तेलिन शिखर सम्मेलन: जेलेंस्की की फिनलैंड PM ओर्पो से मुलाकात, एयर डिफेंस और ड्रोन डील पर अहम चर्चा
सारांश
मुख्य बातें
यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की ने 9 जून 2026 को तेलिन में फिनलैंड के प्रधानमंत्री पेटेरी ओर्पो के साथ द्विपक्षीय बैठक की, जिसमें यूक्रेन की एयर डिफेंस क्षमता को मजबूत करने, यूरोप में एंटी-बैलिस्टिक रक्षा प्रणाली के विकास और ड्रोन डील की तैयारियों पर विस्तृत चर्चा हुई। यह बैठक यूक्रेन-उत्तरी यूरोप और बाल्टिक देशों के शिखर सम्मेलन की शुरुआत से ठीक पहले हुई।
बैठक में क्या हुई चर्चा
जेलेंस्की ने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर अपनी पोस्ट में बताया कि दोनों नेताओं के बीच यूरोप में एंटी-बैलिस्टिक रक्षा प्रणाली के विकास पर जारी कार्य और ड्रोन डील प्रारूप में होने वाले समझौते की तैयारियों पर गहन विचार-विमर्श हुआ। उन्होंने कहा कि दोनों देशों की टीमें इस दिशा में सक्रिय रूप से काम कर रही हैं।
जेलेंस्की ने अपनी पोस्ट में लिखा, 'हमने खास तौर पर यूक्रेन की वायु रक्षा को मजबूत करने की जरूरत, क्षेत्र की सुरक्षा चुनौतियों और न्यायपूर्ण शांति हासिल करने के लिए किए जा रहे कूटनीतिक प्रयासों पर बात की।' उन्होंने यह भी कहा कि उन्होंने प्रधानमंत्री ओर्पो को यूरोपीय और अमेरिकी नेताओं के साथ चल रहे संपर्कों और बातचीत की जानकारी दी।
फिनलैंड के समर्थन पर आभार
जेलेंस्की ने फिनलैंड की सरकार और वहाँ के नागरिकों का यूक्रेन के प्रति समर्थन के लिए आभार व्यक्त किया। उन्होंने विशेष रूप से सैन्य सहायता पैकेजों और 'पर्ल' कार्यक्रम में फिनलैंड के योगदान की सराहना की। जेलेंस्की ने इस बात पर जोर दिया कि फिनलैंड का आगे भी यूक्रेन की मदद जारी रखने का इरादा अत्यंत महत्वपूर्ण है।
स्वीडन के PM से भी हुई मुलाकात
इसी दौरान जेलेंस्की ने स्वीडन के प्रधानमंत्री उल्फ क्रिस्टर्सन का भी यूक्रेन के समर्थन के लिए आभार जताया। दोनों नेताओं के बीच ग्रिपेन फाइटर जेट की तैनाती और फ्रंटलाइन पर चल रही गतिविधियों पर भी बातचीत हुई। प्रधानमंत्री क्रिस्टर्सन ने कहा कि युद्ध के मैदान में यूक्रेन की स्थिति मजबूत है और स्वीडन अपना समर्थन जारी रखेगा।
जेलेंस्की ने एक्स पर अपनी पोस्ट में लिखा, 'आपके समर्थन के लिए बहुत-बहुत धन्यवाद। हम पूरी कोशिश कर रहे हैं कि ग्रिपेन लड़ाकू विमान जल्द ही संचालन में आ सकें और स्वीडन के साथ हमारे मजबूत संबंध आगे भी बने रहें।'
यूरोपीय सुरक्षा का व्यापक संदर्भ
यह बैठक ऐसे समय में हुई है जब यूरोप में सामूहिक रक्षा को लेकर तात्कालिकता बढ़ रही है। तेलिन शिखर सम्मेलन उत्तरी यूरोप और बाल्टिक देशों को एक मंच पर लाता है, जो रूस की सीमा से सटे होने के कारण यूक्रेन संघर्ष को अपनी सुरक्षा के लिए सीधे प्रासंगिक मानते हैं। गौरतलब है कि फिनलैंड नाटो में शामिल होने के बाद से यूक्रेन के समर्थन में अग्रणी भूमिका निभा रहा है। आने वाले दिनों में ड्रोन डील और एयर डिफेंस सहयोग पर ठोस समझौतों की उम्मीद जताई जा रही है।