क्या अमेरिका के घातक हमले में वेनेजुएला के आम नागरिक भी हताहत हुए?
सारांश
Key Takeaways
- अमेरिका का हमला वेनेजुएला पर गंभीर परिणाम ला सकता है।
- 40 से अधिक लोग मारे गए हैं, जिसमें नागरिक और सैनिक शामिल हैं।
- अंतरराष्ट्रीय समुदाय ने इस कार्रवाई की कड़ी निंदा की है।
- रोड्रिगेज ने वेनेजुएला की संप्रभुता की रक्षा की बात की।
- यह घटना वैश्विक राजनीति में नए सवाल खड़े करती है।
न्यूयॉर्क, 4 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। वेनेजुएला पर अमेरिका द्वारा शनिवार की सुबह किया गया घातक हमला पूरे देश को हिला कर रख दिया है। इस हमले में वेनेजुएला के कई नागरिक और सैनिक भी हताहत हुए हैं। यह जानकारी न्यूज एजेंसी सिन्हुआ ने अमेरिकी मीडिया के हवाले से दी है।
सिन्हुआ ने बताया कि वेनेजुएला के एक वरिष्ठ अधिकारी ने पुष्टि की है कि शनिवार सुबह अमेरिकी सैनिकों ने वेनेजुएला पर बड़े पैमाने पर हमला किया, जिसमें कम से कम 40 लोग मारे गए।
वेनेजुएला की अंतरिम राष्ट्रपति डेल्सी रोड्रिगेज ने शनिवार को कहा कि निकोलस मादुरो इस दक्षिणी अमेरिकी देश के एकमात्र राष्ट्रपति हैं। रोड्रिगेज ने शनिवार दोपहर को एक सरकारी टेलीविजन चैनल पर लाइव स्पीच के दौरान कहा कि वेनेजुएला कभी भी किसी देश का उपनिवेश नहीं बनेगा।
गृह, विदेश मामलों के मंत्रियों और अन्य अधिकारियों के साथ, रोड्रिगेज ने अमेरिका से मादुरो और उनकी पत्नी को रिहा करने की मांग की है। उन्होंने वेनेजुएला के लोगों से शांत रहने, एकजुट होकर चुनौतियों का सामना करने और देश की स्वतंत्रता की रक्षा करने की अपील की।
रोड्रिगेज ने स्पष्ट किया कि वेनेजुएला अपने प्राकृतिक संसाधनों की रक्षा के लिए तैयार है और किसी भी देश का उपनिवेश नहीं बनेगा।
वहीं, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने शनिवार सुबह एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में दावा किया कि रोड्रिगेज ने वेनेजुएला के राष्ट्रपति के रूप में शपथ ली है, और विदेश सचिव मार्को रुबियो ने उनसे बात की है।
ट्रंप ने यह भी कहा कि वेनेजुएला को फिर से महान बनाने के लिए जो कुछ भी आवश्यक है, वे उसे करने के लिए तैयार हैं।
वेनेजुएला के राष्ट्रपति के खिलाफ की गई कार्रवाई ने पूरी दुनिया को चौंका दिया है। अंतरराष्ट्रीय समुदाय ने इस संप्रभु देश के खिलाफ की गई जबरदस्ती और इसके राष्ट्रपति के खिलाफ उठाए गए कदमों की कड़ी निंदा की है।