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अफगानिस्तान की गलत हिरासत पर अमेरिका ने उठाया कदम

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अफगानिस्तान की गलत हिरासत पर अमेरिका ने उठाया कदम

सारांश

अमेरिका ने अफगानिस्तान को एक ऐसा देश बताया है जो गलत तरीके से लोगों को हिरासत में लेता है। अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने तालिबान पर आरोप लगाया कि वे विदेशी नागरिकों को बंधक बना रहे हैं। जानें इस मामले में क्या हैं नए घटनाक्रम।

मुख्य बातें

अफगानिस्तान को गलत हिरासत में लेने वाला देश घोषित किया गया।
मार्को रुबियो ने तालिबान पर गंभीर आरोप लगाए।
अमेरिकियों के लिए अफगानिस्तान की यात्रा अब सुरक्षित नहीं।
तालिबान से कैदियों की रिहाई की मांग की गई।
अमेरिका का अफगानिस्तान के प्रति सख्त रवैया।

वाशिंगटन, 10 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। अमेरिका ने अफगानिस्तान को 'गलत तरीके से लोगों को कैद' करने वाला एक राष्ट्र घोषित किया है। अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने तालिबान पर यह आरोप लगाया है कि वे अपने हितों को साधने के लिए अमेरिकी और अन्य विदेशी नागरिकों को बंदी बना रहे हैं

रुबियो ने स्पष्ट किया कि वाशिंगटन तालिबान के होस्टेज डिप्लोमेसी को स्वीकार नहीं करेगा। उन्होंने कहा, "आज, मैं अफगानिस्तान को गलत तरीके से हिरासत में लेने वाले देश के रूप में घोषित कर रहा हूं।"

उन्होंने तालिबान पर राजनीतिक लाभ के लिए लोगों को हिरासत में रखने का आरोप लगाया। रुबियो ने कहा, "तालिबान आतंकवादी तरीकों का सहारा लेते हुए, लोगों का अपहरण कर रहा है या नीति में छूट की मांग कर रहा है। इन घटिया तरीकों को समाप्त करने की आवश्यकता है।"

यह घोषणा अफगानिस्तान में अमेरिकियों की निरंतर हिरासत की स्थिति को उजागर करने और तालिबानी शासन पर उन्हें रिहा करने का दबाव बनाने के लिए की गई है। रुबियो ने कहा कि यह स्थिति उन अमेरिकियों के लिए भी खतरे का संकेत है जो देश की यात्रा करना चाहते हैं।

उन्होंने कहा, "अमेरिकियों के लिए अफगानिस्तान की यात्रा अब सुरक्षित नहीं है क्योंकि तालिबान हमारे साथी अमेरिकियों और अन्य विदेशी नागरिकों को गलत तरीके से हिरासत में लेने का सिलसिला जारी रखे हुए है।"

अमेरिकी विदेश मंत्री ने विशेष रूप से कई कैदियों की तुरंत रिहाई की मांग की।

रुबियो ने कहा, "तालिबान को डेनिस कोयल, महमूद हाबीबी और अफगानिस्तान में गलत तरीके से हिरासत में लिए गए सभी अमेरिकियों को अब रिहा करना चाहिए और बंधक बनाने की डिप्लोमेसी को हमेशा के लिए समाप्त करने का वादा करना चाहिए।"

अमेरिकी राज्य विभाग ने इस कदम को उन सरकारों या अधिकारियों के खिलाफ एक महत्वपूर्ण प्रयास के रूप में बताया है जो राजनीतिक लाभ के लिए विदेशियों को हिरासत में लेते हैं। अमेरिकी अधिकारियों ने बार-बार चेतावनी दी है कि जिन देशों के साथ डिप्लोमैटिक संबंध कम हैं, वहां जाने वाले अमेरिकियों को मनमानी हिरासत का अधिक खतरा होता है।

यह नाम तालिबान अधिकारियों के प्रति अमेरिका के सख्त रवैये का भी संकेत देता है, जिन्होंने अगस्त 2021 में काबुल पर कब्जा करने के बाद से अफगानिस्तान पर शासन किया है। अमेरिका तालिबान सरकार को औपचारिक रूप से मान्यता नहीं देता है, लेकिन मानवीय और सुरक्षा मुद्दों पर सीमित डिप्लोमैटिक चैनलों के माध्यम से बातचीत जारी रखता है।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

अमेरिका ने अफगानिस्तान को क्यों प्रतिबंधित किया?
अमेरिका ने अफगानिस्तान को गलत तरीके से लोगों को हिरासत में लेने के कारण प्रतिबंधित किया है।
तालिबान पर क्या आरोप लगाए गए हैं?
तालिबान पर आरोप हैं कि वे राजनीतिक लाभ के लिए अमेरिकी और अन्य विदेशी नागरिकों को बंधक बना रहे हैं।
इस स्थिति का क्या प्रभाव है?
यह स्थिति अफगानिस्तान में अमेरिकी नागरिकों के लिए यात्रा सुरक्षा को खतरे में डालती है।
अमेरिकी विदेश मंत्री ने क्या कहा?
अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने तालिबान को बंधक बनाने की डिप्लोमेसी को खत्म करने की मांग की है।
अफगानिस्तान में कैदियों की रिहाई के लिए क्या कदम उठाए गए हैं?
रुबियो ने तालिबान से कई कैदियों की तुरंत रिहाई की मांग की है।
राष्ट्र प्रेस
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