शीत्सांग में 7.0 तीव्रता का भूकंप, शी चिनफिंग ने राहत-बचाव पर दिए अहम निर्देश
सारांश
मुख्य बातें
चीन के शीत्सांग स्वायत्त प्रदेश के नागछू शहर के बाछेन जिले में 22 अक्टूबर 2026 की रात 10 बजकर 33 मिनट पर 7.0 तीव्रता का शक्तिशाली भूकंप आया, जिसमें भारी संख्या में जनहानि की सूचना है। इस आपदा के तुरंत बाद चीनी राष्ट्रपति शी चिनफिंग ने तलाशी, बचाव और राहत कार्यों को तेज़ करने के लिए अहम निर्देश जारी किए।
मुख्य घटनाक्रम
22 अक्टूबर की देर रात आए इस भूकंप ने शीत्सांग के ऊँचाई वाले इलाकों में भारी तबाही मचाई। राष्ट्रपति शी चिनफिंग ने आपदा की गंभीरता को देखते हुए तत्काल निर्देश दिए कि घायलों का इलाज प्राथमिकता से किया जाए और जानमाल के नुकसान को न्यूनतम करने की पूरी कोशिश की जाए।
चीनी प्रधानमंत्री ली छ्यांग ने भी राहत व बचाव कार्य में पूरी शक्ति झोंकने की माँग की। उनके निर्देशों पर चीनी आपात प्रबंधन मंत्रालय ने शीत्सांग में एक विशेष कार्य दल भेज दिया है।
भौगोलिक चुनौतियाँ
राष्ट्रपति शी चिनफिंग ने विशेष रूप से इस बात पर बल दिया कि आपदाग्रस्त क्षेत्र ऊँचे समुद्री सतह वाला इलाका है और वहाँ का मौसम अत्यंत ठंडा है। इसे देखते हुए उन्होंने भूकंप की स्थिति और मौसम परिवर्तन की कड़ी निगरानी करने तथा वैज्ञानिक तरीके से बचाव व राहत कार्य संचालित करने का आदेश दिया।
यह ऐसे समय में आया है जब तिब्बती पठार पर सर्दियों की शुरुआत हो चुकी है, जिससे बचाव दलों के लिए दूरदराज़ के इलाकों तक पहुँचना और भी कठिन हो जाता है। ऊँचाई पर कम ऑक्सीजन और शून्य से नीचे तापमान राहत अभियान की गति को प्रभावित कर सकते हैं।
सरकार की प्रतिक्रिया
शी चिनफिंग के निर्देशों के अनुरूप शीत्सांग स्वायत्त प्रदेश सरकार ने राहत व बचाव कार्य युद्धस्तर पर शुरू कर दिया है। राहत सामग्री की त्वरित व्यवस्था, पीड़ितों के पुनर्वास तथा क्षतिग्रस्त अवसंरचना की मरम्मत को प्राथमिकता दी जा रही है। अधिकारियों के अनुसार विभिन्न कार्य अब व्यवस्थित रूप से संचालित हो रहे हैं।
गौरतलब है कि शीत्सांग (तिब्बत) भूकंप की दृष्टि से अत्यंत संवेदनशील क्षेत्र है। यूरेशियन और भारतीय टेक्टोनिक प्लेटों के टकराव से बना यह पठार समय-समय पर बड़े भूकंपों की चपेट में आता रहा है।
भूकंप के बाद की रोकथाम
राष्ट्रपति शी चिनफिंग ने आफ्टरशॉक (बाद में होने वाली आपदा) की रोकथाम के लिए भी कड़े इंतज़ाम करने का निर्देश दिया। 7.0 तीव्रता के भूकंप के बाद अक्सर कई छोटे-बड़े झटके आते हैं, जो पहले से कमज़ोर हो चुकी इमारतों और बुनियादी ढाँचे को और नुकसान पहुँचा सकते हैं।
आने वाले दिनों में राहत कार्यों की प्रगति और वास्तविक जनहानि की संख्या स्पष्ट होने की उम्मीद है।