शीत्सांग भूकंप: बाछेन जिले में बिजली आपूर्ति पूरी तरह बहाल, 301 कर्मी तैनात रहे
सारांश
मुख्य बातें
शीत्सांग के नागछु शहर के बाछेन जिले में 7.0 तीव्रता के भूकंप से बाधित बिजली आपूर्ति 24 अक्टूबर 2026 की रात 8:38 बजे पूरी तरह बहाल कर दी गई, जब अंतिम निम्न-वोल्टेज ट्रांसफार्मर क्षेत्र को भी ग्रिड से जोड़ दिया गया। यह राहत कार्य उस विनाशकारी भूकंप के बाद चलाया गया जिसने इस दूरस्थ और ठंडे पहाड़ी इलाके में व्यापक तबाही मचाई थी।
मुख्य घटनाक्रम
भूकंप आते ही स्टेट ग्रिड शीत्सांग इलेक्ट्रिक पावर ने आपातकालीन प्रतिक्रिया तंत्र सक्रिय किया और राहत व मरम्मत के लिए संसाधनों की त्वरित तैनाती की। अधिकारियों के अनुसार, पूरे अभियान में 301 कर्मियों और 39 वाहनों को मैदान में उतारा गया।
इसके अलावा 19 मध्यम एवं निम्न-वोल्टेज जनरेटर ट्रक और आपातकालीन उपकरणों के 83 सेट भी तैनात किए गए। बिजली कनेक्शन की आपूर्ति श्रृंखला भी युद्धस्तर पर सुनिश्चित की गई।
राहत कार्यों का दायरा
मरम्मत दल ने ऑन-साइट कमांड सेंटर को बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने के साथ-साथ पुनर्वास स्थलों पर प्रकाश व्यवस्था स्थापित की। राहत शिविरों में लगाए गए टेंटों को बिजली कनेक्शन देना और क्षतिग्रस्त बिजली लाइनों की पुनर्स्थापना भी इस अभियान का हिस्सा रही।
गौरतलब है कि यह क्षेत्र तिब्बती पठार पर स्थित है जहाँ सर्दियों में तापमान शून्य से कई डिग्री नीचे चला जाता है, ऐसे में बिजली बहाली केवल सुविधा नहीं बल्कि जीवन-रक्षा का मामला है।
आम जनता पर असर
बिजली बहाल होने से भूकंप प्रभावित निवासियों को कड़ाके की सर्दी में राहत मिली है। हीटिंग व्यवस्था, चिकित्सा उपकरण और संचार तंत्र — सभी बिजली आपूर्ति पर निर्भर थे। राहत शिविरों में रह रहे लोगों को अब रात के अंधेरे और ठंड से कुछ हद तक निजात मिली है।
क्या होगा आगे
स्टेट ग्रिड शीत्सांग इलेक्ट्रिक पावर ने स्पष्ट किया है कि वह भूकंप प्रभावित क्षेत्र के प्रमुख स्थानों पर निर्बाध बिजली आपूर्ति की गारंटी देने की अपनी जिम्मेदारी जारी रखेगी। सर्दियों के मौसम को देखते हुए यह सुनिश्चित करना प्राथमिकता बताई जा रही है कि पुनर्वास शिविरों में रह रहे भूकंप पीड़ितों को गर्माहट मिलती रहे। अधिकारियों ने भरोसा दिलाया है कि बिजली आपूर्ति को सुरक्षित और विश्वसनीय बनाए रखने के लिए हर संभव प्रयास किया जाएगा।