क्या पीएम मोदी और राष्ट्रपति जेलेंस्की के बीच यूक्रेन संघर्ष के समाधान पर हुई बातचीत?

सारांश
Key Takeaways
- यूक्रेन संघर्ष पर विचार-विमर्श
- भारत का समर्थन शांति प्रयासों के लिए
- बातचीत और कूटनीति की महत्ता
- द्विपक्षीय संबंधों को मजबूत करने की प्रतिबद्धता
- मानवीय पहलू पर ध्यान केंद्रित करना
नई दिल्ली, 30 अगस्त (राष्ट्र प्रेस)। भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की के बीच शनिवार को एक फोन वार्ता का आयोजन किया गया। इस बातचीत के लिए पीएम मोदी ने राष्ट्रपति का आभार व्यक्त किया।
पीएम नरेंद्र मोदी ने राष्ट्रपति जेलेंस्की के साथ वार्ता की जानकारी साझा करते हुए सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर पोस्ट किया कि मैंने राष्ट्रपति जेलेंस्की से बात करने के लिए धन्यवाद किया। हमने चल रहे संघर्ष, उसके मानवीय पहलू और शांति तथा स्थिरता बहाल करने के प्रयासों पर विचारों का आदान-प्रदान किया। भारत इस दिशा में सभी प्रयासों को पूर्ण समर्थन देता है।
इस बीच, विदेश मंत्री एस जयशंकर ने फिनलैंड की विदेश मंत्री एलिना वाल्टोनन से चर्चा की। इस संदर्भ में जयशंकर ने 'एक्स' पर बताया कि आज फिनलैंड की विदेश मंत्री के साथ टेलीकॉन्फिगरेशन हुआ। हमारी चर्चा यूक्रेन संघर्ष और उसके परिणामों पर केंद्रित रही। इस मामले में भारत को अनुचित रूप से निशाना नहीं बनाया जाना चाहिए। हमने हमेशा बातचीत और कूटनीति की वकालत की है।
इससे पूर्व, पीएम मोदी ने 11 अगस्त को राष्ट्रपति जेलेंस्की से फोन पर बातचीत की थी, जिसमें उन्होंने यूक्रेन में संघर्ष के शांतिपूर्ण समाधान और शीघ्र शांति बहाली के लिए भारत की दृढ़ स्थिति को दोहराया था।
उन्होंने कहा था कि राष्ट्रपति जेलेंस्की से बात करके और हाल के घटनाक्रमों पर उनके विचार जानकर मुझे खुशी हुई। मैंने संघर्ष के शीघ्र और शांतिपूर्ण समाधान की आवश्यकता पर भारत की दृढ़ स्थिति से उन्हें अवगत कराया। भारत इस संदर्भ में हर संभव योगदान देने के लिए प्रतिबद्ध है।
राष्ट्रपति जेलेंस्की ने कहा था कि मैंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ लंबी बातचीत की। हमने द्विपक्षीय सहयोग और समग्र कूटनीतिक स्थिति सहित सभी महत्वपूर्ण मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की। मैं प्रधानमंत्री का हमारे लोगों के प्रति उनके गर्मजोशी भरे समर्थन के लिए आभारी हूं।