16 अक्टूबर 2026
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वांग यी ने बाकू में सीआईसीए के सातवें शिखर सम्मेलन में भाषण दिया, चार अहम पहल प्रस्तावित

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वांग यी ने बाकू में सीआईसीए के सातवें शिखर सम्मेलन में भाषण दिया, चार अहम पहल प्रस्तावित

सारांश

चीनी विदेश मंत्री वांग यी ने बाकू में सीआईसीए के सातवें शिखर सम्मेलन में शांति, समृद्धि, सभ्यताओं के बीच संवाद और वैश्विक शासन सुधार पर चार ठोस पहलें प्रस्तावित कीं। सम्मेलन में एक संयुक्त घोषणा भी जारी की गई, जो एशियाई बहुपक्षीय कूटनीति को नई दिशा देती है।

मुख्य बातें

चीनी विदेश मंत्री वांग यी ने 15 अक्टूबर 2026 को बाकू में सीआईसीए के सातवें शिखर सम्मेलन में भाग लिया।
वांग यी ने शांति-स्थिरता, समृद्धि, सभ्यताओं के बीच संवाद और वैश्विक शासन सुधार पर चार पहलें प्रस्तावित कीं।
उन्होंने कहा कि एशिया विश्व की 60% आबादी का घर है और एकता-सहयोग के माध्यम से ही बेहतर भविष्य संभव है।
अज़रबैजान के राष्ट्रपति इल्हाम अलीयेव ने दो वर्षीय अध्यक्षता की उपलब्धियाँ साझा कीं और नई सहयोग पहलों का प्रस्ताव दिया।
सम्मेलन में 'सातवें सीआईसीए शिखर सम्मेलन की घोषणा' को औपचारिक रूप से अपनाया और जारी किया गया।

चीन के विदेश मंत्री वांग यी, जो चीनी राष्ट्रपति शी चिनफिंग के विशेष प्रतिनिधि के रूप में गए थे, ने 15 अक्टूबर 2026 को बाकू में आयोजित एशिया में संवाद एवं विश्वास निर्माण उपायों पर सम्मेलन (सीआईसीए) के सातवें शिखर सम्मेलन में हिस्सा लिया और संबोधन दिया। इस सम्मेलन में 'सातवें सीआईसीए शिखर सम्मेलन की घोषणा' को औपचारिक रूप से अपनाया और जारी किया गया।

सीआईसीए की भूमिका और महत्व

वांग यी ने अपने संबोधन में कहा कि सीआईसीए एशियाई देशों द्वारा स्वयं शुरू किया गया और संयुक्त रूप से निर्मित एक अखिल-एशियाई संवाद एवं सहयोग मंच है। उन्होंने रेखांकित किया कि अपनी स्थापना से अब तक इस मंच ने शांतिपूर्ण सह-अस्तित्व के पाँच सिद्धांतों का सक्रिय समर्थन किया है, बहुपक्षवाद का निरंतर अभ्यास किया है और एशिया में शांति व सुरक्षा की नींव को मजबूत किया है।

वांग यी ने यह भी कहा कि चीन, अज़रबैजान द्वारा अपनी अध्यक्षता के दौरान सीआईसीए सहयोग को बढ़ावा देने और 'मजबूत एशिया' के निर्माण के लिए किए गए प्रयासों की अत्यधिक सराहना करता है, और भविष्य में भी इस प्रक्रिया में सक्रिय भागीदारी जारी रखने के लिए प्रतिबद्ध है।

एशिया की भूमिका पर जोर

वांग यी ने वैश्विक संदर्भ में एशिया की केंद्रीय स्थिति पर ध्यान दिलाते हुए कहा कि एशिया विश्व की 60 फीसदी आबादी का घर है। उन्होंने कहा कि 'सदी में अभूतपूर्व परिवर्तनों' की तेज गति का सामना करते हुए एशियाई देश केवल अग्रणी भूमिका निभाकर, संकटों को अवसरों में बदलकर, साझा नियति की भावना स्थापित करके और एकता व सहयोग के मार्ग पर चलकर ही एक बेहतर भविष्य का निर्माण कर सकते हैं।

चार प्रमुख पहल

वांग यी ने सम्मेलन में एशियाई सहयोग को नई दिशा देने के लिए चार पहलें प्रस्तावित कीं। पहली पहल में शांति और स्थिरता की संयुक्त रूप से रक्षा करने पर बल दिया गया। दूसरी पहल के तहत समृद्धि और पुनर्जीवन को मिलकर बढ़ावा देने का आह्वान किया गया। तीसरी पहल में सभ्यताओं के बीच पारस्परिक शिक्षा और संवाद को प्रोत्साहन देने की बात कही गई। चौथी पहल वैश्विक शासन में संयुक्त रूप से सुधार लाने पर केंद्रित रही।

अज़रबैजान का संबोधन और सम्मेलन की घोषणा

अज़रबैजान के राष्ट्रपति इल्हाम अलीयेव ने सम्मेलन में दो वर्षीय सीआईसीए अध्यक्षता के दौरान अज़रबैजान द्वारा किए गए कार्यों का विवरण दिया और नई सहयोग पहलों का प्रस्ताव रखा। सम्मेलन के समापन पर 'सातवें सीआईसीए शिखर सम्मेलन की घोषणा' को औपचारिक रूप से अपनाया और जारी किया गया।

क्या होगा आगे

यह ऐसे समय में आया है जब एशियाई देशों के बीच बहुपक्षीय कूटनीति को लेकर नई ऊर्जा देखी जा रही है। सीआईसीए की अगली अध्यक्षता और उसके कार्यक्रम पर अब सभी की नज़र रहेगी, क्योंकि चीन ने इस मंच में अपनी सक्रिय भागीदारी का स्पष्ट संकेत दे दिया है।

संपादकीय दृष्टिकोण

दोनों संयुक्त राष्ट्र केंद्रित व्यवस्था पर बढ़ते दबाव के संकेत हैं। यह ध्यान देने योग्य है कि भारत भी सीआईसीए का सदस्य है — ऐसे में इस मंच पर चीन की बढ़ती सक्रियता भारतीय कूटनीति के लिए भी एक सुचिंतित प्रतिक्रिया की माँग करती है।
RashtraPress
16 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

सीआईसीए क्या है और इसका सातवाँ शिखर सम्मेलन कहाँ हुआ?
सीआईसीए (एशिया में संवाद एवं विश्वास निर्माण उपायों पर सम्मेलन) एशियाई देशों द्वारा निर्मित एक बहुपक्षीय संवाद एवं सहयोग मंच है। इसका सातवाँ शिखर सम्मेलन 15 अक्टूबर 2026 को अज़रबैजान की राजधानी बाकू में आयोजित हुआ।
वांग यी ने सीआईसीए शिखर सम्मेलन में कौन-सी चार पहलें प्रस्तावित कीं?
वांग यी ने चार पहलें प्रस्तावित कीं — शांति और स्थिरता की संयुक्त रक्षा, समृद्धि और पुनर्जीवन को साझा बढ़ावा, सभ्यताओं के बीच पारस्परिक शिक्षा को प्रोत्साहन, और वैश्विक शासन में संयुक्त सुधार। ये पहलें एशियाई एकता और बहुपक्षवाद को मज़बूत करने पर केंद्रित हैं।
सातवें सीआईसीए शिखर सम्मेलन में क्या निर्णय लिया गया?
सम्मेलन में 'सातवें सीआईसीए शिखर सम्मेलन की घोषणा' को औपचारिक रूप से अपनाया और जारी किया गया। अज़रबैजान के राष्ट्रपति इल्हाम अलीयेव ने अपनी दो वर्षीय अध्यक्षता के दौरान किए गए कार्यों की जानकारी दी और नई सहयोग पहलों का प्रस्ताव भी रखा।
चीन सीआईसीए में इतनी सक्रियता क्यों दिखा रहा है?
चीन सीआईसीए को एशियाई देशों के बीच बहुपक्षीय सहयोग के मंच के रूप में देखता है, जो शांतिपूर्ण सह-अस्तित्व के पाँच सिद्धांतों पर आधारित है। वांग यी ने स्पष्ट किया कि चीन इस प्रक्रिया में अपना मजबूत समर्थन और सक्रिय भागीदारी जारी रखने के लिए प्रतिबद्ध है।
एशिया की वैश्विक स्थिति पर वांग यी ने क्या कहा?
वांग यी ने कहा कि एशिया विश्व की 60 फीसदी आबादी का घर है और 'सदी में अभूतपूर्व परिवर्तनों' के बीच एशियाई देश एकता, सहयोग और साझा नियति की भावना के माध्यम से ही एक बेहतर भविष्य बना सकते हैं।
राष्ट्र प्रेस
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