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16 अक्टूबर पंचांग 2026: नवरात्र षष्ठी पर मां कात्यायनी पूजा, अभिजीत मुहूर्त सुबह 11:49 से, अमृतकाल रात 2:39 बजे

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16 अक्टूबर पंचांग 2026: नवरात्र षष्ठी पर मां कात्यायनी पूजा, अभिजीत मुहूर्त सुबह 11:49 से, अमृतकाल रात 2:39 बजे

सारांश

शारदीय नवरात्र का छठा दिन मां कात्यायनी की उपासना को समर्पित है — धर्म, अर्थ, काम और मोक्ष की प्राप्ति का दिन। अभिजीत मुहूर्त दोपहर को और अमृतकाल रात 2:39 बजे से — जानिए 16 अक्टूबर 2026 के पंचांग की पूरी जानकारी।

मुख्य बातें

16 अक्टूबर 2026 को शारदीय नवरात्र के छठे दिन मां कात्यायनी की पूजा की जाएगी।
षष्ठी तिथि सुबह 5:54 बजे तक; इसके बाद सप्तमी तिथि प्रारंभ।
अभिजीत मुहूर्त सुबह 11:49 से दोपहर 12:35 बजे तक — दिन का सर्वश्रेष्ठ समय।
अमृतकाल रात 2:39 से 4:27 बजे तक; नए व्यापार, पूजा और निवेश के लिए शुभ।
राहुकाल रात 10:46–12:12 बजे ; यमगंड काल दोपहर 3:04–4:30 बजे ; गुलिक काल सुबह 7:54–9:20 बजे ।
दिशाशूल पश्चिम दिशा में; शोभन योग रात 10:05 बजे तक।

शारदीय नवरात्र के छठे दिन, 16 अक्टूबर 2026 (शुक्रवार) को, हिंदू पंचांग के अनुसार मां कात्यायनी की पूजा-अर्चना का विशेष महत्व है। आश्विन माह के शुक्ल पक्ष की षष्ठी तिथि सुबह 5:54 बजे तक रहेगी, इसके बाद सप्तमी तिथि का आरंभ होगा। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, मां कात्यायनी की उपासना से भक्तों को धर्म, अर्थ, काम और मोक्ष — चारों पुरुषार्थों की प्राप्ति होती है।

सूर्योदय, सूर्यास्त और ग्रह स्थिति

इस दिन सुबह 6:28 बजे सूर्योदय और शाम 5:56 बजे सूर्यास्त होगा। चंद्रोदय सुबह 11:24 बजे और चंद्रास्त रात 10:01 बजे होगा। सूर्य देव इस दिन चित्रा नक्षत्र में स्थित रहेंगे और कन्या राशि में विचरण करेंगे। चंद्रमा सुबह 6:47 बजे धनु राशि में प्रवेश करेंगे।

मां कात्यायनी की पूजा का महत्व

पंचांग के अनुसार, महर्षि कात्यायन की कठोर तपस्या के फलस्वरूप माँ ने उनके यहाँ पुत्री के रूप में जन्म लिया, जिससे इनका नाम 'कात्यायनी' पड़ा। देवी सिंह (शेर) की सवारी करती हैं और मानव शरीर के आज्ञा चक्र की अधिष्ठात्री मानी जाती हैं। ऐसी धार्मिक मान्यता है कि इनकी उपासना से विवाह में आ रही बाधाएं भी दूर होती हैं।

शुभ मुहूर्त और योग

इस दिन शोभन योग रात 10:05 बजे तक रहेगा। शोभन योग को 27 नित्य योगों में पाँचवाँ माना गया है, जिसके स्वामी बृहस्पति (गुरु) हैं। यह योग विवाह, सगाई, नए वस्त्र धारण करने, यात्रा और आभूषण खरीदने के लिए विशेष रूप से शुभ माना जाता है। अभिजीत मुहूर्त सुबह 11:49 बजे से दोपहर 12:35 बजे तक रहेगा, जो दिन का सर्वश्रेष्ठ और फलदायी समय माना जाता है। इस मुहूर्त में किए गए कार्यों से समस्त अशुभ प्रभाव नष्ट होते हैं। अमृतकाल रात 2:39 से 4:27 बजे तक रहेगा — यह समय नए व्यापार, निवेश, पूजा-पाठ और महत्वपूर्ण यात्राओं के लिए श्रेष्ठ माना गया है।

अशुभ काल और सावधानियाँ

राहुकाल रात 10:46 बजे से 12:12 बजे तक रहेगा। इस दौरान कोई नया या शुभ कार्य प्रारंभ न करने की सलाह दी जाती है। गुलिक काल सुबह 7:54 से 9:20 बजे तक रहेगा, जिसे 'विषैला समय' भी कहते हैं। इस काल में बैंक में धनराशि जमा करना या दान देना अपेक्षाकृत शुभ माना जाता है। यमगंड काल दोपहर 3:04 से 4:30 बजे तक रहेगा — इस दौरान यात्रा, नया व्यापार और धन-लेनदेन से बचने की अनुशंसा की जाती है।

दिशाशूल और ग्रहों का प्रभाव

शुक्रवार को दिशाशूल पश्चिम दिशा में रहेगा, अतः पश्चिम दिशा में यात्रा करना अशुभ माना जाता है। चित्रा नक्षत्र के स्वामी मंगल ग्रह हैं, जिन्हें सूर्य का मित्र माना जाता है। ज्योतिषीय मान्यता के अनुसार, सूर्य और मंगल का यह संयोग आत्मविश्वास, साहस और ऊर्जा में वृद्धि करता है। प्रशासन, उच्च पदों या प्रबंधन से जुड़े लोगों को इस दिन विशेष लाभ, नई जिम्मेदारी या प्रमोशन मिल सकता है। चंद्रमा के धनु राशि में आने से, जिसके स्वामी देवगुरु बृहस्पति हैं, व्यक्ति के स्वभाव और निर्णय क्षमता पर गहरा प्रभाव पड़ेगा — हालाँकि आवेग में निर्णय लेने से बचना उचित रहेगा। शारदीय नवरात्र का यह छठा दिन धार्मिक दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण है और मां कात्यायनी की उपासना के साथ शुभ मुहूर्तों का सदुपयोग भक्तों के लिए फलदायी रहेगा।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि जीवन-प्रबंधन का एक सांस्कृतिक ढाँचा है। शारदीय नवरात्र जैसे पर्व के दौरान इस सामग्री की माँग बहुगुणित हो जाती है, जिससे इसकी पत्रकारीय प्रासंगिकता स्वयंसिद्ध है। हालाँकि ज्योतिषीय दावों को धार्मिक आस्था के रूप में प्रस्तुत किया जाना चाहिए, वैज्ञानिक तथ्य के रूप में नहीं — यह संतुलन विश्वसनीय रिपोर्टिंग की कसौटी है।
RashtraPress
15 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

16 अक्टूबर 2026 को कौन-सी नवरात्र है और किस देवी की पूजा होगी?
16 अक्टूबर 2026 को शारदीय नवरात्र का छठा दिन है, जिसमें मां कात्यायनी की पूजा की जाती है। धार्मिक मान्यता के अनुसार, इनकी उपासना से धर्म, अर्थ, काम और मोक्ष — चारों पुरुषार्थों की प्राप्ति होती है।
16 अक्टूबर 2026 का अमृतकाल कब से कब तक है?
16 अक्टूबर 2026 (शुक्रवार) को अमृतकाल रात 2:39 बजे से 4:27 बजे तक रहेगा। पंचांग के अनुसार यह समय नए व्यापार, निवेश, पूजा-पाठ और महत्वपूर्ण यात्राओं के लिए अत्यंत शुभ माना जाता है।
16 अक्टूबर को अभिजीत मुहूर्त कब है?
इस दिन अभिजीत मुहूर्त सुबह 11:49 बजे से दोपहर 12:35 बजे तक रहेगा। इसे दिन का सर्वश्रेष्ठ और सर्वाधिक फलदायी समय माना जाता है, जिसमें किए गए कार्यों से अशुभ प्रभाव नष्ट होते हैं।
16 अक्टूबर 2026 को राहुकाल और यमगंड काल का समय क्या है?
राहुकाल रात 10:46 से 12:12 बजे और यमगंड काल दोपहर 3:04 से 4:30 बजे तक रहेगा। इन दोनों अवधियों में नए कार्य, यात्रा और धन-लेनदेन से बचने की सलाह दी जाती है।
मां कात्यायनी की पूजा से क्या लाभ होता है?
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, मां कात्यायनी की उपासना से भक्तों को धर्म, अर्थ, काम और मोक्ष की प्राप्ति होती है। साथ ही, विवाह में आ रही बाधाएं भी इनकी कृपा से दूर होती हैं।
राष्ट्र प्रेस
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