26 अगस्त 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

यूक्रेन की स्वतंत्रता की 35वीं वर्षगांठ पर राष्ट्रपति मुर्मु ने दी बधाई, जेलेंस्की ने भारत-यूक्रेन सहयोग का संकल्प दोहराया

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
यूक्रेन की स्वतंत्रता की 35वीं वर्षगांठ पर राष्ट्रपति मुर्मु ने दी बधाई, जेलेंस्की ने भारत-यूक्रेन सहयोग का संकल्प दोहराया

सारांश

यूक्रेन की स्वतंत्रता की 35वीं वर्षगांठ पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु के बधाई संदेश ने दोनों देशों के बीच कूटनीतिक संवाद को नई ऊर्जा दी। जेलेंस्की ने एक्स पर आभार जताते हुए भारत के साथ सहयोग की प्रतिबद्धता दोहराई और रूस के साथ सम्मानजनक शांति की अपील की।

मुख्य बातें

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने यूक्रेन की स्वतंत्रता की 35वीं वर्षगांठ पर बधाई संदेश भेजा।
राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की ने एक्स पर पोस्ट कर मुर्मु का आभार जताया और भारत-यूक्रेन सहयोग की प्रतिबद्धता दोहराई।
जेलेंस्की ने रूस के साथ युद्ध के सम्मानजनक समाधान के लिए वैश्विक सहयोग की अपील की।
वर्षगांठ समारोह में जूनियर लेफ्टिनेंट नाज़ारी ग्रिंटसेविच , ओलेक्सी युकोव और स्कूली छात्र स्टेपान चुबेन्को सहित अनेक वीरों को मरणोपरांत राज्य सम्मान दिया गया।
शूटिंग चैंपियन ओलेना कोस्तेविच और गायिका ज्लाटा ओग्नेविच सहित कई विशिष्ट नागरिकों को भी सम्मानित किया गया।

भारत की राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने यूक्रेन की स्वतंत्रता की 35वीं वर्षगांठ पर बधाई संदेश भेजा, जिस पर यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की ने गहरा आभार व्यक्त किया और भारत के साथ द्विपक्षीय सहयोग को और सुदृढ़ करने की प्रतिबद्धता दोहराई। यह कूटनीतिक संवाद ऐसे समय में सामने आया है जब रूस-यूक्रेन युद्ध का समाधान वैश्विक कूटनीति के केंद्र में बना हुआ है।

जेलेंस्की का संदेश और भारत को धन्यवाद

राष्ट्रपति जेलेंस्की ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, 'मुझे खुशी हुई कि भारत की राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने यूक्रेन के लोगों के लिए शुभकामनाएं भेजीं। शांति की कामना के लिए उनका धन्यवाद।' उन्होंने आगे कहा कि 35वीं वर्षगांठ के अवसर पर लाखों यूक्रेनियों का सबसे बड़ा सपना यही है कि रूस का युद्ध सम्मानजनक तरीके से समाप्त हो।

जेलेंस्की ने यह भी कहा, 'यह जरूरी है कि पूरी दुनिया मिलकर इस दिशा में आगे बढ़ने का रास्ता तैयार करने में मदद करे।' उन्होंने स्पष्ट किया कि यूक्रेन, भारत के साथ आपसी हित वाले संवाद और सहयोग को आगे बढ़ाने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।

वर्षगांठ समारोह और राज्य सम्मान

स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर राष्ट्रपति जेलेंस्की ने यूक्रेनी सैनिकों और आम नागरिकों को राज्य सम्मान से नवाज़ा। जिन वीरों को मरणोपरांत सम्मान दिया गया, उनके परिजनों को उन्होंने स्वयं पुरस्कार सौंपे। इसके साथ ही सैन्य इकाइयों को युद्ध ध्वज और 'साहस और वीरता' के मानद सम्मान के रिबन भी प्रदान किए गए।

मरणोपरांत सम्मानित होने वालों में जूनियर लेफ्टिनेंट नाज़ारी ग्रिंटसेविच (ग्रेन्का), 'प्लात्स्डार्म' सर्च ऑर्गेनाइजेशन के प्रमुख ओलेक्सी युकोव और स्कूली छात्र स्टेपान चुबेन्को शामिल थे, जिनकी रूसी लड़ाकों ने हत्या कर दी थी।

अन्य विशिष्ट जनों को सम्मान

जेलेंस्की ने शूटिंग चैंपियन ओलेना कोस्तेविच, बिशप विटाली क्रिवित्स्की, 'सुपरह्यूमन्स' की सीईओ ओल्गा रुडनेवा, कलाकार अनातोली क्रिवोलप और गायिका ज्लाटा ओग्नेविच को भी राज्य सम्मान से सम्मानित किया। यूक्रेन के राष्ट्रपति ने देशवासियों से उन सभी शहीदों को याद करने की अपील की जिन्होंने यूक्रेन की नीले-पीले झंडे और उसकी स्वतंत्रता की रक्षा करते हुए अपने प्राण न्योछावर किए।

भारत-यूक्रेन संबंधों का संदर्भ

गौरतलब है कि भारत ने रूस-यूक्रेन संघर्ष में तटस्थ रुख अपनाया है और बातचीत के ज़रिए शांति स्थापना पर बल दिया है। राष्ट्रपति मुर्मु का बधाई संदेश भारत की उस कूटनीतिक परंपरा के अनुरूप है, जो सभी पक्षों के साथ संवाद बनाए रखने को प्राथमिकता देती है। यह ऐसे समय में आया है जब नई दिल्ली वैश्विक शांति प्रयासों में अपनी भूमिका को और सक्रिय रूप से परिभाषित कर रही है।

आने वाले महीनों में भारत-यूक्रेन के बीच कूटनीतिक और व्यापारिक संवाद की दिशा पर सभी की नज़र रहेगी, विशेषकर तब जब युद्धविराम की संभावनाएं अंतरराष्ट्रीय मंचों पर चर्चा में हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन इसके साथ यह सवाल भी उठता है कि क्या यह तटस्थता वास्तविक शांति-निर्माण में तब्दील होगी या केवल कूटनीतिक शिष्टाचार तक सीमित रहेगी। जेलेंस्की का 'सम्मानजनक शांति' का आह्वान और भारत से सहयोग की अपेक्षा संकेत देती है कि कीव, नई दिल्ली को एक प्रभावशाली आवाज़ के रूप में देखता है — इस अवसर का उपयोग भारत किस हद तक करता है, यही असली कसौटी होगी।
RashtraPress
26 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने यूक्रेन को बधाई क्यों भेजी?
यूक्रेन की स्वतंत्रता की 35वीं वर्षगांठ के अवसर पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने बधाई संदेश भेजा, जो भारत की कूटनीतिक परंपरा के अनुरूप है। इस संदेश में शांति की कामना भी व्यक्त की गई।
जेलेंस्की ने भारत के बारे में क्या कहा?
राष्ट्रपति जेलेंस्की ने एक्स पर पोस्ट कर कहा कि यूक्रेन, भारत के साथ आपसी हित वाले संवाद और सहयोग को आगे बढ़ाने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। उन्होंने मुर्मु की शांति-कामना के लिए विशेष आभार जताया।
यूक्रेन की स्वतंत्रता की 35वीं वर्षगांठ पर क्या-क्या हुआ?
जेलेंस्की ने वर्षगांठ समारोह में सैनिकों और नागरिकों को राज्य सम्मान दिया। मरणोपरांत सम्मानितों के परिजनों को पुरस्कार सौंपे गए और सैन्य इकाइयों को युद्ध ध्वज तथा 'साहस और वीरता' के मानद रिबन प्रदान किए गए।
मरणोपरांत किन्हें सम्मानित किया गया?
जूनियर लेफ्टिनेंट नाज़ारी ग्रिंटसेविच (ग्रेन्का), 'प्लात्स्डार्म' सर्च ऑर्गेनाइजेशन के प्रमुख ओलेक्सी युकोव और स्कूली छात्र स्टेपान चुबेन्को को मरणोपरांत राज्य सम्मान दिया गया। इनकी रूसी लड़ाकों द्वारा हत्या कर दी गई थी।
भारत-यूक्रेन संबंधों की मौजूदा स्थिति क्या है?
भारत ने रूस-यूक्रेन संघर्ष में तटस्थ रुख अपनाते हुए बातचीत से शांति की वकालत की है। राष्ट्रपति मुर्मु का बधाई संदेश और जेलेंस्की की सकारात्मक प्रतिक्रिया दोनों देशों के बीच कूटनीतिक संवाद को जारी रखने की इच्छाशक्ति दर्शाती है।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 11 महीने पहले
  2. 11 महीने पहले
  3. 12 महीने पहले
  4. 1 साल पहले
  5. 1 साल पहले
  6. 1 साल पहले
  7. 1 साल पहले
  8. 1 साल पहले