क्या ईरान ने ट्रंप को धमकी दी है, तस्वीर के जरिए?
सारांश
Key Takeaways
- ईरान की तस्वीर के माध्यम से ट्रंप को चेतावनी
- ब्रिटेन ने दूतावास बंद किया
- तनावपूर्ण स्थिति में कूटनीति की आवश्यकता
- अमेरिका की सैन्य कार्रवाई की चेतावनी
- ईरान का बातचीत का संकेत
तेहरान, 15 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। ईरान की मौजूदा स्थिति बेहद चिंताजनक है। अमेरिका की संभावित सैन्य कार्रवाई के बीच, ईरान ने भी सख्त प्रतिक्रिया दी है। एक तस्वीर के माध्यम से, ईरान ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को चेतावनी दी है।
इस बीच, ब्रिटेन ने तनावपूर्ण हालात में तेहरान में अपने दूतावास को कुछ समय के लिए बंद करने का निर्णय लिया है। सभी डिप्लोमैटिक स्टाफ को भी वापस बुला लिया गया है। ब्रिटेन के फॉरेन ऑफिस ने कहा, “हमने तेहरान में ब्रिटिश दूतावास को कुछ समय के लिए बंद कर दिया है। यह अब रिमोटली ऑपरेट होगा।”
ईरान ने 2024 में पेन्सिलवेनिया में ट्रंप पर हुए जानलेवा हमले की एक तस्वीर जारी की, जिसमें उन्हें एक कैंपेन रैली में निशाना बनाते हुए दिखाया गया है। साथ ही यह चेतावनी दी गई, “इस बार निशाना चूकेगा नहीं।”
फारसी से अनुवादित इस संदेश की तस्वीरें कई मीडिया रिपोर्ट्स के माध्यम से तेजी से फैल गईं और ईरान के सरकारी टेलीविजन पर भी दिखाई गईं। यह ब्रॉडकास्ट ट्रंप की बार-बार दी गई चेतावनियों के बाद आया है।
अमेरिकी राष्ट्रपति ने ट्रूथ सोशल पर एक पोस्ट में कड़ी चेतावनी दी थी। उन्होंने लिखा, “अगर ईरान शांति से विरोध करने वालों को मारता है तो अमेरिका उनकी मदद के लिए आएगा। हम आगे बढ़ने के लिए तैयार हैं।”
ईरानी मीडिया ने जिस तस्वीर का उपयोग किया, वह जुलाई 2024 में पेन्सिलवेनिया के बटलर में ट्रंप पर हुए जानलेवा हमले की थी। उस समय एक बंदूकधारी ने स्टेज पर गोलियां चलाई थीं, जो ट्रंप के कान को छूते हुए निकल गई थीं। इस घटना ने अमेरिका को चौंका दिया था।
हाल के दिनों में, ईरान और यूरोपीय देशों के बीच डिप्लोमैटिक रिश्ते और खराब हुए हैं। अमेरिका द्वारा सैन्य कार्रवाई की चेतावनी के बाद, ईरान ने अपने एयरस्पेस को बंद कर दिया है।
बढ़ते तनाव के बावजूद, ईरानी विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने एक इंटरव्यू में कहा है कि ईरान बातचीत के लिए तैयार है, और पिछले दो दशकों से उसने यही रुख अपनाया है। उन्होंने सुझाव दिया है कि कूटनीति युद्ध से कहीं बेहतर है। अराघची ने वाशिंगटन से सैन्य कार्रवाई के बजाय बातचीत से समाधान निकालने की अपील की है।