क्या प्योंग यांग ने दक्षिण कोरिया को फिर से 'नंबर 1 दुश्मन देश' कहा?
सारांश
Key Takeaways
- उत्तर कोरिया ने दक्षिण कोरिया को अपना नंबर 1 दुश्मन करार दिया है।
- बैनर्स में शत्रुता के संदेश शामिल हैं।
- यह कदम दोनों देशों के बीच तनाव को और बढ़ा सकता है।
सोल, 19 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। उत्तर कोरिया ने एक बार फिर साउथ कोरिया को अपना सबसे बड़ा दुश्मन मानते हुए उसे नंबर 1 शत्रु और अपरिवर्तनीय मुख्य दुश्मन के रूप में प्रस्तुत किया है। इस बार प्योंगयांग के एक प्रमुख एजुकेशन हाउस में बैनर लगाए गए हैं, जिनमें सोल को इस रूप में दर्शाया गया है। उत्तर कोरियाई मीडिया ने सोमवार को इससे संबंधित तस्वीरें जारी कीं।
सरकारी कोरियन सेंट्रल न्यूज एजेंसी (केसीएनए) ने इन तस्वीरों को प्रकाशित किया। दरअसल, हाल ही में देश के सबसे बड़े युवा संगठन, सोशलिस्ट पैट्रियोटिक यूथ लीग की 80वीं वर्षगांठ मनाई गई। इस अवसर पर एजेंसी ने प्योंगयांग में स्थित सेंट्रल क्लास एजुकेशन हाउस का दौरा किया और तस्वीरें खींची।
योनहाप न्यूज एजेंसी के अनुसार, यह संस्थान एक प्रोपेगेंडा केंद्र है, जो सोल और वाशिंगटन के प्रति दुश्मनी को बढ़ावा देने का कार्य करता है।
तस्वीरों में वर्दीधारी सैनिकों की एक पंक्ति देखी जा सकती है, जो किसी व्यक्ति की बातें सुन रहे हैं। इनके पीछे बैनर, तस्वीरें, और दक्षिण कोरिया के खिलाफ लिखे गए संदेश दिखाई दे रहे हैं।
बैनर्स पर लिखा था, "दक्षिण कोरिया नंबर 1 दुश्मन है और हमेशा कट्टर दुश्मन रहेगा।" इसके साथ ही सोल पर उत्तर कोरिया को खत्म करने और "शासन को समाप्त करने" के उद्देश्य से "टकराव का उन्माद" फैलाने का आरोप भी लगाया गया था।
संदेशों में दक्षिण कोरिया के संविधान का एक अनुच्छेद शामिल था, जो देश के क्षेत्र को पूरे कोरियाई प्रायद्वीप के रूप में परिभाषित करता है, जो इस आरोप की पुष्टि करता है कि सोल उत्तर को अपने में मिलाना चाहता है।
पिछले साल सितंबर में संसद में अपने संबोधन में, उत्तर कोरियाई नेता किम जोंग-उन ने उस संवैधानिक अनुच्छेद की निंदा करते हुए इसे "शत्रुता का असली रंग" बताया था।
उत्तर कोरियाई नेता किम हमेशा दक्षिण कोरिया को अपना दुश्मन देश मानते आए हैं। दिसंबर 2023 में भी पार्टी की बैठक में उन्होंने दोनों देशों के संबंधों को शत्रुतापूर्ण बताया था। वहीं 2024 के संसदीय भाषण में भी उन्होंने ऐसे कार्यक्रमों का जिक्र किया था जो जनता में दक्षिण कोरिया के खिलाफ भावना पैदा करें और लोग उसे प्योंगयांग के कट्टर दुश्मन के रूप में देखें।