वांग यी की मनीला यात्रा: दक्षिण चीन सागर विवाद पर फिलीपींस को कड़ा संदेश
सारांश
मुख्य बातें
चीनी विदेश मंत्री वांग यी ने 22 जुलाई 2026 को मनीला में फिलीपींस की विदेश मंत्री मा. थेरेसा लाज़ारो से आधिकारिक भेंट की। इस मुलाकात में दक्षिण चीन सागर के विवादित जलक्षेत्र में बढ़ते तनाव और द्विपक्षीय संबंधों की दिशा पर केंद्रित चर्चा हुई।
रेन आई चाओ घटना पर चीन का कड़ा विरोध
वांग यी ने बैठक में रेन आई चाओ (Ren Ai Jiao) में फिलीपींस के नागरिकों द्वारा चीनी कानूनी प्रवर्तन जहाज से टकराने की घटना पर कड़ा विरोध दर्ज कराया। उन्होंने इसे उकसावे की कार्रवाई बताते हुए कहा कि इस तरह की हरकतें द्विपक्षीय वार्ता की प्रक्रिया को नुकसान पहुँचाती हैं।
वांग यी के अनुसार, जब दोनों देश बातचीत की मेज पर आने वाले थे, तब फिलीपींस की सेना और पुलिस से जुड़ी कुछ शक्तियों ने जानबूझकर घटना को हवा दी। उन्होंने इसे वार्ता-विरोधी कदम करार दिया।
चीन का फिलीपींस को दो-टूक संदेश
वांग यी ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि पिछले कुछ वर्षों में चीन-फिलीपींस संबंध कठिन दौर से गुज़रे हैं, जो दोनों देशों के हित में नहीं है। उन्होंने कहा कि बाहरी शक्तियों को क्षेत्रीय मामलों में हस्तक्षेप करने और समुद्री विवाद भड़काने की अनुमति देकर फिलीपींस खुद को दूसरों का 'औज़ार' बना रहा है।
वांग यी ने यह भी दोहराया कि 2016 के मध्यस्थता न्यायाधिकरण के फैसले को चीन कभी मान्यता नहीं देगा। उनके अनुसार, यह न्यायाधिकरण बाहरी दबाव में गठित किया गया था और इसका निर्णय 'गैरकानूनी तथा अप्रभावी' है।
फिलीपींस का रुख: वार्ता से समाधान की उम्मीद
विदेश मंत्री लाज़ारो ने कहा कि फिलीपींस और चीन के बीच सदियों पुराने संबंध हैं और दोनों अटूट पड़ोसी हैं। उन्होंने पुष्टि की कि फिलीपींस एक-चीन सिद्धांत का पालन करता है और समुद्री मुद्दों का समाधान वार्ता के ज़रिये निकालने का पक्षधर है, ताकि द्विपक्षीय संबंध बेहतर हो सकें।
क्या होगा आगे
यह बैठक ऐसे समय में हुई है जब दक्षिण चीन सागर में चीन और फिलीपींस के बीच तनाव चरम पर है और अमेरिका इस क्षेत्र में अपनी सैन्य उपस्थिति बढ़ा रहा है। वांग यी ने फिलीपींस से 'सही और विवेकपूर्ण विकल्प' चुनने की अपील की, जो संकेत करता है कि बीजिंग मनीला पर कूटनीतिक दबाव बनाए रखेगा। आने वाले हफ्तों में दोनों देशों के बीच समुद्री मामलों पर और बातचीत की संभावना बताई जा रही है।