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चीन के प्रभुत्व को रोकने के लिए अमेरिका की नई सैन्य रणनीति: कोल्बी

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चीन के प्रभुत्व को रोकने के लिए अमेरिका की नई सैन्य रणनीति: कोल्बी

सारांश

पेंटागन के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि अमेरिका की नई रक्षा रणनीति का लक्ष्य हिंद-प्रशांत क्षेत्र में चीन के प्रभाव को सीमित करना है, जिससे वैश्विक रणनीतिक संतुलन में महत्वपूर्ण परिवर्तन की संभावना है।

मुख्य बातें

हिंद-प्रशांत क्षेत्र पर अमेरिका का ध्यान बढ़ रहा है।
चीन के प्रभुत्व को रोकने के लिए नई रक्षा रणनीति बनाई गई है।
फर्स्ट आइलैंड चेन की सुरक्षा पर ध्यान दिया जा रहा है।
अमेरिका सहयोगियों के साथ सामूहिक सुरक्षा बढ़ाने की योजना बना रहा है।
संघर्ष से बचने के लिए शांति का मार्ग अपनाने की आवश्यकता है।

वाशिंगटन, ६ मार्च (राष्ट्र प्रेस)। पेंटागन के एक शीर्ष अधिकारी ने सांसदों को बताया कि संयुक्त राज्य अमेरिका की नई रक्षा रणनीति का मुख्य उद्देश्य हिंद-प्रशांत क्षेत्र में चीन के प्रभुत्व को रोकना है। इस बात से स्पष्ट होता है कि वाशिंगटन इस क्षेत्र पर अपनी बढ़ती रणनीतिक प्राथमिकता को समझ रहा है।

रक्षा नीति के अंडरसेक्रेटरी एल्ब्रिज कोल्बी ने कांग्रेस के सदस्यों को बताया कि आर्थिक और रणनीतिक महत्व के कारण हिंद-प्रशांत अब अमेरिकी सैन्य योजनाओं में सबसे महत्वपूर्ण क्षेत्र बन गया है।

कोल्बी ने सुनवाई के दौरान कहा, “यह रणनीति हमारे सैन्य प्रयासों को इस पर केंद्रित करती है कि हिंद-प्रशांत क्षेत्र (जो कि दुनिया का सबसे बड़ा बाजार है) में शक्ति का संतुलन बनाए रखा जाए।”

उन्होंने स्पष्ट किया कि वाशिंगटन का उद्देश्य बीजिंग के साथ टकराव नहीं है, बल्कि किसी एक शक्ति को इस क्षेत्र में प्रभुत्व स्थापित करने से रोकना है।

कोल्बी ने कहा, “हम समझते हैं कि चीन एक बहुत शक्तिशाली देश है जो असाधारण स्तर पर सैन्य विस्तार कर रहा है। साथ ही, हम यह स्पष्ट करना चाहते हैं कि हम चीन के साथ संघर्ष नहीं चाहते हैं। वास्तव में, हम इससे बचना चाहते हैं।”

अमेरिका का लक्ष्य इस क्षेत्र में पूर्ण प्रभुत्व स्थापित करना नहीं है, बल्कि शक्ति संतुलन बनाए रखकर क्षेत्रीय स्थिरता सुनिश्चित करना है। उन्होंने कहा, “हम चीन को कमजोर करने या उसके शासन में बदलाव लाने की कोशिश नहीं कर रहे हैं। हमारा उद्देश्य यह है कि चीन हिंद-प्रशांत का प्रभुत्वशाली देश न बन सके।”

पेंटागन के अनुसार, यह रणनीति “फर्स्ट आइलैंड चेन” के साथ संभावित आक्रामकता को रोकने पर केंद्रित है। यह एक महत्वपूर्ण रणनीतिक रेखा है जो जापान से ताइवान और फिलीपींस तक फैली हुई है।

कोल्बी ने कहा, “फर्स्ट आइलैंड चेन के साथ प्रभावी रक्षा व्यवस्था बनाए रखना अमेरिकी सशस्त्र बलों का मुख्य लक्ष्य है।”

उन्होंने कहा कि यह रणनीति अमेरिकी रक्षा योजना में एक व्यापक बदलाव को दर्शाती है, जिसमें हिंद-प्रशांत को प्राथमिकता दी जा रही है और सहयोगी देशों को क्षेत्रीय सुरक्षा में अधिक भूमिका निभाने के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है।

उन्होंने कहा, “अमेरिकी सेना भले ही दुनिया में बेजोड़ हो, लेकिन उसके संसाधन असीमित नहीं हैं। संभावित विरोधी अपनी ताकत और क्षमताओं को लगातार बढ़ा रहे हैं।”

कोल्बी ने कहा कि वाशिंगटन एशिया और यूरोप के साझेदार देशों से रक्षा खर्च बढ़ाने और सामूहिक सुरक्षा में अधिक योगदान देने की अपेक्षा कर रहा है।

उन्होंने कहा, “हम इन समृद्ध और सक्षम सहयोगी देशों से सामूहिक रक्षा में योगदान देने का आग्रह कर रहे हैं।” रणनीति में जापान, ऑस्ट्रेलिया और दक्षिण कोरिया जैसे सहयोगियों के साथ सहयोग को मजबूत करने पर जोर दिया गया है ताकि क्षेत्रीय स्थिरता बनाए रखी जा सके और संभावित आक्रामकता को रोका जा सके।

सुनवाई के दौरान दोनों दलों के सांसदों ने यह सवाल उठाया कि अमेरिका चीन पर ध्यान केंद्रित करते हुए मध्य पूर्व सहित अन्य क्षेत्रों में चल रहे सैन्य अभियानों को कैसे संभालेगा। कोल्बी ने प्रशासन की रणनीति का बचाव करते हुए कहा कि हाल के सैन्य अभियान अमेरिकी सेना की प्रभावशीलता को दर्शाते हैं।

उन्होंने कहा, “कांग्रेस के समर्थन से अमेरिकी सेना दुनिया की सबसे श्रेष्ठ और बेजोड़ युद्ध शक्ति बनी रहेगी, जिसने हाल के महीनों में अपने कौशल का प्रभावशाली प्रदर्शन किया है।”

उन्होंने “मिडनाइट हैमर,” “एब्सोल्यूट रिज़ॉल्व,” और “एपिक फ्यूरी” जैसे अभियानों का उल्लेख किया। इस रणनीति का उद्देश्य संभावित विरोधियों को अमेरिकी सेना की ताकत का एहसास कराना है ताकि वे संघर्ष से बचें।

कोल्बी ने कहा कि हम उम्मीद करते हैं कि हमारे संभावित विरोधी अमेरिका की बेजोड़ और अत्यंत शक्तिशाली सशस्त्र सेनाओं तथा हमारे सहयोगियों की सक्षम सेनाओं को देखकर यह निष्कर्ष निकालेंगे कि शांति और संयम ही उनके लिए बेहतर रास्ता है।

संपादकीय दृष्टिकोण

जिसमें हिंद-प्रशांत क्षेत्र को प्राथमिकता दी जा रही है। यह स्पष्ट है कि अमेरिका एशिया में चीन के बढ़ते प्रभाव को सीमित करने के लिए गंभीर है।
RashtraPress
30 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

संयुक्त राज्य अमेरिका की नई रक्षा रणनीति का मुख्य उद्देश्य क्या है?
इसका मुख्य उद्देश्य हिंद-प्रशांत क्षेत्र में चीन के प्रभुत्व को रोकना है।
क्या अमेरिका का लक्ष्य चीन के साथ टकराव है?
नहीं, अमेरिका का उद्देश्य किसी एक शक्ति को प्रभुत्व स्थापित करने से रोकना है।
फर्स्ट आइलैंड चेन क्या है?
यह एक महत्वपूर्ण रणनीतिक रेखा है जो जापान से ताइवान और फिलीपींस तक फैली हुई है।
अमेरिका को किस प्रकार के सहयोगियों की आवश्यकता है?
अमेरिका को समृद्ध और सक्षम सहयोगियों की आवश्यकता है जो सामूहिक रक्षा में योगदान कर सकें।
क्या अमेरिका अन्य क्षेत्रों में चल रहे सैन्य अभियानों को संभाल सकता है?
हाँ, पेंटागन का मानना है कि हाल के अभियानों ने इसकी प्रभावशीलता को दर्शाया है।
राष्ट्र प्रेस
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