22 जुलाई 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

रनआईच्याओ रीफ विवाद: चीनी राजदूत चिंग छुएन का दावा — फिलीपींस ने पहले की उकसावे भरी कार्रवाई

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
रनआईच्याओ रीफ विवाद: चीनी राजदूत चिंग छुएन का दावा — फिलीपींस ने पहले की उकसावे भरी कार्रवाई

सारांश

रनआईच्याओ रीफ पर 20 जुलाई को हुई घटना के बाद चीनी राजदूत चिंग छुएन ने फिलीपींस को सीधे जिम्मेदार ठहराया — कहा कि बैरियर नेट बनाना और युद्धपोत मजबूत करना द्विपक्षीय समझौते का उल्लंघन था। राष्ट्रपति मार्कोस से मुलाकात के बाद भी तनाव कम करने की राह आसान नहीं दिखती।

मुख्य बातें

चीनी राजदूत चिंग छुएन ने 21 जुलाई 2026 को मीडिया से कहा कि फिलीपींस ने रनआईच्याओ रीफ पर पहले उकसावे की कार्रवाई की।
घटना 20 जुलाई की सुबह करीब नौ बजे शुरू हुई जब फिलीपींस के सैनिक बैरियर नेट बनाकर युद्धपोत मजबूत कर रहे थे।
चीन ने जाँच के लिए दो जहाज भेजे; राजदूत के अनुसार इसके बाद फिलीपींस ने अतिरिक्त जहाज और कर्मी भेजकर स्थिति को उकसाया।
राजदूत ने राष्ट्रपति फर्डिनेंड रोमुआल्डेज मार्कोस से मुलाकात कर बिगड़ते हालात रोकने पर चर्चा की।
चीन ने दक्षिण चीन सागर आचार संहिता पर इस साल के अंत तक वार्ता पूरी करने की प्रतिबद्धता दोहराई।

फिलीपींस में तैनात चीनी राजदूत चिंग छुएन ने 21 जुलाई 2026 को मीडिया से बातचीत में कहा कि 20 जुलाई को रनआईच्याओ रीफ पर हुई घटना की असली वजह फिलीपींस द्वारा अपने युद्धपोत को मजबूत करने की कोशिश थी। राजदूत के अनुसार, यह कार्रवाई जानबूझकर और उकसावे की नीयत से की गई थी।

घटनाक्रम: क्या हुआ 20 जुलाई को

राजदूत चिंग छुएन ने बताया कि घटना 20 जुलाई की सुबह करीब नौ बजे शुरू हुई, जब चीनी पक्ष ने देखा कि फिलीपींस के सैनिक रनआईच्याओ रीफ पर एक बैरियर नेट बना रहे थे और अपने युद्धपोत को मजबूत करने में लगे थे। इसके बाद चीन ने स्थिति की जाँच के लिए दो जहाज भेजे। राजदूत का कहना है कि इसके बाद फिलीपींस ने चीनी पक्ष को उकसाने के लिए अतिरिक्त जहाज और कर्मी भेजे, जिससे तनाव और बढ़ा।

चीन का पक्ष: समझौते का उल्लंघन

चिंग छुएन ने कहा कि रनआईच्याओ रीफ पर दोनों देशों के बीच एक अस्थाई व्यवस्था संपन्न है, जिसके तहत कोई नई इमारत या ढाँचा बनाने की अनुमति नहीं है। उनके अनुसार, चीन केवल रोजमर्रा की जिंदगी के लिए आवश्यक मानवीय सामान के परिवहन की अनुमति देता है। राजदूत ने कहा, 'फोटो और वीडियो सबसे अच्छे सबूत हैं — इससे एक नजर में ही साफ हो जाता है कि इस घटना को कौन भड़का रहा है।' उन्होंने फिलीपींस पर 'तथ्यों को तोड़कर और दुर्भावनापूर्ण प्रचार कर' चीन पर आरोप लगाने का आरोप लगाया।

राष्ट्रपति मार्कोस से मुलाकात

राजदूत चिंग छुएन ने बताया कि उन्होंने 21 जुलाई को फिलीपींस के राष्ट्रपति फर्डिनेंड रोमुआल्डेज मार्कोस से मुलाकात की और इस घटना पर विस्तृत विचार-विमर्श किया। उन्होंने कहा कि वर्तमान स्थिति में सर्वोच्च प्राथमिकता दोनों देशों के बीच बिगड़ते हालात को रोकना और द्विपक्षीय संबंधों को स्थिर करना है।

दक्षिण चीन सागर आचार संहिता पर वार्ता जारी रहेगी

चिंग छुएन ने स्पष्ट किया कि इस घटना का दक्षिण चीन सागर में आचार संहिता पर जारी वार्ता पर कोई असर नहीं पड़ेगा। उन्होंने कहा कि इस साल के अंत से पहले आचार संहिता वार्ता पूरी करने की चीन की इच्छाशक्ति अटल है। गौरतलब है कि दक्षिण चीन सागर में चीन और फिलीपींस के बीच क्षेत्रीय विवाद लंबे समय से तनाव का स्रोत रहा है, और यह घटना उसी व्यापक संदर्भ में देखी जा रही है।

संपादकीय दृष्टिकोण

न कि तटस्थ तथ्य-प्रस्तुति। रनआईच्याओ रीफ पर 'अस्थाई व्यवस्था' की व्याख्या को लेकर दोनों पक्षों के बीच गहरा मतभेद है — फिलीपींस इसे अपनी संप्रभुता का मामला मानता है, जबकि चीन इसे प्रशासनिक नियंत्रण का। राष्ट्रपति मार्कोस से मुलाकात के बाद भी ठोस समझौते की कोई खबर न आना बताता है कि कूटनीतिक रास्ता अभी लंबा है। आचार संहिता वार्ता की 'प्रतिबद्धता' और जमीनी तनाव के बीच का यह अंतर ही दक्षिण चीन सागर की असली पहेली है।
RashtraPress
22 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

रनआईच्याओ रीफ पर 20 जुलाई को क्या हुआ?
चीनी राजदूत चिंग छुएन के अनुसार, 20 जुलाई की सुबह करीब नौ बजे फिलीपींस के सैनिकों ने रनआईच्याओ रीफ पर बैरियर नेट बनाना शुरू किया और अपने युद्धपोत को मजबूत करने की कोशिश की। इसके बाद चीन ने जाँच के लिए दो जहाज भेजे और फिलीपींस ने अतिरिक्त जहाज व कर्मी भेजकर स्थिति को और तनावपूर्ण बना दिया।
चीन का कहना है कि फिलीपींस ने किस समझौते का उल्लंघन किया?
राजदूत चिंग छुएन के अनुसार, दोनों देशों के बीच रनआईच्याओ रीफ पर एक अस्थाई व्यवस्था है जिसके तहत कोई नई इमारत या ढाँचा बनाने की अनुमति नहीं है। चीन का दावा है कि वह केवल रोजमर्रा की मानवीय जरूरतों के लिए सामान परिवहन की अनुमति देता है, लेकिन फिलीपींस इस सीमा से आगे जाने की कोशिश कर रहा है।
चीनी राजदूत ने राष्ट्रपति मार्कोस से मुलाकात में क्या चर्चा की?
राजदूत चिंग छुएन ने 21 जुलाई को फिलीपींस के राष्ट्रपति फर्डिनेंड रोमुआल्डेज मार्कोस से मिलकर इस घटना पर विस्तृत विचार-विमर्श किया। मुलाकात का मुख्य एजेंडा दोनों देशों के बीच बिगड़ते हालात को रोकना और द्विपक्षीय संबंधों को स्थिर करने का रास्ता निकालना था।
दक्षिण चीन सागर आचार संहिता वार्ता पर इस घटना का क्या असर पड़ेगा?
चीनी राजदूत ने स्पष्ट किया कि इस घटना से दक्षिण चीन सागर में आचार संहिता पर जारी वार्ता प्रभावित नहीं होगी। चीन ने इस साल के अंत तक यह वार्ता पूरी करने की प्रतिबद्धता दोहराई है।
रनआईच्याओ रीफ विवाद की पृष्ठभूमि क्या है?
रनआईच्याओ रीफ दक्षिण चीन सागर में स्थित एक विवादित क्षेत्र है जिस पर चीन और फिलीपींस दोनों अपना दावा करते हैं। यह विवाद लंबे समय से दोनों देशों के बीच तनाव का प्रमुख कारण रहा है, और इस क्षेत्र में नियमित रूप से गश्त और टकराव की घटनाएँ सामने आती रही हैं।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 23 घंटे पहले
  2. 6 महीने पहले
  3. 7 महीने पहले
  4. 8 महीने पहले
  5. 9 महीने पहले
  6. 10 महीने पहले
  7. 10 महीने पहले
  8. 11 महीने पहले