रनआईच्याओ रीफ विवाद: चीनी राजदूत चिंग छुएन का दावा — फिलीपींस ने पहले की उकसावे भरी कार्रवाई
सारांश
मुख्य बातें
फिलीपींस में तैनात चीनी राजदूत चिंग छुएन ने 21 जुलाई 2026 को मीडिया से बातचीत में कहा कि 20 जुलाई को रनआईच्याओ रीफ पर हुई घटना की असली वजह फिलीपींस द्वारा अपने युद्धपोत को मजबूत करने की कोशिश थी। राजदूत के अनुसार, यह कार्रवाई जानबूझकर और उकसावे की नीयत से की गई थी।
घटनाक्रम: क्या हुआ 20 जुलाई को
राजदूत चिंग छुएन ने बताया कि घटना 20 जुलाई की सुबह करीब नौ बजे शुरू हुई, जब चीनी पक्ष ने देखा कि फिलीपींस के सैनिक रनआईच्याओ रीफ पर एक बैरियर नेट बना रहे थे और अपने युद्धपोत को मजबूत करने में लगे थे। इसके बाद चीन ने स्थिति की जाँच के लिए दो जहाज भेजे। राजदूत का कहना है कि इसके बाद फिलीपींस ने चीनी पक्ष को उकसाने के लिए अतिरिक्त जहाज और कर्मी भेजे, जिससे तनाव और बढ़ा।
चीन का पक्ष: समझौते का उल्लंघन
चिंग छुएन ने कहा कि रनआईच्याओ रीफ पर दोनों देशों के बीच एक अस्थाई व्यवस्था संपन्न है, जिसके तहत कोई नई इमारत या ढाँचा बनाने की अनुमति नहीं है। उनके अनुसार, चीन केवल रोजमर्रा की जिंदगी के लिए आवश्यक मानवीय सामान के परिवहन की अनुमति देता है। राजदूत ने कहा, 'फोटो और वीडियो सबसे अच्छे सबूत हैं — इससे एक नजर में ही साफ हो जाता है कि इस घटना को कौन भड़का रहा है।' उन्होंने फिलीपींस पर 'तथ्यों को तोड़कर और दुर्भावनापूर्ण प्रचार कर' चीन पर आरोप लगाने का आरोप लगाया।
राष्ट्रपति मार्कोस से मुलाकात
राजदूत चिंग छुएन ने बताया कि उन्होंने 21 जुलाई को फिलीपींस के राष्ट्रपति फर्डिनेंड रोमुआल्डेज मार्कोस से मुलाकात की और इस घटना पर विस्तृत विचार-विमर्श किया। उन्होंने कहा कि वर्तमान स्थिति में सर्वोच्च प्राथमिकता दोनों देशों के बीच बिगड़ते हालात को रोकना और द्विपक्षीय संबंधों को स्थिर करना है।
दक्षिण चीन सागर आचार संहिता पर वार्ता जारी रहेगी
चिंग छुएन ने स्पष्ट किया कि इस घटना का दक्षिण चीन सागर में आचार संहिता पर जारी वार्ता पर कोई असर नहीं पड़ेगा। उन्होंने कहा कि इस साल के अंत से पहले आचार संहिता वार्ता पूरी करने की चीन की इच्छाशक्ति अटल है। गौरतलब है कि दक्षिण चीन सागर में चीन और फिलीपींस के बीच क्षेत्रीय विवाद लंबे समय से तनाव का स्रोत रहा है, और यह घटना उसी व्यापक संदर्भ में देखी जा रही है।