तिब्बत भूकंप: सीटीए ने द्राचेन काउंटी में तत्काल बचाव व पारदर्शिता की माँग की
सारांश
मुख्य बातें
केंद्रीय तिब्बती प्रशासन (सीटीए) की कैबिनेट ने शुक्रवार, 23 अक्टूबर 2026 को तिब्बत के नागचू क्षेत्र के द्राचेन काउंटी में आए विनाशकारी भूकंप के बाद तत्काल मानवीय बचाव व राहत कार्यों का आह्वान किया। धर्मशाला से जारी आधिकारिक बयान में सीटीए ने शोकाकुल परिवारों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त करते हुए घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने और मृतकों के शांतिपूर्ण पुनर्जन्म की प्रार्थना की।
भूकंप की पृष्ठभूमि और स्थिति
यह भूकंप 22 अक्टूबर की देर रात आया, जब अधिकांश निवासी कथित तौर पर अपने घरों के अंदर थे। सर्दी का मौसम दस्तक दे रहा है और खानाबदोश परिवार इस दौरान पारंपरिक रूप से अपने शीतकालीन आवासों में लौट आते हैं, जिससे आपदा का मानवीय असर और भी गहरा हो सकता है। सीटीए के अनुसार, प्रभावित क्षेत्रों में स्थिति गंभीर बनी हुई है और नुकसान की वास्तविक सीमा तथा बचे लोगों की ज़रूरतों को लेकर अभी भी काफी अनिश्चितता है।
स्वयंसेवकों पर रोक को लेकर चिंता
सीटीए ने उन रिपोर्टों पर गहरी चिंता जताई है, जिनके अनुसार तिब्बत के अन्य हिस्सों से राहत के लिए आ रहे तिब्बती स्वयंसेवकों को आपदा क्षेत्र में प्रवेश करने से कथित तौर पर रोका जा रहा है। काशाग के बयान का मुख्य संदेश यह है कि मानवीय हितों को राजनीतिक और प्रशासनिक प्रतिबंधों से ऊपर रखा जाना चाहिए। यह ऐसे समय में आया है जब अंतरराष्ट्रीय समुदाय तिब्बत में मानवाधिकार की स्थिति पर पहले से ही नज़र बनाए हुए है।
सरकारों और अंतरराष्ट्रीय समुदाय से आह्वान
सीटीए ने विश्व सरकारों और अंतरराष्ट्रीय संस्थाओं से चीनी अधिकारियों पर पारदर्शिता और निर्बाध मानवीय सहायता पहुँचाने के लिए दबाव बनाने की अपील की है। बयान में विशेष रूप से हताहतों की संख्या और विनाश की रिपोर्टिंग में पारदर्शिता, तिब्बती धार्मिक परंपराओं की सुरक्षा तथा मानवीय सहायता के लिए निर्बाध पहुँच सुनिश्चित करने पर ज़ोर दिया गया।
तत्काल राहत की प्राथमिकताएँ
सीटीए ने तत्काल मानवीय प्राथमिकताओं की एक सूची रेखांकित की है, जिसमें खोज और बचाव अभियान, घायलों का उपचार, आपातकालीन आवास, गर्म कपड़े, भोजन, आवश्यक सामग्री और क्षतिग्रस्त बुनियादी ढाँचे की मरम्मत शामिल हैं। गौरतलब है कि नागचू क्षेत्र की ऊँचाई और सर्दियों की शुरुआत इन कार्यों को और अधिक जटिल बना देती है।
सीटीए अध्यक्ष का आह्वान और प्रार्थना सभा
सीटीए अध्यक्ष पेनपा त्सेरिंग ने तिब्बती बाल गांव की 66वीं स्थापना वर्षगांठ के अवसर पर भी पारदर्शिता का आह्वान किया। सीटीए ने शुक्रवार को धर्मशाला स्थित त्सुगलाखंग मंदिर में एक आधिकारिक प्रार्थना सभा का आयोजन किया। आने वाले दिनों में राहत पहुँच और सूचनाओं की उपलब्धता पर अंतरराष्ट्रीय दबाव बढ़ने की संभावना है।