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वांग यी की जिबूती विदेश मंत्री से बैठक, लाल सागर सुरक्षा पर संयुक्त विज्ञप्ति जारी

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वांग यी की जिबूती विदेश मंत्री से बैठक, लाल सागर सुरक्षा पर संयुक्त विज्ञप्ति जारी

सारांश

चीन और जिबूती ने लाल सागर में बढ़ते तनाव और जहाज़रानी सुरक्षा को लेकर बीजिंग में उच्च-स्तरीय वार्ता की। वांग यी और जिबूती के विदेश मंत्री उमर की इस बैठक में मध्यपूर्व संघर्ष को क्षेत्रीय सुरक्षा चुनौती की जड़ बताया गया।

मुख्य बातें

चीनी विदेश मंत्री वांग यी ने 21 अक्टूबर 2026 को बीजिंग में जिबूती के विदेश मंत्री अब्दुलकादर हुसैन उमर से मुलाकात की।
दोनों पक्षों ने हॉर्न ऑफ अफ्रीका की शांति और लाल सागर जहाज़रानी सुरक्षा पर संयुक्त प्रेस विज्ञप्ति जारी की।
विज्ञप्ति में कहा गया कि मध्यपूर्व स्थिति को शिथिल करना लाल सागर सुरक्षा चुनौतियों के समाधान की कुंजी है।
दोनों देशों ने अदन की खाड़ी तथा बाब अल-मंडेब खाड़ी में मुक्त जहाज़रानी के महत्व पर बल दिया।
लाल सागर में समुद्री डकैती व आतंकवाद की वापसी को वैश्विक व क्षेत्रीय अर्थव्यवस्था के लिए गंभीर खतरा बताया गया।

चीनी विदेश मंत्री वांग यी ने 21 अक्टूबर 2026 को बीजिंग में जिबूती के विदेश और अंतरराष्ट्रीय सहयोग मंत्री अब्दुलकादर हुसैन उमर से द्विपक्षीय वार्ता की। बैठक के बाद दोनों पक्षों ने हॉर्न ऑफ अफ्रीका की शांति एवं लाल सागर तथा अदन की खाड़ी में जहाज़रानी सुरक्षा बनाए रखने पर एक संयुक्त प्रेस विज्ञप्ति जारी की।

द्विपक्षीय संबंधों पर चर्चा

वांग यी ने बैठक में कहा कि दोनों देशों के राष्ट्राध्यक्षों के रणनीतिक मार्गदर्शन में चीन-जिबूती संबंध निरंतर स्वस्थ और स्थिर विकास की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं। उन्होंने यह भी कहा कि चीन, जिबूती सहित अन्य देशों के साथ मिलकर क्षेत्रीय शांति व स्थिरता बनाए रखने के लिए प्रतिबद्ध है।

जिबूती के विदेश मंत्री उमर ने अपने राष्ट्रपति द्वारा प्रस्तुत श्रृंखलात्मक पहलों की सराहना की और विश्व में स्थायी शांति स्थापित करने में चीन के योगदान को महत्वपूर्ण बताया।

लाल सागर तनाव पर साझा चिंता

संयुक्त प्रेस विज्ञप्ति में दोनों पक्षों ने स्पष्ट किया कि मध्यपूर्व की स्थिति को शिथिल करना हॉर्न ऑफ अफ्रीका और लाल सागर की सुरक्षा चुनौतियों को हल करने की सबसे महत्वपूर्ण कुंजी है। विज्ञप्ति में कहा गया कि फिलहाल लाल सागर में बढ़ता तनाव वैश्विक अर्थव्यवस्था के लिए, विशेष रूप से हॉर्न ऑफ अफ्रीका क्षेत्र के देशों की आर्थिक गतिविधियों के लिए, एक गंभीर खतरा बन गया है।

यह ऐसे समय में आया है जब बाब अल-मंडेब खाड़ी और लाल सागर मार्ग पर समुद्री डकैती और आतंकवाद की घटनाएँ एक बार फिर से बढ़ने की आशंका जताई जा रही है। दोनों पक्षों ने इस पर गंभीर चिंता व्यक्त करते हुए इस क्षेत्र में मुक्त जहाज़रानी के महत्व पर बल दिया।

जहाज़रानी सुरक्षा पर सहमति

संयुक्त विज्ञप्ति के अनुसार, दोनों पक्षों ने अदन की खाड़ी तथा लाल सागर में समुद्री डकैती की वापसी की समस्या पर विस्तारपूर्वक विचार-विमर्श किया और कई अहम मुद्दों पर आपसी समानताएँ पाईं। गौरतलब है कि जिबूती भौगोलिक दृष्टि से हॉर्न ऑफ अफ्रीका के मुहाने पर स्थित है और यहाँ चीन का एकमात्र विदेशी सैन्य ठिकाना भी मौजूद है, जो इस द्विपक्षीय वार्ता को रणनीतिक रूप से अधिक महत्वपूर्ण बनाता है।

आगे की दिशा

दोनों देशों के बीच हुई यह उच्च-स्तरीय बैठक क्षेत्रीय सहयोग को और गहरा करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है। मध्यपूर्व में जारी संघर्ष की पृष्ठभूमि में लाल सागर की जहाज़रानी सुरक्षा एक वैश्विक प्राथमिकता बन चुकी है, और इस वार्ता से यह संकेत मिलता है कि बीजिंग इस क्षेत्र में अपनी कूटनीतिक उपस्थिति को और सक्रिय रूप से बनाए रखना चाहता है।

संपादकीय दृष्टिकोण

जबकि उसका सैन्य अड्डा जिबूती में पश्चिमी देशों की ठीक बगल में स्थित है।
RashtraPress
22 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

वांग यी और जिबूती विदेश मंत्री की बैठक में मुख्य मुद्दे क्या थे?
बैठक में हॉर्न ऑफ अफ्रीका की क्षेत्रीय शांति, लाल सागर तथा अदन की खाड़ी में जहाज़रानी सुरक्षा और समुद्री डकैती की वापसी पर विस्तृत चर्चा हुई। दोनों पक्षों ने इन मुद्दों पर संयुक्त प्रेस विज्ञप्ति भी जारी की।
लाल सागर में तनाव क्यों बढ़ रहा है और इसका क्या असर है?
मध्यपूर्व में जारी संघर्ष के कारण लाल सागर में जहाज़रानी पर खतरा बढ़ा है, जिससे वैश्विक व्यापार मार्ग प्रभावित हो रहे हैं। संयुक्त विज्ञप्ति के अनुसार, यह हॉर्न ऑफ अफ्रीका के देशों की आर्थिक गतिविधियों के लिए विशेष रूप से गंभीर खतरा है।
चीन-जिबूती संबंधों का रणनीतिक महत्व क्या है?
जिबूती हॉर्न ऑफ अफ्रीका के मुहाने पर स्थित है और बाब अल-मंडेब जलडमरूमध्य के निकट है, जो वैश्विक व्यापार का एक महत्वपूर्ण मार्ग है। चीन का एकमात्र विदेशी सैन्य अड्डा भी जिबूती में है, जो इस द्विपक्षीय संबंध को विशेष रणनीतिक महत्व देता है।
संयुक्त विज्ञप्ति में लाल सागर संकट के समाधान के लिए क्या कहा गया?
विज्ञप्ति में दोनों पक्षों ने कहा कि मध्यपूर्व की स्थिति को शिथिल करना लाल सागर और हॉर्न ऑफ अफ्रीका की सुरक्षा चुनौतियों को हल करने की कुंजी है। साथ ही बाब अल-मंडेब खाड़ी में मुक्त जहाज़रानी बनाए रखने पर भी बल दिया गया।
जिबूती ने चीन की भूमिका पर क्या कहा?
जिबूती के विदेश मंत्री अब्दुलकादर हुसैन उमर ने अपने राष्ट्रपति द्वारा प्रस्तुत पहलों की सराहना की और विश्व में स्थायी शांति के लिए चीन के योगदान को महत्वपूर्ण बताया।
राष्ट्र प्रेस
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