सूडान में ड्रोन हमलों से भारी तबाही, संयुक्त राष्ट्र ने की कड़ी निंदा; बच्चों समेत दर्जनों नागरिक मारे गए
सारांश
मुख्य बातें
संयुक्त राष्ट्र ने सूडान में रिहायशी इलाकों और महत्वपूर्ण बुनियादी ढाँचों को निशाना बनाकर किए जा रहे ड्रोन हमलों की कड़ी निंदा की है। 21 अक्टूबर 2026 को जिनेवा में संयुक्त राष्ट्र महासचिव के प्रवक्ता स्टीफन दुजारिक ने कहा कि ये हमले उन समुदायों के लिए 'विनाशकारी' हैं, जो तीन साल से भी अधिक समय से जारी संघर्ष की मार झेल रहे हैं। हाल के दिनों में खार्तूम, वेस्ट कोर्डोफान, दक्षिण दारफुर और व्हाइट नाइल राज्यों में हुए ड्रोन हमलों में कई नागरिकों की जान गई है।
ताज़ा हमलों का घटनाक्रम
रविवार को वेस्ट कोर्डोफान राज्य के अल दिबाब इलाके में एक बाज़ार पर ड्रोन हमले में कई लोगों के मारे जाने की पुष्टि हुई। सोमवार को खार्तूम में एक रिहायशी इलाके पर ड्रोन गिरने से दो से छह वर्ष की आयु के तीन बच्चों और उनके पिता की मौत हो गई।
उसी दिन दक्षिण दारफुर राज्य की राजधानी न्याला में एक रिहायशी मकान पर ड्रोन हमला हुआ, जिसमें कई नागरिक हताहत हुए और आसपास के घरों को भी नुकसान पहुँचा। मंगलवार को व्हाइट नाइल राज्य के टेंडल्टी शहर में ड्रोन हमलों ने मुख्य बिजली स्टेशन को क्षतिग्रस्त कर दिया।
अबेई क्षेत्र में भी हमले, 28 नागरिकों की मौत
दुजारिक ने बताया कि संयुक्त राष्ट्र सूडान और दक्षिण सूडान के बीच स्थित अबेई क्षेत्र में दक्षिणी सीमा के पार हुए ड्रोन हमलों की भी निंदा करता है। सोमवार को अमीट मार्केट और टोडाच में हुए इन हमलों में 28 नागरिक मारे गए, कई घायल हुए और कुछ लोगों का अभी तक पता नहीं चल पाया है।
यह ऐसे समय में आया है जब सूडान में गृहयुद्ध को तीन वर्ष से अधिक हो चुके हैं और मानवीय स्थिति दिन-ब-दिन बदतर होती जा रही है।
संयुक्त राष्ट्र की प्रतिक्रिया और अंतरराष्ट्रीय कानून
प्रवक्ता दुजारिक ने स्पष्ट किया, 'अंतरराष्ट्रीय मानवीय कानून के तहत नागरिकों और नागरिक बुनियादी ढाँचे की सुरक्षा की जानी चाहिए। सभी पक्षों को सैन्य अभियानों के दौरान नागरिकों और नागरिक संपत्तियों को नुकसान से बचाने के लिए लगातार सावधानी बरतनी चाहिए।'
गौरतलब है कि यह पहली बार नहीं है जब संयुक्त राष्ट्र ने सूडान में नागरिकों पर हमलों की निंदा की हो। संगठन कई बार युद्धरत पक्षों — सूडानी सशस्त्र बलों और रैपिड सपोर्ट फोर्सेज (RSF) — से संयम बरतने का आग्रह कर चुका है।
जिनेवा में शांति बैठक, दोनों पक्ष अनुपस्थित
इस बीच, संयुक्त राष्ट्र महासचिव के निजी दूत पेक्का हाविस्तो जिनेवा में आयोजित छठी परामर्श बैठक में भाग ले रहे हैं, जिसका उद्देश्य सूडान में शांति प्रयासों के बीच समन्वय बढ़ाना और हालिया घटनाक्रमों पर साझा समझ बनाना है।
हालाँकि, दुजारिक ने स्पष्ट किया कि इस बैठक में न तो सूडानी सरकार और न ही RSF का कोई प्रतिनिधि शामिल होगा, क्योंकि यह मंच मूल रूप से मध्यस्थों के बीच समन्वय के लिए बनाया गया था।
आम नागरिकों पर असर और आगे की राह
तीन साल से अधिक समय से जारी इस संघर्ष ने सूडान की आबादी को गहरी तकलीफ में डाल दिया है। बुनियादी ढाँचे — जैसे बिजली स्टेशन, बाज़ार और रिहायशी इमारतें — को निशाना बनाए जाने से आम जनता की मुश्किलें बढ़ती जा रही हैं। आलोचकों का कहना है कि जब तक युद्धरत पक्ष सीधे वार्ता में नहीं बैठते, तब तक ऐसी बैठकें प्रभावी समाधान नहीं दे सकतीं।
संयुक्त राष्ट्र की निंदा और जिनेवा बैठक के नतीजों पर अब अंतरराष्ट्रीय समुदाय की नज़र टिकी है — यह देखना बाकी है कि क्या कूटनीतिक दबाव सूडान में जारी हिंसा को रोक पाएगा।