रायगढ़ के दिवेआगर बीच पर स्कूल पिकनिक में 8 छात्र डूबे, सभी 16 वर्षीय पुणे के थे
सारांश
मुख्य बातें
महाराष्ट्र के रायगढ़ जिले के दिवेआगर बीच पर गुरुवार, 1 अक्टूबर 2026 को एक स्कूल पिकनिक के दौरान आठ छात्र समुद्र में डूब गए। सभी मृत छात्र 16 वर्ष के थे और पुणे के आलंदी क्षेत्र के निवासी थे, जो 'विनर्स एकेडमी फॉर 11वीं एंड 12वीं' के विद्यार्थी थे। अधिकारियों ने पुष्टि की है कि बचाव दल ने समुद्र से सभी आठों के शव बरामद कर लिए हैं।
घटनाक्रम: कैसे हुआ हादसा
अधिकारियों के अनुसार, गुरुवार शाम को दिघी-सागरी बीच, दिवेआगर पर कुल 48 लोगों का एक समूह पिकनिक पर आया था। इस समूह में 25 लड़के, 17 लड़कियाँ और 6 शिक्षक शामिल थे। इसी दौरान आठ छात्र समुद्र में उतर गए और पानी की गहराई तथा धारा का गलत अनुमान लगाने के कारण बह गए।
गौरतलब है कि समुद्र तटों पर तेज धाराएँ और अचानक गहराई बढ़ना पर्यटकों के लिए बेहद खतरनाक होता है, विशेषकर उन लोगों के लिए जो तैरना नहीं जानते।
बचाव अभियान और शवों की बरामदगी
दिवगर स्थित 'भाऊ मारुति सालुंखे महाकाली वाटर स्पोर्ट्स' के मालिक भाऊ सालुंखे ने त्रासदी की सूचना मिलते ही अपनी टीम के साथ तत्काल बचाव अभियान शुरू किया। वाटर स्पोर्ट्स टीम ने अपनी जान जोखिम में डालकर समुद्र से सभी आठों पीड़ितों के शव बरामद किए।
दिघी सागरी बोरली पंचतन पुलिस स्टेशन की सहायक पुलिस निरीक्षक संतोष अवती एक टीम के साथ घटनास्थल पर पहुँचीं। स्थानीय ग्रामीणों की सहायता से पुलिस ने शवों को अपने कब्जे में लिया और पोस्टमार्टम के लिए बोरली पंचतन के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र भेज दिया।
मृत छात्रों की पहचान
अधिकारियों ने मृत आठों छात्रों की पहचान की पुष्टि की है। ये हैं — तन्मय दत्तात्रेय वाहिले, सुमित भरत अहिरे, प्रणव रामदास बंसोडे, कैवल्य सतीश वासंकर, राजवीर युवराज वाहिले, यश किरण वानखेड़े, सोहम तुकाराम भंडवालकर और कौस्तुभ संदीप दौंड। सभी पुणे के आलंदी के निवासी थे।
जाँच और आगे की कार्रवाई
जाँचकर्ताओं ने बताया कि मामले में आगे की कार्रवाई जारी है। यह दुखद घटना झारखंड में हुई एक समान त्रासदी के कुछ ही दिनों बाद सामने आई है, जिसमें जामतारा सदर पुलिस स्टेशन क्षेत्र के चेगयाडीह गाँव में एक तालाब में डूबने से तीन छोटे बच्चों की जान गई थी।
यह ऐसे समय में आया है जब देशभर में स्कूल भ्रमण और पिकनिक के दौरान जल-सुरक्षा उपायों की कमी पर सवाल उठते रहे हैं। विशेषज्ञ लंबे समय से माँग करते आ रहे हैं कि स्कूलों द्वारा आयोजित जल-तट पर्यटनों में प्रशिक्षित लाइफगार्ड की अनिवार्य तैनाती और छात्रों को तैराकी प्रशिक्षण दिया जाए।
आम जनता और परिजनों पर असर
घटना ने पुणे के आलंदी क्षेत्र में शोक की लहर फैला दी है। मृतकों के परिजन रायगढ़ रवाना हो गए। स्थानीय प्रशासन और पुलिस परिजनों को हर संभव सहायता प्रदान कर रही है। आने वाले दिनों में यह देखना होगा कि प्रशासन स्कूल-आयोजित तटीय भ्रमण के नियमों को लेकर क्या कदम उठाता है।