ईरान ने रूबियो के 'हत्या साज़िश' दावे को बताया बेतुका, बाघेई बोले- 'हर आरोप एक स्वीकारोक्ति'
सारांश
मुख्य बातें
तेहरान ने अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रूबियो के उस दावे को सिरे से खारिज कर दिया, जिसमें उन्होंने आरोप लगाया था कि ईरानी एजेंटों ने अमेरिकी राजनेताओं — यहाँ तक कि राष्ट्रपति तक — की हत्या की साज़िश रची थी। ईरानी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बाघेई ने इन आरोपों को 'बेतुका और बेबुनियाद' बताते हुए इसे 'युद्ध अपराधों से ध्यान भटकाने की कोशिश' करार दिया।
रूबियो ने सबकमेटी के सामने क्या कहा
रूबियो ने मंगलवार को राष्ट्रीय सुरक्षा, विदेश विभाग और संबंधित कार्यक्रमों पर बनी हाउस एप्रोप्रियेशन्स सबकमेटी के सामने यह टिप्पणी की। उन्होंने कथित तौर पर कहा कि कुछ व्यक्तियों को ऐसी साज़िशों में शामिल होने के आरोप में दोषी ठहराया गया है, जिनमें अमेरिकी धरती पर राजनीतिक नेताओं की हत्या की कथित योजना भी शामिल है।
तेहरान की तीखी प्रतिक्रिया
बाघेई ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर रूबियो के बयान का वीडियो साझा करते हुए लिखा, ‘हर आरोप एक स्वीकारोक्ति है।’ उन्होंने आगे कहा, ‘खुद को पीड़ित दिखाने की कोशिश ईरान के खिलाफ किए गए युद्ध अपराधों और मानवता के खिलाफ अपराधों को छुपा नहीं सकती।’
ईरानी पक्ष ने इन दावों को राजनीतिक रूप से प्रेरित बताते हुए कहा कि अमेरिका अंतरराष्ट्रीय मंच पर अपनी छवि सुधारने के लिए ऐसे आरोपों का सहारा ले रहा है। तेहरान ने यह भी दावा किया कि अमेरिकी बलों ने क्षेत्र में सैन्य कार्रवाइयों के दौरान नागरिकों को निशाना बनाया है।
मिनाब स्कूल हमले का ज़िक्र
अपने बयान में ईरान ने हाल की घटनाओं का उल्लेख करते हुए कहा कि 28 फरवरी को मिनाब में एक स्कूल पर हुए मिसाइल हमले में 170 से अधिक बच्चों और शिक्षकों की मौत हुई थी। तेहरान ने इस घटना को ‘मानवाधिकार उल्लंघनों’ का उदाहरण बताया।
सीजफायर पर तनाव और जवाबी हमले
यह बयानबाज़ी ऐसे समय में हो रही है जब दोनों पक्ष एक-दूसरे पर सीजफायर के नियम तोड़ने का आरोप लगा रहे हैं। बुधवार को कुवैत के हवाई अड्डे पर हमले में एक व्यक्ति की मौत हुई। आईआरजीसी ने बयान जारी कर कहा कि उसने अमेरिकी प्रतिष्ठानों और उनकी मदद करने वाले देश के खिलाफ जवाबी कार्रवाई की है। संगठन का आरोप है कि अमेरिकी बलों ने केश्म द्वीप के दक्षिणी हिस्से में स्थित उसके एक संचार टॉवर पर हवाई हमला किया था।
आईआरजीसी के अनुसार, उसकी एयरोस्पेस फोर्स ने क्षेत्र के एक देश में मौजूद अमेरिकी हवाई एवं हेलीकॉप्टर अड्डे तथा अमेरिकी पाँचवें बेड़े के मुख्यालय पर मिसाइल और ड्रोन हमले किए। हालाँकि ईरान ने उस देश का नाम सार्वजनिक नहीं किया। आने वाले दिनों में दोनों देशों की कूटनीतिक और सैन्य गतिविधियों पर वैश्विक नज़रें टिकी रहेंगी।