मैक्रों-जेलेंस्की वार्ता: फ्रांस का यूक्रेन को हर जरूरी मदद का वादा, 'फ्रेया' एंटी-बैलिस्टिक सिस्टम साल के अंत तक तैयार होगा
सारांश
मुख्य बातें
फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों और यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की के बीच 16 अक्टूबर 2026 को टेलीफोनिक वार्ता हुई, जिसमें मैक्रों ने यूक्रेन को रक्षा और स्थायी शांति के लिए हर जरूरी संसाधन मुहैया कराने का संकल्प दोहराया। यह वार्ता ऐसे समय में हुई जब रूस ने यूक्रेन के लुत्स्क शहर के ऊर्जा बुनियादी ढाँचे पर ड्रोन हमला किया, जिससे पूरे शहर की बिजली ठप हो गई।
मैक्रों का संकल्प: 'फ्रांस यूक्रेन के साथ मजबूती से खड़ा है'
राष्ट्रपति मैक्रों ने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर पोस्ट करते हुए कहा, 'रात मैंने राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की से दोबारा बात की और उन्हें भरोसा दिलाया कि फ्रांस यूक्रेन और वहाँ के लोगों के साथ मजबूती से खड़ा रहेगा।' उन्होंने आगे जोड़ा कि रूस मोर्चे पर आ रही मुश्किलों के बीच हालात को और गंभीर बनाने का रास्ता चुन रहा है, इसलिए यूक्रेन को अपने नागरिकों और जरूरी बुनियादी ढाँचे की सुरक्षा के लिए हर जरूरी मदद देना अनिवार्य है।
मैक्रों ने यह भी स्पष्ट किया कि फ्रांस यूक्रेन को एक मजबूत और स्थायी शांति हासिल करने की उसकी कोशिश में लगातार समर्थन देता रहेगा और अपनी जिम्मेदारियाँ निभाता रहेगा।
लुत्स्क पर ड्रोन हमला: बातचीत के दौरान ही हुआ हमला
राष्ट्रपति जेलेंस्की ने खुलासा किया कि मैक्रों के साथ बातचीत के दौरान ही रूस ने लुत्स्क में यूक्रेन के ऊर्जा ढाँचे पर एक और ड्रोन हमला किया, जिससे शहर में बिजली गुल हो गई। जेलेंस्की ने एक्स पर लिखा, 'दुर्भाग्य से, हाल के दिनों में रूस की ओर से इस तरह के लगातार और खुलेआम किए जा रहे हमले लगभग बिना रुके जारी हैं।'
जेलेंस्की के अनुसार, रूस ने अमेरिकी राष्ट्रपति के उस प्रस्ताव को भी नजरअंदाज कर दिया है जिसमें ऊर्जा ढाँचे पर हमले रोकने और संघर्षविराम का आह्वान किया गया था। गौरतलब है कि रूस अब स्टारलिंक सेवा में आ रही तकनीकी समस्याओं का फायदा उठाकर आम लोगों की रोजमर्रा की जिंदगी को प्रभावित करने वाले बुनियादी संसाधनों को अधिकतम नुकसान पहुँचाने की कोशिश में है।
'फ्रेया' एंटी-बैलिस्टिक प्रणाली और नई सहायता पैकेज
जेलेंस्की ने बताया कि मैक्रों के साथ इन चुनौतियों से निपटने के कई तरीकों पर चर्चा हुई। इस महीने यूक्रेन की वायु सेना को मजबूत करने के लिए नई सहायता पैकेज दिए जाएँगे। यूरोप की 'फ्रेया' एंटी-बैलिस्टिक रक्षा प्रणाली पर काम को भी तेज किया जा रहा है, और लक्ष्य है कि यह प्रणाली 2026 के अंत तक पूरी तरह सक्रिय हो जाए।
जेलेंस्की ने यह भी बताया कि फ्रांस ने यूक्रेन से किए गए वादे के मुताबिक हथियारों के उत्पादन से जुड़े सभी जरूरी लाइसेंस मंजूर कर दिए हैं। उन्होंने फ्रांस की इस पहल का स्वागत करते हुए कहा कि अब इन योजनाओं को तेजी से लागू किए जाने की जरूरत है।
रूस की बढ़ती आक्रामकता पर यूक्रेन का आकलन
जेलेंस्की ने स्वीकार किया कि वे इस बात की सराहना करते हैं कि रूस की बढ़ती आक्रामकता का समाधान खोजने के लिए फ्रांस अपनी ओर से पूरी कोशिश कर रहा है। यह वार्ता ऐसे समय में हुई जब यूरोपीय देशों पर यूक्रेन के समर्थन को लेकर कूटनीतिक दबाव लगातार बढ़ रहा है। विश्लेषकों के अनुसार, 'फ्रेया' प्रणाली की समयसीमा सार्वजनिक करना यूरोप की ओर से एक महत्वपूर्ण रणनीतिक संदेश है।
आगे देखें तो यूक्रेन की वायु सुरक्षा को मजबूत करना और 'फ्रेया' प्रणाली की समय पर तैनाती इस संघर्ष के अगले चरण की दिशा तय करने में निर्णायक भूमिका निभा सकती है।