23 जुलाई 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

वांग यी की मनीला यात्रा: दक्षिण चीन सागर विवाद पर फिलीपींस को कड़ा संदेश

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
वांग यी की मनीला यात्रा: दक्षिण चीन सागर विवाद पर फिलीपींस को कड़ा संदेश

सारांश

चीनी विदेश मंत्री वांग यी ने मनीला में फिलीपींस की विदेश मंत्री लाज़ारो से मुलाकात कर दक्षिण चीन सागर में उकसावे पर कड़ा विरोध जताया और 2016 के मध्यस्थता फैसले को अस्वीकार दोहराया। दोनों देशों के रिश्ते चौराहे पर हैं।

मुख्य बातें

चीनी विदेश मंत्री वांग यी ने 22 जुलाई 2026 को मनीला में फिलीपींस की विदेश मंत्री मा.
थेरेसा लाज़ारो से भेंट की।
वांग यी ने रेन आई चाओ में चीनी जहाज से टकराने की घटना पर कड़ा विरोध दर्ज कराया।
चीन ने 2016 के मध्यस्थता न्यायाधिकरण के फैसले को 'गैरकानूनी और अप्रभावी' बताते हुए उसे मान्यता देने से इनकार दोहराया।
वांग यी ने कहा कि बाहरी शक्तियों के उकसावे में आकर फिलीपींस खुद को 'दूसरों का औज़ार' बना रहा है।
लाज़ारो ने एक-चीन सिद्धांत के प्रति प्रतिबद्धता दोहराई और वार्ता से समुद्री विवाद सुलझाने की इच्छा जताई।

चीनी विदेश मंत्री वांग यी ने 22 जुलाई 2026 को मनीला में फिलीपींस की विदेश मंत्री मा. थेरेसा लाज़ारो से आधिकारिक भेंट की। इस मुलाकात में दक्षिण चीन सागर के विवादित जलक्षेत्र में बढ़ते तनाव और द्विपक्षीय संबंधों की दिशा पर केंद्रित चर्चा हुई।

रेन आई चाओ घटना पर चीन का कड़ा विरोध

वांग यी ने बैठक में रेन आई चाओ (Ren Ai Jiao) में फिलीपींस के नागरिकों द्वारा चीनी कानूनी प्रवर्तन जहाज से टकराने की घटना पर कड़ा विरोध दर्ज कराया। उन्होंने इसे उकसावे की कार्रवाई बताते हुए कहा कि इस तरह की हरकतें द्विपक्षीय वार्ता की प्रक्रिया को नुकसान पहुँचाती हैं।

वांग यी के अनुसार, जब दोनों देश बातचीत की मेज पर आने वाले थे, तब फिलीपींस की सेना और पुलिस से जुड़ी कुछ शक्तियों ने जानबूझकर घटना को हवा दी। उन्होंने इसे वार्ता-विरोधी कदम करार दिया।

चीन का फिलीपींस को दो-टूक संदेश

वांग यी ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि पिछले कुछ वर्षों में चीन-फिलीपींस संबंध कठिन दौर से गुज़रे हैं, जो दोनों देशों के हित में नहीं है। उन्होंने कहा कि बाहरी शक्तियों को क्षेत्रीय मामलों में हस्तक्षेप करने और समुद्री विवाद भड़काने की अनुमति देकर फिलीपींस खुद को दूसरों का 'औज़ार' बना रहा है।

वांग यी ने यह भी दोहराया कि 2016 के मध्यस्थता न्यायाधिकरण के फैसले को चीन कभी मान्यता नहीं देगा। उनके अनुसार, यह न्यायाधिकरण बाहरी दबाव में गठित किया गया था और इसका निर्णय 'गैरकानूनी तथा अप्रभावी' है।

फिलीपींस का रुख: वार्ता से समाधान की उम्मीद

विदेश मंत्री लाज़ारो ने कहा कि फिलीपींस और चीन के बीच सदियों पुराने संबंध हैं और दोनों अटूट पड़ोसी हैं। उन्होंने पुष्टि की कि फिलीपींस एक-चीन सिद्धांत का पालन करता है और समुद्री मुद्दों का समाधान वार्ता के ज़रिये निकालने का पक्षधर है, ताकि द्विपक्षीय संबंध बेहतर हो सकें।

क्या होगा आगे

यह बैठक ऐसे समय में हुई है जब दक्षिण चीन सागर में चीन और फिलीपींस के बीच तनाव चरम पर है और अमेरिका इस क्षेत्र में अपनी सैन्य उपस्थिति बढ़ा रहा है। वांग यी ने फिलीपींस से 'सही और विवेकपूर्ण विकल्प' चुनने की अपील की, जो संकेत करता है कि बीजिंग मनीला पर कूटनीतिक दबाव बनाए रखेगा। आने वाले हफ्तों में दोनों देशों के बीच समुद्री मामलों पर और बातचीत की संभावना बताई जा रही है।

संपादकीय दृष्टिकोण

दबाव की राजनीति अधिक लगती है — बीजिंग ने वार्ता की पेशकश के साथ-साथ 2016 के अंतरराष्ट्रीय फैसले को सिरे से नकारने का रुख भी बरकरार रखा। यह विरोधाभास उजागर करता है कि चीन 'बातचीत' को अपनी शर्तों पर परिभाषित करता है। अमेरिका की बढ़ती क्षेत्रीय उपस्थिति के बीच फिलीपींस पर यह कूटनीतिक दबाव दर्शाता है कि बीजिंग मनीला को वाशिंगटन के कक्षा से दूर खींचने की कोशिश में है। मुख्यधारा की कवरेज जो अक्सर चूकती है, वह यह है कि लाज़ारो का 'एक-चीन सिद्धांत' का पुनः उल्लेख और 'वार्ता से समाधान' की भाषा — फिलीपींस के घरेलू राजनीतिक दबाव और सेना की आक्रामक लाइन के बीच एक नाज़ुक संतुलन है।
RashtraPress
23 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

वांग यी और थेरेसा लाज़ारो की बैठक में क्या हुआ?
चीनी विदेश मंत्री वांग यी ने 22 जुलाई 2026 को मनीला में फिलीपींस की विदेश मंत्री मा. थेरेसा लाज़ारो से मुलाकात की, जिसमें दक्षिण चीन सागर विवाद, रेन आई चाओ घटना और द्विपक्षीय संबंधों की दिशा पर चर्चा हुई। वांग यी ने कड़ा विरोध जताया जबकि लाज़ारो ने वार्ता से समाधान की उम्मीद जताई।
रेन आई चाओ घटना क्या है?
रेन आई चाओ दक्षिण चीन सागर का एक विवादित जलक्षेत्र है जहाँ फिलीपींस के नागरिकों द्वारा चीनी कानूनी प्रवर्तन जहाज से टकराने की घटना हुई, जिस पर चीन ने कड़ा विरोध जताया है। बीजिंग इसे जानबूझकर उकसाने की कार्रवाई मानता है।
चीन ने 2016 के मध्यस्थता फैसले पर क्या कहा?
वांग यी ने स्पष्ट किया कि चीन 2016 के मध्यस्थता न्यायाधिकरण के फैसले को 'गैरकानूनी और अप्रभावी' मानता है और उसे कभी मान्यता नहीं देगा। उनके अनुसार यह न्यायाधिकरण बाहरी दबाव में गठित किया गया था और चीन ने शुरू से ही इसमें भाग लेने से इनकार किया था।
फिलीपींस ने इस बैठक में क्या रुख अपनाया?
विदेश मंत्री लाज़ारो ने एक-चीन सिद्धांत के प्रति फिलीपींस की प्रतिबद्धता दोहराई और कहा कि दोनों देश अटूट पड़ोसी हैं। फिलीपींस ने वार्ता के ज़रिये समुद्री मुद्दों का समाधान निकालने की इच्छा जताई।
चीन-फिलीपींस संबंध अभी किस दौर में हैं?
वांग यी के अनुसार दोनों देशों के संबंध 'चौराहे पर खड़े हैं' और पिछले कुछ वर्षों में मुश्किल दौर से गुज़रे हैं। दक्षिण चीन सागर में बढ़ते तनाव और अमेरिका की क्षेत्रीय उपस्थिति के बीच यह संबंध और जटिल हो गए हैं।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 1 घंटा पहले
  2. कल
  3. कल
  4. कल
  5. 1 महीना पहले
  6. 3 महीने पहले
  7. 8 महीने पहले
  8. 9 महीने पहले