160 सांसद सस्पेंड कर लाया गया धारा-16 कानून 'वोट चोरी की साजिश' — कांग्रेस का केंद्र पर बड़ा आरोप
सारांश
मुख्य बातें
कांग्रेस ने 25 सितंबर 2026 को चुनाव आयोग पर वोट चोरी के गंभीर आरोपों को लेकर केंद्र सरकार के विरुद्ध व्यापक राजनीतिक अभियान छेड़ दिया है। पंजाब के कांग्रेस विधायक परगट सिंह और उत्तराखंड में नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य ने आरोप लगाया है कि 2023 में 160 सांसदों को निलंबित कर जो धारा-16 वाला कानून पारित कराया गया, वह इसी साजिश का हिस्सा था — ताकि चुनाव आयुक्तों पर कोई सिविल या आपराधिक मुकदमा न चल सके।
मुख्य आरोप क्या हैं
परगट सिंह ने कहा कि 2023 में सरकार ने 160 सांसदों को सस्पेंड करके जो कानून बनाया था, आज उसी का नतीजा सामने है। उनका आरोप है कि सरकार को पहले से पता था कि वह वोट चोरी करेगी, इसलिए ऐसा कानून बनाया गया ताकि चुनाव आयुक्तों पर कोई मुकदमा न चल सके। उन्होंने कहा कि पंजाब में बहुत बड़ा घोटाला हुआ है और लगातार हो रहा है।
उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि भगवंत मान के फेक वीडियो मामले में हरियाणा में पर्चा दर्ज होने के बाद क्या कार्रवाई हुई। साथ ही शुभकरण की मौत के मामले पर भी जवाब माँगा।
यशपाल आर्य का विस्तृत बयान
उत्तराखंड में नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य ने कहा, 'यह बहुत ही गंभीर मामला है। जिस तरह से 2023 में सरकार द्वारा इसकी स्क्रिप्ट लिख दी गई थी — लोकसभा और राज्यसभा के सांसदों को सस्पेंड कर दिया जाता है और उसके बाद धारा-16 के तहत एक बिल लाया जाता है, जिसमें कहा गया है कि मुख्य चुनाव आयुक्त या चुनाव आयुक्तों द्वारा किए गए किसी भी कृत्य पर किसी भी अदालत में न तो कोई सिविल और न ही क्रिमिनल मामला चलेगा।'
आर्य ने यह भी बताया कि पिछले तीन वर्षों से राहुल गांधी लगातार वोट चोरी के इस मुद्दे को प्रमुखता से उठा रहे हैं। उनके अनुसार, पूर्व चुनाव आयुक्त सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी ने स्वयं कहा है कि दस महीनों में 14 बार आपत्तियाँ दर्ज कराई गईं, लेकिन उन्हें अनसुना किया गया। उन्होंने कैबिनेट सचिव से भी समय लेकर बातचीत की, किंतु कोई नतीजा नहीं निकला।
राहुल गांधी और विपक्षी आरोपों का इतिहास
कांग्रेस नेताओं ने बताया कि राहुल गांधी ने महाराष्ट्र, पश्चिम बंगाल, बिहार सहित कई राज्यों के चुनावों में यह मुद्दा उठाया है कि केंद्र और राज्य सरकारें मिलकर लोकतंत्र को कमज़ोर करने और नागरिकों के मौलिक अधिकार छीनने की कोशिश कर रही हैं। यह ऐसे समय में आया है जब चुनाव प्रक्रिया की पारदर्शिता पर राष्ट्रीय स्तर पर बहस तेज हो रही है।
कांग्रेस की माँगें और आगे की कार्रवाई
कांग्रेस ने इस पूरे मामले को देशद्रोह करार देते हुए माँग की है कि दोषियों के विरुद्ध देशद्रोह का मुकदमा दर्ज किया जाए और उन्हें बर्खास्त कर जेल भेजा जाए। यशपाल आर्य ने कहा कि उत्तराखंड सहित देशभर में चुनाव आयोग कार्यालयों का घेराव किया जाएगा। उनका कहना है कि यह लड़ाई लंबी है, लेकिन पार्टी इसे मजबूती से जारी रखेगी क्योंकि वोट देने के अधिकार को छीनने का प्रयास हुआ है।
गौरतलब है कि केंद्र सरकार की ओर से इन आरोपों पर अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। आने वाले दिनों में यह विवाद संसद और सड़क — दोनों मोर्चों पर और तेज होने की संभावना है।