क्या कराची का 'गुल प्लाजा' आग से जलकर खाक हो गया?
सारांश
Key Takeaways
- गुल प्लाजा में आग ने 15 लोगों की जान ली।
- 70 से अधिक लोग लापता हैं।
- सरकारी अनदेखी के चलते समय पर कार्रवाई नहीं हुई।
- आग लगने का कारण शॉर्ट-सर्किट बताया जा रहा है।
- सर्च ऑपरेशन जारी है।
कराची, 19 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। पाकिस्तान की आर्थिक राजधानी कराची का एक प्रसिद्ध शॉपिंग मॉल शनिवार को अचानक चर्चा का विषय बन गया। शनिवार रात को गुल प्लाजा में एक भयानक आग लग गई, जिसे बुझाने में 24 घंटों से अधिक समय लग गया। आग की चपेट में आने से 15 लोगों की जान चली गई और 70 से अधिक लोग लापता बताए जा रहे हैं। यहां के निवासियों और व्यापारियों ने इसे सरकारी अनदेखी का नतीजा बताया। स्थानीय मीडिया के अनुसार, सीमित संसाधनों के कारण आग को काबू में लाने में कई घंटे लगे।
फिलहाल, हताहतों की संख्या बढ़ने की आशंका के चलते सर्च ऑपरेशन जारी है।
डॉन के अनुसार, व्यापारियों और स्थानीय लोगों ने कहा कि सदर फायर स्टेशन, अन्य सरकारी विभागों और स्थानीय अधिकारियों की समय पर कार्रवाई से जान-माल की रक्षा हो सकती थी, लेकिन आग बुझाने का कार्य रविवार सुबह ही शुरू हुआ।
वहीं, दुकानदारों ने कहा कि यदि फायर ब्रिगेड की टीम रात को पूरी ताकत के साथ पहुंचती, तो शायद इतना नुकसान नहीं होता। सदर फायर स्टेशन केवल कुछ मिनटों की दूरी पर है, फिर भी कोई कार्रवाई नहीं की गई।
एक स्थानीय निवासी ने बताया कि रात को उन्हें बार-बार बताया गया कि पानी की कमी है, जिससे ऑपरेशन में बाधा आई।
जिओ न्यूज से बात करते हुए स्थानीय लोगों ने सिंध सरकार और कराची के मेयर की आलोचना की। उन्होंने बताया कि एम.ए. जिन्ना रोड की स्थिति इतनी खराब है कि वहां दो पानी के टैंकर भी खड़े करने में मुश्किल होती है।
एक युवक ने कहा, "पहले धुआं फैलता रहा, फिर आग ऊपरी मंजिलों तक पहुंच गई। यदि टीमें समय पर पहुंच जातीं, तो शायद लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला जा सकता था।"
स्थानीय मीडिया ने रेस्क्यू प्रवक्ता हसानुल हसीब खान के हवाले से बताया कि वे आग पर 95 प्रतिशत काबू पाने में सफल रहे हैं, और कूलिंग फेज शुरू कर दिया गया है। उन्होंने कहा, "आग लगने का कारण अभी पता नहीं चला है।" अधिकारियों का कहना है कि आग लगने की संभावना शॉर्ट-सर्किट से है।