
मंत्रालय के अनुसार, घटना के दौरान कुल 16 बैलिस्टिक मिसाइलों का पता लगाया गया। इनमें से 15 को एयर डिफेंस सिस्टम ने सफलतापूर्वक इंटरसेप्ट कर लिया, जबकि बाकी मिसाइलें समुद्र में गिर गईं। इसके अलावा, अधिकारियों ने देश की ओर आ रहे 121 ड्रोन को ट्रैक किया, जिनमें से 119 को उनके टारगेट तक पहुंचने से पहले ही नष्ट कर दिया गया।
बढ़ते तनाव के बीच यूएई के राष्ट्रपति शेख मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान ने अबू धाबी टीवी पर देश को संबोधित किया। संघर्ष बढ़ने के बाद यह उनका पहला सार्वजनिक बयान था। उन्होंने कहा कि देश युद्ध के दौर में है और हम मजबूत होकर उभरेंगे।
इस बीच, ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियान ने ईरान, इजरायल और अमेरिका के बीच चल रहे युद्ध के दौरान किए गए हमलों के लिए पड़ोसी देशों से माफी मांगी। हालांकि, उन्होंने कहा कि ईरान उकसाए जाने तक आगे कोई हमला नहीं करेगा।
ईरानी राज्य टीवी पर प्रसारित अपने संबोधन में पेजेशकियान ने कहा, "मैं अपनी ओर से और ईरान की ओर से उन पड़ोसी देशों से माफी मांगता हूं जिन पर ईरान की ओर से हमले किए गए। अंतरिम लीडरशिप काउंसिल इस बात पर सहमत हुई कि पड़ोसी देशों पर और हमले नहीं किए जाएंगे व कोई मिसाइल तब तक नहीं दागी जाएगी, जब तक कि ईरान पर हमला उन देशों से न हो।"
पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की बिना शर्त आत्मसमर्पण की मांग का जवाब देते हुए पेजेशकियान ने कहा कि ईरान के दुश्मनों को 'ईरानी जनता के बिना शर्त आत्मसमर्पण की इच्छा को अपनी कब्र तक ले जाना होगा।'