10 अगस्त 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

क्या 12 राज्यों में एसआईआर की रफ्तार तेज हो गई है, 99 प्रतिशत से अधिक गणना प्रपत्र वितरित?

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
क्या 12 राज्यों में एसआईआर की रफ्तार तेज हो गई है, 99 प्रतिशत से अधिक गणना प्रपत्र वितरित?

सारांश

मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के तहत 12 राज्यों में वितरण का कार्य तेजी से जारी है। भारतीय चुनाव आयोग के अनुसार, लगभग 20 दिन में 99.07 प्रतिशत गणना प्रपत्र वितरित किए गए हैं। जानिए इस महत्वपूर्ण प्रक्रिया के बारे में विस्तार से।

मुख्य बातें

12 राज्यों में एसआईआर प्रक्रिया चल रही है।
99.07 प्रतिशत गणना प्रपत्र का वितरण पूरा हुआ है।
ऑनलाइन प्रक्रिया में 24.13 करोड़ फॉर्म अपलोड हुए हैं।
गणना प्रपत्र का वितरण गोवा और लक्षद्वीप में 100 प्रतिशत हुआ है।
उत्तर प्रदेश में 99.62 प्रतिशत वितरण हुआ है।

नई दिल्ली, 24 नवंबर (राष्ट्र प्रेस)। देश के 12 राज्यों में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) का कार्य वर्तमान में प्रगति पर है। भारतीय चुनाव आयोग ने सोमवार को बताया कि लगभग 20 दिन के भीतर एसआईआर प्रक्रिया के अंतर्गत 99.07 प्रतिशत मतदाता विशिष्ट गणना प्रपत्र का वितरण पूरा हो चुका है।

चुनाव आयोग के अनुसार, गोवा और लक्षद्वीप में गणना प्रपत्र का 100 प्रतिशत वितरण सबसे पहले किया गया है। वर्तमान समय में अंडमान और निकोबार में 99.98 प्रतिशत, मध्य प्रदेश में 99.83 प्रतिशत, पश्चिम बंगाल में 99.75 प्रतिशत और गुजरात में 99.69 प्रतिशत गणना प्रपत्र का वितरण किया गया है। रविवार के मुकाबले पश्चिम बंगाल और अंडमान और निकोबार के आंकड़ों में कोई बदलाव नहीं आया है।

चुनाव आयोग रोजाना एसआईआर प्रक्रिया से संबंधित आंकड़े जारी करता रहा है। नए आंकड़ों के अनुसार, मतदाता संख्या के हिसाब से सबसे बड़े राज्य उत्तर प्रदेश में 99.62 प्रतिशत गणना प्रपत्र का वितरण हो चुका है, जहां कुल मतदाता 15.44 करोड़ से अधिक हैं। पुडुचेरी में 95.58 प्रतिशत, तमिलनाडु में 96.22 प्रतिशत और केरल में 97.33 प्रतिशत गणना प्रपत्र बांटने का कार्य हुआ है।

जिन 12 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में एसआईआर प्रक्रिया चल रही है, उनमें अंडमान और निकोबार, छत्तीसगढ़, गोवा, गुजरात, केरल, लक्षद्वीप, मध्य प्रदेश, पुडुचेरी, राजस्थान, तमिलनाडु, उत्तर प्रदेश और पश्चिम बंगाल शामिल हैं।

चुनाव आयोग के अनुसार, 12 राज्यों में 4 नवंबर से जारी एसआईआर प्रक्रिया के तहत कुल 50.97 करोड़ से अधिक मतदाताओं में से अब तक 50.50 करोड़ से अधिक गणना प्रपत्र वितरित किए जा चुके हैं।

एसआईआर की ऑनलाइन प्रक्रिया ने भी गति पकड़ी है और 12 राज्यों में अब तक 24.13 करोड़ से अधिक फॉर्म अपलोड किए गए हैं, अर्थात कुल डिजिटाइजेशन दर 47.35 प्रतिशत है।

ऑनलाइन प्रक्रिया के मामले में, लक्षद्वीप 96.81 प्रतिशत के साथ सबसे आगे है। इसके बाद गोवा में 76.89 प्रतिशत और राजस्थान में 72.20 प्रतिशत फॉर्म का डिजिटाइजेशन हुआ है।

केरल में सबसे कम डिजिटाइजेशन प्रगति (सिर्फ 23.72 प्रतिशत) रही है। उत्तर प्रदेश में 26.60 प्रतिशत डिजिटाइजेशन हुआ है।

संपादकीय दृष्टिकोण

यह स्पष्ट है कि भारतीय चुनाव आयोग द्वारा एसआईआर प्रक्रिया में तेजी लाना हमारे लोकतंत्र की मजबूती का संकेत है। यह न केवल चुनावी प्रक्रिया को पारदर्शी बनाता है, बल्कि नागरिकों को भी अपने मताधिकार का सही उपयोग करने का अवसर प्रदान करता है।
RashtraPress
10 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

एसआईआर प्रक्रिया क्या है?
एसआईआर (विशेष गहन पुनरीक्षण) प्रक्रिया मतदाता सूची के अद्यतन और सुधार के लिए होती है।
कितने राज्यों में एसआईआर प्रक्रिया चल रही है?
इस समय 12 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में एसआईआर प्रक्रिया चल रही है।
गणना प्रपत्र का वितरण कितना हुआ है?
अब तक 99.07 प्रतिशत गणना प्रपत्र का वितरण पूरा हो चुका है।
ऑनलाइन प्रक्रिया में किस राज्य की स्थिति सबसे अच्छी है?
लक्षद्वीप में ऑनलाइन प्रक्रिया में सबसे उच्च 96.81 प्रतिशत डिजिटाइजेशन हुआ है।
मतदाता सूची का यह पुनरीक्षण क्यों महत्वपूर्ण है?
यह पुनरीक्षण सुनिश्चित करता है कि सभी योग्य मतदाता सही तरीके से सूचीबद्ध हैं और चुनाव प्रक्रिया में भाग ले सकें।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 8 महीने पहले
  2. 8 महीने पहले
  3. 8 महीने पहले
  4. 8 महीने पहले
  5. 8 महीने पहले
  6. 8 महीने पहले
  7. 8 महीने पहले
  8. 8 महीने पहले