अमेरिकी कांग्रेस में SACRED एक्ट पेश: हिंदू मंदिरों समेत सभी पूजा स्थलों को 100 फीट के दायरे में सुरक्षा का प्रावधान
सारांश
मुख्य बातें
अमेरिकी कांग्रेस में 28 अप्रैल 2026 को एक महत्वपूर्ण विधेयक पेश किया गया, जिसका उद्देश्य हिंदू मंदिरों, मस्जिदों, चर्चों और यहूदी प्रार्थना स्थलों समेत सभी धार्मिक स्थलों को उत्पीड़न और धमकी से बचाना है। 'सेफगार्डिंग एक्सेस टू कांग्रेगेशन्स एंड रिलीजियस एस्टैब्लिशमेंट्स फ्रॉम डिसरप्शन' यानी SACRED एक्ट नाम के इस प्रस्ताव को डेमोक्रेट सांसद टॉम सुओजी ने पेश किया और रिपब्लिकन सांसद मैक्स मिलर ने इसमें उनका साथ दिया। यह विधेयक ऐसे समय में आया है जब अमेरिका में धार्मिक अल्पसंख्यकों के विरुद्ध घृणा अपराधों में चिंताजनक वृद्धि दर्ज की जा रही है।
SACRED एक्ट में क्या है प्रावधान
इस विधेयक के तहत किसी भी पूजा स्थल के 100 फीट के दायरे में श्रद्धालुओं को डराना, रास्ता रोकना या किसी भी प्रकार से परेशान करना संघीय अपराध माना जाएगा। पहली बार दोषी पाए जाने पर जुर्माना या एक वर्ष तक की कारावास की सज़ा हो सकती है। यदि वही व्यक्ति दोबारा ऐसा अपराध करता है, तो सज़ा और कड़ी होगी — जिसमें तीन वर्ष तक की जेल भी शामिल है।
इसके अतिरिक्त, यह बिल पीड़ितों को दीवानी (सिविल) मुकदमा दर्ज करने का अधिकार देता है। अमेरिका के अटॉर्नी जनरल समेत संबंधित अधिकारी ऐसे मामलों में न्यायिक रोक लगाने और पीड़ितों को मुआवज़ा दिलाने के लिए हस्तक्षेप कर सकते हैं।
सांसदों ने क्या कहा
सुओजी ने कहा,