6जी और सैटेलाइट नियमों में चीन से पिछड़ सकता है अमेरिका, दो सीनेटरों ने ट्रंप प्रशासन को चेताया
सारांश
मुख्य बातें
अमेरिकी सीनेट के दो द्विदलीय सांसदों — डेमोक्रेटिक सीनेटर रूबेन गैलेगो (एरिजोना) और रिपब्लिकन सीनेटर जिम बैंक्स (इंडियाना) — ने विदेश मंत्री मार्को रुबियो को चेतावनी दी है कि यदि ट्रंप प्रशासन ने तत्काल कदम नहीं उठाए, तो चीन वैश्विक 6जी और सैटेलाइट संचार के अंतरराष्ट्रीय नियम-निर्माण में रणनीतिक बढ़त हासिल कर सकता है। दोनों सांसदों ने 29 सितंबर 2026 को लिखे एक पत्र में 30 नवंबर से पहले अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल के प्रमुख की नियुक्ति की माँग की है।
WRC-27 सम्मेलन और दाँव पर क्या है
2027 का वर्ल्ड रेडियोकम्युनिकेशन कॉन्फ्रेंस (WRC-27) अक्टूबर-नवंबर 2027 में चीन के शंघाई में आयोजित होगा, जिसमें अमेरिका समेत 194 सदस्य देश भाग लेंगे। यह सम्मेलन अंतरराष्ट्रीय दूरसंचार संघ (ITU) — संयुक्त राष्ट्र की एक विशेष एजेंसी — द्वारा आयोजित किया जाता है। इसके फैसले तय करेंगे कि विभिन्न देश अगली पीढ़ी के मोबाइल नेटवर्क, सैटेलाइट और वायरलेस सेवाओं के लिए रेडियो स्पेक्ट्रम का आवंटन किस तरह करेंगे।
सीनेटरों ने अपने पत्र में लिखा, 'मेजबान होने के कारण चीन को घरेलू मैदान का फायदा मिलेगा और वह स्पेक्ट्रम तथा तकनीकी मानकों को ऐसी दिशा में ले जाने की कोशिश कर सकता है, जिससे चीनी कम्युनिस्ट पार्टी और उससे जुड़ी कंपनियों, जैसे हुआवेई, के हितों को लाभ पहुंचे।'
6जी मानकों पर विशेष चिंता
सांसदों का कहना है कि 6जी से जुड़े फैसले विशेष रूप से महत्वपूर्ण हैं, क्योंकि अगली पीढ़ी की वायरलेस तकनीक के मानक अभी विकसित किए जा रहे हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि हुआवेई के समर्थन वाले प्रस्ताव इन मानकों को प्रभावित कर सकते हैं — इससे पहले कि अमेरिका और उसके साझेदार कोई साझा विकल्प तैयार कर पाएं। यह ऐसे समय में आया है जब गैर-भूस्थिर सैटेलाइट नेटवर्कों का तेजी से विस्तार हो रहा है, जिससे रेडियो स्पेक्ट्रम के अंतरराष्ट्रीय समन्वय की अहमियत और बढ़ गई है।
2023 सम्मेलन से सबक और प्रतिनिधिमंडल की चुनौती
गौरतलब है कि 2023 के वर्ल्ड रेडियोकम्युनिकेशन कॉन्फ्रेंस की तैयारियों के दौरान अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल के प्रमुख को आखिरी समय में बदल दिया गया था। सीनेटरों के अनुसार, पूर्व प्रतिनिधिमंडल सदस्यों ने बताया कि इस बदलाव के कारण अमेरिका का काफी समय बर्बाद हुआ, जो क्षेत्रीय सहयोग और साझेदारियाँ बनाने में काम आ सकता था। दोनों ने लिखा, 'हम WRC-27 में ऐसी ही परिस्थितियों के साथ प्रवेश करने का जोखिम नहीं उठा सकते।'
30 नवंबर से बोगोटा (कोलंबिया) में इंटर-अमेरिकन टेलीकम्युनिकेशन कमीशन (CITEL) की स्थायी परामर्श समिति-II की अहम बैठक शुरू होने वाली है। सांसदों की माँग है कि अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल प्रमुख को इससे पहले नियुक्त किया जाए ताकि वे देश के आधिकारिक रुख को तैयार करने की प्रक्रिया में भागीदारी कर सकें।
ग्लोबल साउथ रणनीति और आपूर्ति श्रृंखला
सीनेटरों ने अमेरिकी सरकार से यह भी जानकारी माँगी कि वह अंतरराष्ट्रीय साझेदारों के साथ मिलकर भरोसेमंद दूरसंचार आपूर्ति श्रृंखलाएँ कैसे विकसित करेगी। पत्र में खास तौर पर कहा गया कि ग्लोबल साउथ के देशों के लिए हुआवेई और अन्य चीनी कंपनियों के विकल्प उपलब्ध कराना जरूरी है। उन्होंने कहा, 'मजबूत अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल और समान सोच वाले सहयोगियों के साथ पहले से किया गया समन्वय, चीनी कम्युनिस्ट पार्टी के एजेंडे का सबसे प्रभावी जवाब होगा।'
उल्लेखनीय है कि नेशनल टेलीकम्युनिकेशंस एंड इंफॉर्मेशन एडमिनिस्ट्रेशन (NTIA) और फेडरल कम्युनिकेशंस कमीशन (FCC) पहले ही CITEL को अमेरिकी प्रस्ताव सौंप चुके हैं — और सांसदों ने इस कदम की सराहना भी की है।
आगे क्या होगा
दोनों सीनेटरों ने 23 अक्टूबर 2026 तक लिखित जवाब या ब्रीफिंग की माँग की है, साथ ही 2027 की वसंत ऋतु तक चीन के प्रभाव का मुकाबला करने की अमेरिकी रणनीति पर एक विस्तृत ब्रीफिंग भी माँगी है। तकनीकी मानकों की यह लड़ाई महज कूटनीतिक औपचारिकता नहीं है — 6जी और सैटेलाइट स्पेक्ट्रम पर जो देश पहले मानक तय करेगा, वह आने वाले दशकों के वैश्विक दूरसंचार ढाँचे को आकार देगा।