नवी मुंबई: पुलिस कस्टडी में 38 वर्षीय संजय यादव की मौत, जेजे अस्पताल में पोस्टमार्टम
सारांश
मुख्य बातें
नवी मुंबई में 8 अक्टूबर 2026 को एक गंभीर घटना सामने आई, जब एनआरआई सागरी पुलिस स्टेशन के लॉक-अप में बंद 38 वर्षीय संजय कांतू यादव की अचानक तबीयत बिगड़ने के बाद अस्पताल में मौत हो गई। यादव को नवी मुंबई इंटरनेशनल एयरपोर्ट पुलिस ने एक मामले में गिरफ्तार किया था और अदालत ने उन्हें पुलिस हिरासत में भेजा था।
घटनाक्रम: लॉक-अप से अस्पताल तक
पुलिस के अनुसार, 8 अक्टूबर को लॉक-अप स्टाफ ने देखा कि यादव अपनी मुट्ठियाँ भींच रहे थे और उनके हाथ-पैर अकड़ रहे थे। हालत बिगड़ते देख पुलिसकर्मी तत्काल उन्हें नेरुल स्थित मीनाताई ठाकरे अस्पताल ले गए, जहाँ उपचार के दौरान चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। शव को आगे की जाँच के लिए मुंबई के जेजे अस्पताल पोस्टमार्टम हेतु भेजा जा रहा है।
पीड़ित की पृष्ठभूमि और मेडिकल इतिहास
मृतक संजय कांतू यादव मूल रूप से उत्तर प्रदेश के वाराणसी जिले के निवासी थे और नवी मुंबई के उल्वे सेक्टर 6 स्थित अनंता टावर में रह रहे थे। पुलिस का कहना है कि गिरफ्तारी से पहले पनवेल ग्रामीण अस्पताल में उनका मेडिकल परीक्षण कराया गया था। 6 अक्टूबर की मेडिकल जाँच के दौरान भी उन्होंने किसी बीमारी या स्वास्थ्य समस्या की शिकायत नहीं की थी। अदालत में पेशी के समय भी उनकी ओर से कोई स्वास्थ्य संबंधी आपत्ति दर्ज नहीं कराई गई थी।
जाँच प्रक्रिया और कानूनी कार्रवाई
घटना की सूचना तत्काल वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों को दी गई। बेलापुर प्रथम श्रेणी न्यायिक मजिस्ट्रेट की निगरानी में, पंच गवाहों और मृतक के परिजनों की उपस्थिति में वीडियोग्राफी के ज़रिए पंचनामा किया जा रहा है। पुलिस के अनुसार आगे की कानूनी कार्रवाई जारी है।
महाराष्ट्र में पहले भी उठ चुके हैं ऐसे सवाल
गौरतलब है कि यह महाराष्ट्र में हिरासत में मौत का हालिया मामला नहीं है। इससे पहले 22 सितंबर को महाराष्ट्र पुलिस की क्राइम इन्वेस्टिगेशन डिपार्टमेंट (CID) एक 35 वर्षीय इमरान शेख की मौत की जाँच कर रही थी, जिनकी मृत्यु मुंबई के छत्रपति शिवाजी महाराज टर्मिनस (CSMT) पर रेलवे सुरक्षा बल (RPF) की हिरासत में हुई थी। शेख मध्य प्रदेश के खंडवा से रोजगार की तलाश में मुंबई आए थे। मध्य रेलवे के अधिकारियों के अनुसार, उन्होंने 20 सितंबर को CSMT पर RPF की मुख्य पोस्ट पर खंडवा जाने वाली ट्रेनों के बारे में पूछताछ की थी। अधिकारियों के मुताबिक वह घबराए हुए लग रहे थे और आक्रामक हो जाने के बाद RPF सब-इंस्पेक्टर अनिकेत पर हमला कर बैठे तथा खुद को भी चोट पहुँचाई थी।
आगे क्या होगा
पोस्टमार्टम रिपोर्ट से यह स्पष्ट होगा कि यादव की मौत का वास्तविक कारण क्या था — कोई पूर्व-विद्यमान स्वास्थ्य समस्या अथवा कोई अन्य कारण। मानवाधिकार संगठन और विपक्षी दल हिरासत में होने वाली मौतों पर जवाबदेही की माँग को लेकर सक्रिय रहते हैं, और यह मामला भी उन्हीं सवालों को नए सिरे से उठाता है।