25 अक्टूबर 2026
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शीत्सांग भूकंप: बाछेन जिले में बिजली आपूर्ति पूरी तरह बहाल, 301 कर्मी तैनात रहे

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शीत्सांग भूकंप: बाछेन जिले में बिजली आपूर्ति पूरी तरह बहाल, 301 कर्मी तैनात रहे

सारांश

शीत्सांग के बाछेन जिले में 7.0 तीव्रता के भूकंप ने जब बिजली छीनी, तो सर्दी की रात और भी कठिन हो गई। 301 कर्मियों और 39 वाहनों की तैनाती के बाद 24 अक्टूबर की रात बिजली पूरी तरह बहाल हुई — राहत शिविरों में रोशनी और गर्माहट लौटी।

मुख्य बातें

शीत्सांग के नागछु शहर के बाछेन जिले में 24 अक्टूबर 2026 की रात 8:38 बजे बिजली आपूर्ति पूरी तरह बहाल की गई।
भूकंप की तीव्रता 7.0 मापी गई थी, जिसने इस पहाड़ी क्षेत्र में व्यापक नुकसान पहुँचाया।
आपातकालीन मरम्मत में 301 कर्मी , 39 वाहन , 19 जनरेटर ट्रक और 83 सेट आपातकालीन उपकरण तैनात किए गए।
राहत कार्यों में पुनर्वास स्थलों पर प्रकाश, टेंटों में बिजली कनेक्शन और कमांड सेंटर को आपूर्ति शामिल थी।
स्टेट ग्रिड शीत्सांग इलेक्ट्रिक पावर ने सर्दियों में निर्बाध बिजली आपूर्ति जारी रखने का आश्वासन दिया है।

शीत्सांग के नागछु शहर के बाछेन जिले में 7.0 तीव्रता के भूकंप से बाधित बिजली आपूर्ति 24 अक्टूबर 2026 की रात 8:38 बजे पूरी तरह बहाल कर दी गई, जब अंतिम निम्न-वोल्टेज ट्रांसफार्मर क्षेत्र को भी ग्रिड से जोड़ दिया गया। यह राहत कार्य उस विनाशकारी भूकंप के बाद चलाया गया जिसने इस दूरस्थ और ठंडे पहाड़ी इलाके में व्यापक तबाही मचाई थी।

मुख्य घटनाक्रम

भूकंप आते ही स्टेट ग्रिड शीत्सांग इलेक्ट्रिक पावर ने आपातकालीन प्रतिक्रिया तंत्र सक्रिय किया और राहत व मरम्मत के लिए संसाधनों की त्वरित तैनाती की। अधिकारियों के अनुसार, पूरे अभियान में 301 कर्मियों और 39 वाहनों को मैदान में उतारा गया।

इसके अलावा 19 मध्यम एवं निम्न-वोल्टेज जनरेटर ट्रक और आपातकालीन उपकरणों के 83 सेट भी तैनात किए गए। बिजली कनेक्शन की आपूर्ति श्रृंखला भी युद्धस्तर पर सुनिश्चित की गई।

राहत कार्यों का दायरा

मरम्मत दल ने ऑन-साइट कमांड सेंटर को बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने के साथ-साथ पुनर्वास स्थलों पर प्रकाश व्यवस्था स्थापित की। राहत शिविरों में लगाए गए टेंटों को बिजली कनेक्शन देना और क्षतिग्रस्त बिजली लाइनों की पुनर्स्थापना भी इस अभियान का हिस्सा रही।

गौरतलब है कि यह क्षेत्र तिब्बती पठार पर स्थित है जहाँ सर्दियों में तापमान शून्य से कई डिग्री नीचे चला जाता है, ऐसे में बिजली बहाली केवल सुविधा नहीं बल्कि जीवन-रक्षा का मामला है।

आम जनता पर असर

बिजली बहाल होने से भूकंप प्रभावित निवासियों को कड़ाके की सर्दी में राहत मिली है। हीटिंग व्यवस्था, चिकित्सा उपकरण और संचार तंत्र — सभी बिजली आपूर्ति पर निर्भर थे। राहत शिविरों में रह रहे लोगों को अब रात के अंधेरे और ठंड से कुछ हद तक निजात मिली है।

क्या होगा आगे

स्टेट ग्रिड शीत्सांग इलेक्ट्रिक पावर ने स्पष्ट किया है कि वह भूकंप प्रभावित क्षेत्र के प्रमुख स्थानों पर निर्बाध बिजली आपूर्ति की गारंटी देने की अपनी जिम्मेदारी जारी रखेगी। सर्दियों के मौसम को देखते हुए यह सुनिश्चित करना प्राथमिकता बताई जा रही है कि पुनर्वास शिविरों में रह रहे भूकंप पीड़ितों को गर्माहट मिलती रहे। अधिकारियों ने भरोसा दिलाया है कि बिजली आपूर्ति को सुरक्षित और विश्वसनीय बनाए रखने के लिए हर संभव प्रयास किया जाएगा।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली सवाल यह है कि 7.0 तीव्रता के भूकंप से प्रभावित इस दूरस्थ तिब्बती इलाके में पुनर्निर्माण की गति कितनी है और कितने लोग अभी भी राहत शिविरों में हैं। बिजली बहाली एक महत्वपूर्ण पड़ाव है, किंतु सर्दियों में आवास, स्वास्थ्य सेवा और खाद्य आपूर्ति की चुनौतियाँ कहीं बड़ी हैं। इस क्षेत्र की भौगोलिक दुरूहता को देखते हुए, स्वतंत्र सत्यापन के बिना राहत कार्यों की वास्तविक स्थिति का आकलन कठिन बना रहता है।
RashtraPress
25 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

शीत्सांग के बाछेन जिले में बिजली कब और कैसे बहाल हुई?
24 अक्टूबर 2026 की रात 8:38 बजे अंतिम निम्न-वोल्टेज ट्रांसफार्मर क्षेत्र में बिजली बहाल होने के साथ बाछेन जिले की पूरी बिजली आपूर्ति सामान्य हो गई। स्टेट ग्रिड शीत्सांग इलेक्ट्रिक पावर ने 301 कर्मियों और 39 वाहनों की तैनाती कर यह कार्य पूरा किया।
शीत्सांग भूकंप की तीव्रता कितनी थी?
शीत्सांग के नागछु शहर के बाछेन जिले को प्रभावित करने वाले इस भूकंप की तीव्रता 7.0 मापी गई थी। यह इलाका तिब्बती पठार पर स्थित है जहाँ भूकंपीय गतिविधियाँ सामान्य रूप से होती रहती हैं।
भूकंप राहत में कितने संसाधन तैनात किए गए?
आपातकालीन मरम्मत अभियान में कुल 301 कर्मी, 39 वाहन, 19 मध्यम एवं निम्न-वोल्टेज जनरेटर ट्रक और आपातकालीन उपकरणों के 83 सेट तैनात किए गए। इसके अलावा बिजली कनेक्शन सामग्री की आपूर्ति भी सुनिश्चित की गई।
राहत शिविरों में बिजली बहाली क्यों जरूरी थी?
शीत्सांग तिब्बती पठार पर स्थित है जहाँ सर्दियों में तापमान शून्य से कई डिग्री नीचे गिर जाता है। पुनर्वास शिविरों में रह रहे भूकंप पीड़ितों के लिए बिजली न केवल रोशनी बल्कि हीटिंग, चिकित्सा उपकरणों और संचार के लिए भी अनिवार्य थी।
आगे स्टेट ग्रिड शीत्सांग की क्या योजना है?
स्टेट ग्रिड शीत्सांग इलेक्ट्रिक पावर ने भूकंप प्रभावित क्षेत्र के प्रमुख स्थानों पर सुरक्षित और विश्वसनीय बिजली आपूर्ति जारी रखने का संकल्प व्यक्त किया है। सर्दियों को देखते हुए राहत शिविरों में निर्बाध बिजली सुनिश्चित करना प्राथमिकता बताई जा रही है।
राष्ट्र प्रेस
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