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तिब्बत में 7.0 तीव्रता का भूकंप: 16 की मौत, 32 घायल, 300 से अधिक घर ढहे

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तिब्बत में 7.0 तीव्रता का भूकंप: 16 की मौत, 32 घायल, 300 से अधिक घर ढहे

सारांश

तिब्बत में 7.0 तीव्रता के भूकंप ने 16 जानें लीं, 300 से अधिक घर ढहे। ल्हासा से 400 किमी दूर और 173 किमी गहराई में आए इस झटके ने एक बार फिर किंगहाई-तिब्बत पठार की आपदा-संवेदनशीलता को उजागर किया है — जहाँ जनवरी 2025 के बाद से यह दूसरी बड़ी त्रासदी है।

मुख्य बातें

तिब्बत में 23 अक्टूबर 2026 को 7.0 तीव्रता के भूकंप में 16 लोगों की मौत और 32 घायल ।
भूकंप का केंद्र ल्हासा से करीब 400 किलोमीटर दूर और सतह से 173 किलोमीटर गहराई में था।
300 से अधिक घर ध्वस्त; 11 घायलों की हालत गंभीर।
राहत कार्य में 300 से अधिक पुलिसकर्मी और 347 अग्निशमन कर्मचारी तैनात।
जनवरी 2025 में 6.8 तीव्रता के भूकंप में 120 से अधिक लोगों की मौत हुई थी।
विशेषज्ञों का कहना है कि बढ़ता तापमान और पिघलते ग्लेशियर किंगहाई-तिब्बत पठार में आपदा जोखिम बढ़ा रहे हैं।

तिब्बत में 23 अक्टूबर 2026 (गुरुवार) को 7.0 तीव्रता के शक्तिशाली भूकंप ने भारी तबाही मचाई, जिसमें कम से कम 16 लोगों की मौत हो गई और 32 अन्य घायल हुए। तिब्बत की राजधानी ल्हासा से लगभग 400 किलोमीटर दूर केंद्रित इस भूकंप ने 300 से अधिक घरों को ज़मींदोज़ कर दिया। स्थानीय आपातकालीन प्रबंधन ब्यूरो के अनुसार राहत और बचाव अभियान युद्धस्तर पर जारी है।

भूकंप का केंद्र और तीव्रता

भारत के राष्ट्रीय भूकंप विज्ञान केंद्र (NCS) के अनुसार, यह भूकंप धरती की सतह से 173 किलोमीटर गहराई में उत्पन्न हुआ। भूकंप का केंद्र ल्हासा से करीब 400 किलोमीटर दूर था। गहराई अधिक होने के बावजूद सतह पर इसका असर व्यापक रहा, जो इस भूकंप की तीव्रता की गंभीरता को दर्शाता है।

घायलों की स्थिति और राहत अभियान

शुक्रवार, 24 अक्टूबर की सुबह 2:25 बजे तक की जानकारी के अनुसार, घायलों में से 11 की हालत गंभीर बनी हुई है, जबकि 21 लोगों को मामूली चोटें आई हैं। नुकसान का पूर्ण आकलन अभी भी किया जा रहा है।

राहत कार्य के लिए 300 से अधिक पुलिसकर्मियों को भूकंप केंद्र वाले इलाके में तैनात किया गया है। इसके साथ ही, क्षेत्रीय अग्निशमन एवं बचाव विभाग ने 347 कर्मचारियों को प्रभावित क्षेत्रों में भेजा है।

क्षेत्र में आपदाओं का इतिहास

गौरतलब है कि यह तिब्बत में हाल के महीनों में आई कई बड़ी आपदाओं में सबसे ताज़ा है। जनवरी 2025 में 6.8 तीव्रता के एक भूकंप में 120 से अधिक लोगों की जान गई थी और सैकड़ों घायल हुए थे। इस वर्ष 3 सितंबर को भी तिब्बत में 5.0 तीव्रता का भूकंप आया था, जिसका केंद्र लगभग 14 किलोमीटर गहराई में था।

यह भूकंप नेपाल-तिब्बत सीमा के पास 26 अगस्त को हुए बर्फ-चट्टान हिमस्खलन के महज़ कुछ सप्ताह बाद आया है। उस घटना से उत्पन्न अचानक बाढ़ ने घरों, सड़कों और पुलों को बहा दिया था, कई जलविद्युत परियोजनाओं को नुकसान पहुँचा था और हज़ारों लोग लापता हो गए थे। इसी क्षेत्र में अगस्त में आई विनाशकारी बाढ़ में 1,400 से अधिक लोगों की मौत हुई थी।

विशेषज्ञों की चेतावनी

विशेषज्ञों का कहना है कि बढ़ता तापमान, तेज़ी से पिघलते ग्लेशियर और मौसम की चरम घटनाएँ किंगहाई-तिब्बत पठार में प्राकृतिक आपदाओं के खतरे को और गहरा कर सकती हैं। आलोचकों का मानना है कि यह क्षेत्र पहले से ही हाल की आपदाओं के दीर्घकालिक असर से उबरने में संघर्ष कर रहा है, और ऐसे में एक और बड़ी आपदा ने स्थिति को और कठिन बना दिया है।

आगे की स्थिति

अधिकारियों के अनुसार, नुकसान का पूर्ण आकलन पूरा होने के बाद राहत वितरण की प्राथमिकता तय की जाएगी। बचाव दल लगातार मलबे में फँसे लोगों की तलाश में जुटे हैं। यह स्थिति आने वाले दिनों में और स्पष्ट होने की उम्मीद है।

संपादकीय दृष्टिकोण

अगस्त में बाढ़ से 1,400 से अधिक मौतें, और अब 7.0 का नया झटका — किंगहाई-तिब्बत पठार एक के बाद एक आपदाओं से घिरता जा रहा है। विशेषज्ञ जलवायु परिवर्तन को इस बढ़ती आवृत्ति से जोड़ रहे हैं, लेकिन सवाल यह है कि क्या राहत और पुनर्निर्माण की रफ्तार इस आपदा चक्र के साथ कदम मिला पा रही है। 300 से अधिक घरों का ढहना यह भी बताता है कि इस दुर्गम इलाके में भवन-निर्माण मानकों और आपदा-रोधी बुनियादी ढाँचे पर दीर्घकालिक नीतिगत ध्यान देने की ज़रूरत है।
RashtraPress
23 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

तिब्बत में 23 अक्टूबर 2026 को आए भूकंप की तीव्रता कितनी थी?
23 अक्टूबर 2026 को तिब्बत में 7.0 तीव्रता का भूकंप आया। भारत के राष्ट्रीय भूकंप विज्ञान केंद्र के अनुसार इसका केंद्र ल्हासा से लगभग 400 किलोमीटर दूर और सतह से 173 किलोमीटर गहराई में था।
तिब्बत भूकंप 2026 में कितने लोगों की मौत हुई और कितने घायल हैं?
इस भूकंप में अब तक 16 लोगों की मौत हो चुकी है और 32 लोग घायल हुए हैं। घायलों में से 11 की हालत गंभीर बताई गई है, जबकि 21 को मामूली चोटें आई हैं।
तिब्बत भूकंप में राहत और बचाव कार्य की क्या स्थिति है?
300 से अधिक पुलिसकर्मियों और क्षेत्रीय अग्निशमन विभाग के 347 कर्मचारियों को प्रभावित क्षेत्रों में तैनात किया गया है। बचाव कार्य लगातार जारी है और नुकसान का पूर्ण आकलन अभी किया जा रहा है।
क्या तिब्बत में पहले भी इस तरह के बड़े भूकंप आए हैं?
हाँ, जनवरी 2025 में तिब्बत में 6.8 तीव्रता के भूकंप में 120 से अधिक लोगों की मौत हुई थी। इस वर्ष 3 सितंबर को भी 5.0 तीव्रता का भूकंप आया था। ताज़ा भूकंप इस क्षेत्र में बढ़ती आपदाओं की श्रृंखला का हिस्सा है।
तिब्बत में बार-बार आपदाएँ क्यों आ रही हैं?
विशेषज्ञों का कहना है कि बढ़ता तापमान, तेज़ी से पिघलते ग्लेशियर और मौसम की चरम घटनाएँ किंगहाई-तिब्बत पठार में प्राकृतिक आपदाओं का खतरा बढ़ा रही हैं। अगस्त 2026 में नेपाल-तिब्बत सीमा पर हिमस्खलन और बाढ़ से 1,400 से अधिक लोगों की मौत इसी संदर्भ में देखी जा रही है।
राष्ट्र प्रेस
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