ईरान की अमेरिकी अधिकारियों पर साजिशें अंतिम चरण में: खुफिया प्रमुख की रुबियो को चेतावनी
सारांश
मुख्य बातें
अमेरिका के नेशनल इंटेलिजेंस के डायरेक्टर जे क्लेटन ने 23 अक्टूबर 2026 को विदेश मंत्री मार्को रुबियो को एक अनक्लासिफाइड मेमो के ज़रिए आगाह किया है कि ईरान ने अमेरिकी अधिकारियों को निशाना बनाने की कोशिशें काफी तेज़ कर दी हैं और कुछ जानलेवा साजिशें मध्य पूर्व तथा अन्य देशों में अपने अंतिम चरण तक पहुँच चुकी हैं। इस चेतावनी के बाद वाशिंगटन ने सऊदी अरब समेत कई देशों में अपने दूतावासों से गैर ज़रूरी कर्मचारियों को वापस बुला लिया है।
मेमो में क्या है
रिपोर्टों के अनुसार, एक पन्ने के इस अनक्लासिफाइड मेमो की एक प्रति सीआईए डायरेक्टर जॉन रैटक्लिफ को भी भेजी गई थी। मेमो में स्पष्ट किया गया है कि जानलेवा साजिशें मध्य पूर्व और कुछ अन्य देशों में काफी आगे के चरण तक पहुँच चुकी हैं, हालाँकि मेमो में लक्षित व्यक्तियों या देशों के नाम नहीं बताए गए हैं और न ही साजिशों के स्वरूप का ब्यौरा दिया गया है।
यह खुफिया जानकारी पहले ही स्टेट डिपार्टमेंट के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ साझा की जा चुकी थी। डायरेक्टर क्लेटन ने इसे और अधिक कर्मियों तक पहुँचाने के लिए इसके क्लासिफिकेशन स्तर को कम करने का प्रस्ताव दिया। एक अमेरिकी अधिकारी ने इस मेमो के अस्तित्व की पुष्टि की है।
दूतावासों में कर्मचारियों की वापसी
इस हफ्ते की शुरुआत में विदेश विभाग ने रियाद स्थित अमेरिकी दूतावास और जेद्दा तथा दहरान के वाणिज्य दूतावासों से गैर ज़रूरी कर्मचारियों को वापस बुलाने का आदेश दिया। इसके बाद शुक्रवार को संयुक्त अरब अमीरात (यूएई), लेबनान, कतर और जॉर्डन में स्थित अमेरिकी दूतावासों में भी स्टाफ की संख्या कम की गई।
रिपोर्टों के मुताबिक यह कटौती बहरीन और कुवैत तक भी पहुँच गई है। सूत्रों के अनुसार राजनयिकों ने इस पूरी प्रक्रिया को "अराजक" बताया है। स्टेट डिपार्टमेंट के प्रवक्ता टॉमी पिगॉट ने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर कहा कि वापसी का आदेश "केवल सऊदी अरब" के लिए लागू है।
अधिकारियों की प्रतिक्रिया
एक अमेरिकी अधिकारी ने कहा, "जब दूतावासों में हमारे स्टाफ की बात आती है, तो हम सुरक्षा माहौल के बारे में नई जानकारी का लगातार आकलन करते रहते हैं। हूती हमलों का खतरा और अमेरिकी अधिकारियों को निशाना बनाने की ईरानी आतंकी साजिशें, इस क्षेत्र में 'आरओ स्टेटस' (सीमित परिचालन स्थिति) वाले दूतावासों में स्टाफ की संख्या में बदलाव करने के हमारे फैसलों को प्रभावित कर रही हैं।"
यह चेतावनी ऐसे समय में आई है जब अमेरिकी सेना, रिपोर्टों के अनुसार, मध्य पूर्व में अपने ठिकानों पर चुपचाप सैनिकों की तैनाती भी कम कर रही है।
ट्रंप की सैन्य चेतावनी
राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने शुक्रवार को फ्लोरिडा में एक रैली को संबोधित करते हुए सैन्य विकल्प खुला रखने का संकेत दिया। उन्होंने कहा, "हम शायद एक और छोटा 'ऑपरेशन एपिक फ्यूरी' चलाएं, या फिर ईरानी मान जाएं।" यह बयान ऐसे समय में आया है जब मध्य पूर्व में कूटनीतिक और सुरक्षा तनाव एक साथ बढ़ रहे हैं।
गौरतलब है कि यह स्थिति अमेरिका ईरान संबंधों में एक नई और गंभीर परत जोड़ती है। आने वाले दिनों में वाशिंगटन के अगले कदम और क्षेत्रीय दूतावासों की सुरक्षा व्यवस्था पर सभी की नज़रें टिकी रहेंगी।