जी-7 सम्मेलन में यूक्रेन की एयर डिफेंस मजबूत करने और रूस पर दबाव बढ़ाने पर सहमति: जेलेंस्की
सारांश
मुख्य बातें
यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की ने 17 जून को बताया कि फ्रांस में आयोजित जी-7 शिखर सम्मेलन में यूक्रेन को अंतरराष्ट्रीय साझेदारों का ठोस समर्थन मिला है। सम्मेलन में यूक्रेन की वायु रक्षा (एयर डिफेंस) को सुदृढ़ करने और रूस पर युद्ध को लेकर दबाव बढ़ाने के लिए कई महत्वपूर्ण कदमों पर सहमति बनी।
जेलेंस्की का बयान
जेलेंस्की ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर पोस्ट करते हुए कहा, 'फ्रांस में हुए जी-7 शिखर सम्मेलन से यूक्रेन को महत्वपूर्ण समर्थन मिला है। सबसे अहम बात यह रही कि हमने यूक्रेन की वायु रक्षा को और मजबूत करने पर सहमति बनाई है। इसके अलावा, रूस पर उसके युद्ध को लेकर दबाव बढ़ाने के लिए नए कदम भी उठाए जाएंगे — ऐसा दबाव जो शांति स्थापित करने के लिए जरूरी है। हमारे साझेदार देश यूक्रेन की रक्षा और ऊर्जा सुरक्षा को मजबूत बनाए रखने में भी सहयोग देंगे।'
जेलेंस्की ने जोर देते हुए कहा कि वैश्विक एकजुटता वास्तव में रूस की उस क्षमता को कम कर रही है जिसके बल पर वह यूक्रेन के खिलाफ इस 'बेवजह और आपराधिक आक्रामकता' को जारी रखे हुए है।
यूरोपीय संघ नेतृत्व से मुलाकात
राष्ट्रपति जेलेंस्की ने यूरोपीय परिषद के अध्यक्ष एंटोनियो कोस्टा और यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन से भी मुलाकात की। उन्होंने यूरोपीय संघ का आभार जताया कि उसने यूक्रेन और मोल्दोवा के लिए सदस्यता वार्ता के पहले चरण (नेगोशिएशन क्लस्टर) को शुरू करने का निर्णय लिया है।
बैठक में अगले पाँच वार्ता चरणों को शुरू करने की समय-सीमा और यूरोपीय एकीकरण की दिशा में यूक्रेन के आगे के कदमों पर विस्तृत चर्चा हुई। यह ऐसे समय में आया है जब यूक्रेन-रूस संघर्ष को तीन वर्ष से अधिक हो चुके हैं और पश्चिमी देशों का समर्थन कायम रखना कूटनीतिक रूप से अहम बना हुआ है।
वित्तीय सहायता और प्रतिबंधों पर चर्चा
जेलेंस्की के अनुसार, बैठक में वित्तीय सहायता पैकेज को लागू करने और उसकी पहली किस्त जारी करने की तैयारियों पर विशेष ध्यान दिया गया। साथ ही रूस के खिलाफ प्रतिबंधों को और कड़ा करने तथा शांति स्थापित करने के लिए कूटनीतिक प्रयासों पर भी सहमति बनी।
गौरतलब है कि यह जी-7 सम्मेलन ऐसे समय में हुआ जब यूक्रेन पर रूसी हवाई हमलों की तीव्रता बढ़ी है, जिससे एयर डिफेंस को प्राथमिकता देना और भी जरूरी हो गया है।
आगे क्या होगा
जेलेंस्की ने स्पष्ट किया कि जब तक रूस युद्ध जारी रखने का इरादा रखता है, तब तक यूक्रेन की वायु रक्षा को सुदृढ़ करना और देश के लिए सुरक्षा गारंटी सुनिश्चित करना प्राथमिक लक्ष्य रहेगा। साझेदार देशों के साथ समन्वय और सहयोग का यह सिलसिला आगे भी जारी रहेगा।