जेलेंस्की का आरोप: रूस ने 39 बैलिस्टिक मिसाइलों से यूक्रेन के ऊर्जा केंद्रों पर हमला, 6 लाख लोग अंधेरे में
सारांश
मुख्य बातें
यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की ने 14 अक्टूबर 2026 को आरोप लगाया कि रूस ने रातभर 39 बैलिस्टिक मिसाइलों और 120 से अधिक हमलावर ड्रोन तथा लोइटरिंग म्यूनिशन से यूक्रेन के ऊर्जा और महत्वपूर्ण बुनियादी ढाँचे को निशाना बनाया। उन्होंने दावा किया कि ये वही ऊर्जा केंद्र थे जिन्हें अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की ओर से घोषित 'एनर्जी ट्रूस' (युद्धविराम) के दायरे में शामिल किया गया था। जेलेंस्की के अनुसार, इन हमलों के कारण कम से कम 6 लाख लोग बिजली से वंचित हो गए हैं।
हमलों का दायरा और स्वरूप
जेलेंस्की ने बताया कि रूसी हमलों में कीव, कीव क्षेत्र और खार्किव के ऊर्जा एवं महत्वपूर्ण बुनियादी ढाँचे को विशेष रूप से निशाना बनाया गया। उन्होंने स्पष्ट किया कि ऊर्जा केंद्रों पर बैलिस्टिक मिसाइल से हमला जानबूझकर किया गया — यह तकनीकी भूल नहीं थी।
यूक्रेनी राष्ट्रपति के अनुसार, हमलों से देश की बिजली व्यवस्था से जुड़े 26 केंद्रों और तेल एवं गैस क्षेत्र की 4 सुविधाओं को भारी नुकसान पहुँचा है। उन्होंने आशंका जताई कि बिजली कटौती का दायरा और अधिक बढ़ सकता है।
जेलेंस्की का ट्रंप से सीधा आग्रह
जेलेंस्की ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर अपनी बात सार्वजनिक रूप से रखते हुए अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप से दो माँगें कीं — रूस पर कड़े प्रतिबंध लागू करना और यूक्रेन को अतिरिक्त पैट्रियट मिसाइल इंटरसेप्टर उपलब्ध कराना। उन्होंने अपनी पोस्ट में लिखा, 'यह वही बुनियादी ढाँचा है, जिसे अमेरिकी राष्ट्रपति की ओर से घोषित युद्धविराम के दायरे में शामिल किया गया था।'
यूक्रेनी राष्ट्रपति ने हमलों के पैमाने को 'रूस की ओर से अमेरिका के प्रति खुले अनादर' की संज्ञा दी। उनका आरोप है कि रूस अमेरिकी राष्ट्रपति के बयानों को गंभीरता से नहीं ले रहा।
लिंडसे ग्राहम विधेयक का संदर्भ
जेलेंस्की ने अमेरिकी सीनेटर लिंडसे ग्राहम के विधेयक का उल्लेख किया, जो कथित तौर पर हाल में पारित होकर कानून बन चुका है। यह कानून रूस के खिलाफ प्रतिबंधात्मक कदमों को अधिकृत एवं विनियमित करता है। जेलेंस्की ने कहा, 'अमेरिकी राष्ट्रपति के पास दबाव और ताकत के ज़रिए शांति की दिशा में आगे बढ़ने के प्रभावी साधन मौजूद हैं।'
अंतरराष्ट्रीय समुदाय से अपील
यूक्रेनी राष्ट्रपति ने अमेरिका, यूरोप और अन्य सहयोगी देशों से भी यूक्रेन को अतिरिक्त पैट्रियट मिसाइल इंटरसेप्टर देने का आग्रह किया। उन्होंने सीधे शब्दों में कहा, 'रूस ने तनाव कम करने का अवसर गंवा दिया है और युद्ध जारी रखने का रास्ता चुना है।'
गौरतलब है कि यह हमला ऐसे समय में हुआ है जब अंतरराष्ट्रीय स्तर पर युद्धविराम की संभावनाओं पर चर्चा चल रही थी। यदि जेलेंस्की के आरोप सत्य साबित होते हैं, तो यह रूस-यूक्रेन संघर्ष में कूटनीतिक प्रयासों के लिए एक बड़ा झटका होगा और ट्रंप प्रशासन की मध्यस्थता की विश्वसनीयता पर भी सवाल उठेंगे।