वांग यी ने बाकू में सीआईसीए के सातवें शिखर सम्मेलन में भाषण दिया, चार अहम पहल प्रस्तावित
सारांश
मुख्य बातें
चीन के विदेश मंत्री वांग यी, जो चीनी राष्ट्रपति शी चिनफिंग के विशेष प्रतिनिधि के रूप में गए थे, ने 15 अक्टूबर 2026 को बाकू में आयोजित एशिया में संवाद एवं विश्वास निर्माण उपायों पर सम्मेलन (सीआईसीए) के सातवें शिखर सम्मेलन में हिस्सा लिया और संबोधन दिया। इस सम्मेलन में 'सातवें सीआईसीए शिखर सम्मेलन की घोषणा' को औपचारिक रूप से अपनाया और जारी किया गया।
सीआईसीए की भूमिका और महत्व
वांग यी ने अपने संबोधन में कहा कि सीआईसीए एशियाई देशों द्वारा स्वयं शुरू किया गया और संयुक्त रूप से निर्मित एक अखिल-एशियाई संवाद एवं सहयोग मंच है। उन्होंने रेखांकित किया कि अपनी स्थापना से अब तक इस मंच ने शांतिपूर्ण सह-अस्तित्व के पाँच सिद्धांतों का सक्रिय समर्थन किया है, बहुपक्षवाद का निरंतर अभ्यास किया है और एशिया में शांति व सुरक्षा की नींव को मजबूत किया है।
वांग यी ने यह भी कहा कि चीन, अज़रबैजान द्वारा अपनी अध्यक्षता के दौरान सीआईसीए सहयोग को बढ़ावा देने और 'मजबूत एशिया' के निर्माण के लिए किए गए प्रयासों की अत्यधिक सराहना करता है, और भविष्य में भी इस प्रक्रिया में सक्रिय भागीदारी जारी रखने के लिए प्रतिबद्ध है।
एशिया की भूमिका पर जोर
वांग यी ने वैश्विक संदर्भ में एशिया की केंद्रीय स्थिति पर ध्यान दिलाते हुए कहा कि एशिया विश्व की 60 फीसदी आबादी का घर है। उन्होंने कहा कि 'सदी में अभूतपूर्व परिवर्तनों' की तेज गति का सामना करते हुए एशियाई देश केवल अग्रणी भूमिका निभाकर, संकटों को अवसरों में बदलकर, साझा नियति की भावना स्थापित करके और एकता व सहयोग के मार्ग पर चलकर ही एक बेहतर भविष्य का निर्माण कर सकते हैं।
चार प्रमुख पहल
वांग यी ने सम्मेलन में एशियाई सहयोग को नई दिशा देने के लिए चार पहलें प्रस्तावित कीं। पहली पहल में शांति और स्थिरता की संयुक्त रूप से रक्षा करने पर बल दिया गया। दूसरी पहल के तहत समृद्धि और पुनर्जीवन को मिलकर बढ़ावा देने का आह्वान किया गया। तीसरी पहल में सभ्यताओं के बीच पारस्परिक शिक्षा और संवाद को प्रोत्साहन देने की बात कही गई। चौथी पहल वैश्विक शासन में संयुक्त रूप से सुधार लाने पर केंद्रित रही।
अज़रबैजान का संबोधन और सम्मेलन की घोषणा
अज़रबैजान के राष्ट्रपति इल्हाम अलीयेव ने सम्मेलन में दो वर्षीय सीआईसीए अध्यक्षता के दौरान अज़रबैजान द्वारा किए गए कार्यों का विवरण दिया और नई सहयोग पहलों का प्रस्ताव रखा। सम्मेलन के समापन पर 'सातवें सीआईसीए शिखर सम्मेलन की घोषणा' को औपचारिक रूप से अपनाया और जारी किया गया।
क्या होगा आगे
यह ऐसे समय में आया है जब एशियाई देशों के बीच बहुपक्षीय कूटनीति को लेकर नई ऊर्जा देखी जा रही है। सीआईसीए की अगली अध्यक्षता और उसके कार्यक्रम पर अब सभी की नज़र रहेगी, क्योंकि चीन ने इस मंच में अपनी सक्रिय भागीदारी का स्पष्ट संकेत दे दिया है।