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दक्षिण चीन सागर विवाद: चीन ने फिलीपींस के राजदूत को तलब किया, रनआईच्याओ रीफ पर भड़काऊ कार्रवाई का आरोप

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दक्षिण चीन सागर विवाद: चीन ने फिलीपींस के राजदूत को तलब किया, रनआईच्याओ रीफ पर भड़काऊ कार्रवाई का आरोप

सारांश

दक्षिण चीन सागर में तनाव एक बार फिर चरम पर है। चीन ने फिलीपींस के राजदूत को तलब कर रनआईच्याओ रीफ पर भड़काऊ कार्रवाई और तटरक्षक कर्मियों पर हमले का आरोप लगाया। साथ ही मानवीय आधार पर घायलों को जाने की इजाज़त भी दी — एक ऐसा द्वंद्व जो इस विवाद की जटिलता को उजागर करता है।

मुख्य बातें

चीनी विदेश मंत्रालय ने 21 जुलाई को फिलीपींस के राजदूत को बीजिंग में तलब कर कड़ा विरोध दर्ज कराया।
चीन का आरोप: फिलीपींस की दो रबर नावों ने रनआईच्याओ रीफ के पास चीनी तटरक्षक जहाज से टक्कर मारी और कर्मियों पर हमला किया।
चीन ने रनआईच्याओ रीफ को अपने नानशा द्वीप समूह का अभिन्न हिस्सा बताते हुए वहाँ अपनी कानून प्रवर्तन कार्रवाई को वैध करार दिया।
मानवीय आधार पर चीन ने फिलीपींस के जहाज 57 के घायलों को कोस्ट गार्ड जहाज 9702 तक पहुँचने की अनुमति दी।
चीन ने फिलीपींस से उत्तेजक कार्रवाई और 'दुर्भावनापूर्ण प्रचार' तत्काल बंद करने की माँग की।

चीनी विदेश मंत्रालय के सीमा और महासागर मामला विभाग के एक वरिष्ठ अधिकारी ने मंगलवार, 21 जुलाई को बीजिंग में फिलीपींस के राजदूत को तलब कर रनआईच्याओ रीफ पर हुई ताज़ा घटना को लेकर कड़ा विरोध दर्ज कराया। चीन का आरोप है कि फिलीपींस की नौकाओं ने चीनी तटरक्षक कर्मियों पर जानबूझकर हमला किया, जिससे उनकी जान खतरे में पड़ी।

मुख्य घटनाक्रम

चीनी अधिकारी के अनुसार, फिलीपींस के एक युद्धपोत — जो कि रनआईच्याओ रीफ पर कथित तौर पर अवैध रूप से तैनात है — से छोड़ी गई दो रबर नावों ने चीनी तटरक्षक जहाज के निकट आकर खतरनाक ढंग से टक्कर मारी। चीन का कहना है कि फिलीपींस के लोगों ने उसके कानून प्रवर्तन कर्मियों को जानबूझकर परेशान किया और उन पर हमला किया।

चीनी अधिकारी ने यह भी आरोप लगाया कि फिलीपींस ने उत्तेजक कार्रवाई करने के बाद तथ्यों को तोड़-मरोड़कर और 'दुर्भावनापूर्ण प्रचार' के ज़रिए चीन पर आरोप मढ़े। चीन ने फिलीपींस से तत्काल ऐसी गतिविधियाँ और प्रचार बंद करने की माँग की है।

चीन का रुख और दावे

चीन का पक्ष है कि रनआईच्याओ रीफ उसके नानशा द्वीप समूह का अभिन्न हिस्सा है और चीन की प्रादेशिक भूमि का एक भाग है। इसलिए उस क्षेत्र में चीनी तटरक्षक बल की कानून प्रवर्तन कार्रवाई को वह पूरी तरह उचित और वैध मानता है। चीन ने दोहराया कि वह अपनी प्रभुसत्ता और समुद्री अधिकारों की रक्षा के लिए दृढ़ता से कदम उठाता रहेगा।

गौरतलब है कि दक्षिण चीन सागर में चीन और फिलीपींस के बीच इस तरह की घटनाएँ पिछले कुछ वर्षों में तेज़ी से बढ़ी हैं, और यह ऐसे समय में आई है जब अमेरिका-फिलीपींस रक्षा सहयोग भी गहरा हो रहा है।

मानवीय पहलू: घायलों को जाने की इजाज़त

चीनी तटरक्षक बल के प्रवक्ता च्यांग ल्वे ने बताया कि मंगलवार की सुबह चीन ने मानवीय दृष्टिकोण से फिलीपींस को अनुमति दी कि जहाज 57 पर फंसे घायल लोग छोटी नाव के ज़रिए फिलीपींस कोस्ट गार्ड के जहाज 9702 तक पहुँच सकें। चीनी तटरक्षक बल ने इस पूरी प्रक्रिया की जाँच-पड़ताल और निगरानी की।

प्रवक्ता ने स्पष्ट किया कि चीनी तटरक्षक बल आगे भी रनआईच्याओ रीफ और उसके आसपास के इलाकों में कानून के अनुसार अपने अधिकारों व हितों की रक्षा के लिए गश्त और कानून प्रवर्तन जारी रखेगा।

विशेषज्ञ क्या कहते हैं

अंतरराष्ट्रीय समुद्री कानून विशेषज्ञों के अनुसार, 2016 के हेग मध्यस्थता फैसले ने दक्षिण चीन सागर में चीन के व्यापक दावों को खारिज किया था, हालाँकि चीन उस फैसले को मानने से इनकार करता है। आलोचकों का कहना है कि बार-बार होने वाली ऐसी घटनाएँ क्षेत्रीय स्थिरता के लिए गंभीर खतरा हैं।

आगे क्या होगा

यह विवाद ऐसे समय में उभरा है जब आसियान देश दक्षिण चीन सागर आचार संहिता पर बातचीत कर रहे हैं। फिलीपींस की सरकार की प्रतिक्रिया और अमेरिका के संभावित कूटनीतिक रुख पर अब सबकी नज़र टिकी है।

संपादकीय दृष्टिकोण

फिर राजनयिक चैनल के ज़रिए आक्रामक रुख अपनाओ। लेकिन मानवीय आधार पर घायलों को जाने देने की इजाज़त यह भी दर्शाती है कि बीजिंग अंतरराष्ट्रीय छवि को लेकर सतर्क है। असली सवाल यह है कि क्या फिलीपींस, अमेरिका के साथ गहराते रक्षा संबंधों के बल पर, इस दबाव के सामने झुकेगा या अपनी समुद्री उपस्थिति बनाए रखेगा — क्योंकि 2016 का हेग फैसला कागज़ पर फिलीपींस के पक्ष में है, भले ही ज़मीन पर चीन की बढ़त दिख रही हो।
RashtraPress
22 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

रनआईच्याओ रीफ विवाद क्या है?
रनआईच्याओ रीफ दक्षिण चीन सागर में स्थित एक विवादित भित्ति (reef) है जिसे चीन अपने नानशा द्वीप समूह का हिस्सा मानता है, जबकि फिलीपींस इसे अपने विशेष आर्थिक क्षेत्र में बताता है। यहाँ फिलीपींस का एक पुराना युद्धपोत तैनात है, जिसे लेकर दोनों देशों के बीच बार-बार टकराव होता है।
21 जुलाई को चीन और फिलीपींस के बीच क्या हुआ?
चीन के अनुसार, फिलीपींस के युद्धपोत से छोड़ी गई दो रबर नावों ने रनआईच्याओ रीफ के पास चीनी तटरक्षक जहाज से खतरनाक तरीके से टक्कर मारी और कर्मियों पर हमला किया। इसके बाद चीन ने फिलीपींस के राजदूत को तलब कर कड़ा विरोध दर्ज कराया।
चीन ने घायल फिलीपींस नाविकों को जाने की इजाज़त क्यों दी?
चीनी तटरक्षक बल के प्रवक्ता च्यांग ल्वे के अनुसार, मानवीय दृष्टिकोण से चीन ने फिलीपींस के जहाज 57 पर फंसे घायलों को छोटी नाव के ज़रिए फिलीपींस कोस्ट गार्ड के जहाज 9702 तक पहुँचने की अनुमति दी। चीनी तटरक्षक ने पूरी प्रक्रिया की निगरानी की।
इस विवाद में अंतरराष्ट्रीय कानून का क्या पक्ष है?
2016 में हेग स्थित स्थायी मध्यस्थता न्यायालय ने दक्षिण चीन सागर में चीन के व्यापक दावों को खारिज करते हुए फिलीपींस के पक्ष में फैसला सुनाया था। हालाँकि चीन उस फैसले को मानने से इनकार करता है और अपनी कार्रवाई को घरेलू कानून के तहत वैध बताता है।
इस घटना का क्षेत्रीय स्थिरता पर क्या असर हो सकता है?
यह घटना ऐसे समय में हुई है जब आसियान देश दक्षिण चीन सागर आचार संहिता पर बातचीत कर रहे हैं और अमेरिका-फिलीपींस रक्षा सहयोग गहरा हो रहा है। आलोचकों का कहना है कि बार-बार होने वाली ऐसी घटनाएँ क्षेत्रीय तनाव को और बढ़ा सकती हैं।
राष्ट्र प्रेस
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