99 साल में मतदान: डॉ. एचवी हांडे की ऐतिहासिक वोटिंग पर पीएम मोदी बोले — युवाओं के लिए बड़ी प्रेरणा

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99 साल में मतदान: डॉ. एचवी हांडे की ऐतिहासिक वोटिंग पर पीएम मोदी बोले — युवाओं के लिए बड़ी प्रेरणा

सारांश

99 वर्षीय डॉ. एचवी हांडे — पांच बार विधायक, दो बार स्वास्थ्य मंत्री — ने तमिलनाडु चुनाव में वोट डाला। 1946 से मतदान करते आ रहे डॉ. हांडे की इस ऐतिहासिक तस्वीर पर पीएम मोदी ने युवाओं को लोकतंत्र में भागीदारी की अपील की।

Key Takeaways

  • डॉ. एचवी हांडे, उम्र 99 वर्ष, ने तमिलनाडु विधानसभा चुनाव 2026 में मतदान किया।
  • डॉ. हांडे ने पहली बार 1946 में मतदान किया था — करीब 80 वर्षों की निरंतर मतदाता यात्रा।
  • वे पांच बार विधायक और दो बार एमजीआर सरकार में स्वास्थ्य मंत्री रह चुके हैं तथा डॉ. बीसी रॉय पुरस्कार विजेता हैं।
  • पीएम नरेंद्र मोदी ने उनकी पोस्ट रीपोस्ट कर इसे युवाओं के लिए प्रेरणादायक संदेश बताया।
  • पश्चिम बंगाल में 16 जिलों की 152 सीटों पर पहले चरण का मतदान हुआ; दूसरा चरण 29 अप्रैल को होगा।
  • तमिलनाडु में 234 विधानसभा सीटों पर एकल चरण में शांतिपूर्ण मतदान संपन्न हुआ।

नई दिल्ली, 23 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। तमिलनाडु और पश्चिम बंगाल में गुरुवार को मतदान के बीच एक अत्यंत प्रेरणादायक तस्वीर सामने आई — 99 वर्षीय डॉ. एचवी हांडे ने मतदान केंद्र पहुंचकर अपना वोट डाला और इस घटना ने पूरे देश का ध्यान खींचा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इसे देश के युवाओं के लिए एक महत्वपूर्ण और प्रेरणादायक संदेश करार दिया।

कौन हैं डॉ. एचवी हांडे?

डॉ. एचवी हांडे तमिलनाडु के एक सम्मानित राजनेता और चिकित्सक हैं। वे पांच बार विधायक रह चुके हैं और दो बार एमजीआर सरकार में स्वास्थ्य मंत्री के पद पर आसीन रहे। इसके अलावा उन्हें प्रतिष्ठित डॉ. बीसी रॉय पुरस्कार से भी सम्मानित किया जा चुका है।

99 वर्ष की उम्र में भी उनकी लोकतंत्र के प्रति प्रतिबद्धता अटूट है। उन्होंने मतदान केंद्र जाकर वोट डाला और अपनी तस्वीर सोशल मीडिया पर साझा की।

डॉ. हांडे का भावुक संदेश

डॉ. एचवी हांडे ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (X) पर लिखा — "99 साल की उम्र में, मैंने अपने देश को अपनी आवाज पाते हुए देखा है और आज, मैंने अपनी आवाज का इस्तेमाल किया।"

उन्होंने बताया कि उन्होंने पहली बार 1946 में एक मेडिकल छात्र के रूप में मतदान किया था। उनका कहना था — "वोट देना सिर्फ एक अधिकार नहीं है, बल्कि यह उस भविष्य के प्रति हमारी एक जिम्मेदारी भी है, जिसे हम अपने पीछे छोड़कर जाते हैं। आपका एक वोट मायने रखता है — बाहर निकलें और मतदान करें।"

गौरतलब है कि 1946 से लेकर 2026 तक — यानी करीब 80 वर्षों की मतदाता यात्रा — डॉ. हांडे के लोकतंत्र के प्रति समर्पण की अद्वितीय मिसाल है।

पीएम मोदी की प्रतिक्रिया

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने डॉ. हांडे की पोस्ट को रीपोस्ट करते हुए कहा — "यह एक अत्यंत महत्वपूर्ण संदेश है। मुझे उम्मीद है कि आज सबसे अधिक संख्या में युवा वोट डालकर हमारे लोकतंत्र को मजबूत करेंगे।"

पीएम मोदी का यह बयान ऐसे समय में आया जब देशभर में मतदाताओं, विशेषकर युवाओं में मतदान के प्रति उदासीनता की चिंता जताई जाती रही है। चुनाव आयोग भी युवा मतदाताओं को जागरूक करने के लिए लगातार अभियान चला रहा है।

पश्चिम बंगाल और तमिलनाडु में मतदान का हाल

पश्चिम बंगाल में पहले चरण के तहत 16 जिलों की 152 विधानसभा सीटों पर गुरुवार सुबह 7 बजे से मतदान शुरू हुआ। इनमें उत्तर बंगाल के कूच बिहार, दार्जिलिंग, कलिम्पोंग, जलपाईगुड़ी, अलीपुरद्वार, उत्तरी दिनाजपुर, दक्षिणी दिनाजपुर और मालदा शामिल रहे।

दक्षिण बंगाल में मुर्शिदाबाद, पूर्वी मिदनापुर, पश्चिमी मिदनापुर, झारग्राम, पुरुलिया, बांकुड़ा, पश्चिमी बर्दवान और बीरभूम में भी मतदान संपन्न हुआ। शेष 142 विधानसभा सीटों पर दूसरे चरण का मतदान 29 अप्रैल को होगा।

वहीं तमिलनाडु में 234 सदस्यीय विधानसभा की सभी सीटों पर एक ही चरण में मतदान संपन्न हुआ। सभी मतदान केंद्रों पर सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए और मतदान प्रक्रिया शांतिपूर्ण रही।

लोकतंत्र की असली ताकत: एक विश्लेषण

डॉ. हांडे की यह कहानी सिर्फ एक व्यक्ति की नहीं, बल्कि भारतीय लोकतंत्र की उस भावना की है जो दशकों की राजनीतिक उथल-पुथल के बाद भी जीवित है। यह उल्लेखनीय है कि जब 1946 में उन्होंने पहली बार वोट डाला था, तब भारत स्वतंत्र भी नहीं हुआ था — वह ब्रिटिश शासन के अंतिम दौर की प्रांतीय विधानसभा चुनाव था।

आज जब युवा मतदाताओं की भागीदारी को लेकर चिंताएं जताई जाती हैं, तब 99 वर्षीय डॉ. हांडे का यह कदम एक शक्तिशाली सांस्कृतिक और राजनीतिक संदेश बन जाता है। चुनाव आयोग के आंकड़े बताते हैं कि युवा मतदाताओं का मतदान प्रतिशत कई राज्यों में वरिष्ठ नागरिकों से कम रहा है — यह विरोधाभास लोकतंत्र की जड़ों के लिए चुनौती है।

आगामी 29 अप्रैल को पश्चिम बंगाल में दूसरे चरण का मतदान होगा, जिसके नतीजे राज्य की राजनीतिक दिशा तय करेंगे। डॉ. हांडे जैसे प्रेरक उदाहरण यदि युवाओं को मतदान केंद्र तक खींच सके, तो यह लोकतंत्र की सबसे बड़ी जीत होगी।

Point of View

वह आज भी कर्तव्य निभा रही है, जबकि स्मार्टफोन और सोशल मीडिया से लैस युवा पीढ़ी अक्सर मतदान से दूर रहती है। पीएम मोदी का इस पोस्ट को रीपोस्ट करना राजनीतिक रूप से सटीक कदम है, लेकिन असली सवाल यह है कि क्या युवा मतदाताओं की उदासीनता दूर करने के लिए प्रेरणा काफी है, या संरचनात्मक बदलाव — जैसे मतदान की सुविधा बढ़ाना — भी जरूरी है? डॉ. हांडे की विरासत यह याद दिलाती है कि लोकतंत्र तब तक जीवित है जब तक नागरिक उसमें भागीदार हैं।
NationPress
23/04/2026

Frequently Asked Questions

डॉ. एचवी हांडे कौन हैं और उन्होंने क्यों चर्चा में आए?
डॉ. एचवी हांडे तमिलनाडु के पांच बार विधायक और दो बार एमजीआर सरकार में स्वास्थ्य मंत्री रह चुके हैं। 99 वर्ष की उम्र में मतदान करने और पीएम मोदी द्वारा उनकी पोस्ट रीपोस्ट किए जाने के बाद वे चर्चा में आए।
पीएम मोदी ने डॉ. हांडे के वोटिंग पर क्या कहा?
पीएम नरेंद्र मोदी ने डॉ. हांडे की पोस्ट रीपोस्ट करते हुए कहा कि यह युवाओं के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण संदेश है। उन्होंने उम्मीद जताई कि युवा अधिक संख्या में वोट डालकर लोकतंत्र को मजबूत करेंगे।
डॉ. हांडे ने पहली बार मतदान कब किया था?
डॉ. एचवी हांडे ने पहली बार 1946 में एक मेडिकल छात्र के रूप में मतदान किया था, जब भारत अभी स्वतंत्र नहीं हुआ था। तब से वे लगातार मतदान करते आ रहे हैं।
पश्चिम बंगाल में पहले चरण का मतदान कहां-कहां हुआ?
पश्चिम बंगाल के 16 जिलों की 152 विधानसभा सीटों पर पहले चरण का मतदान हुआ। इनमें कूच बिहार, दार्जिलिंग, मुर्शिदाबाद, बीरभूम सहित उत्तर और दक्षिण बंगाल के कई जिले शामिल थे।
तमिलनाडु में 2026 विधानसभा चुनाव में कितनी सीटों पर मतदान हुआ?
तमिलनाडु में 234 सदस्यीय विधानसभा की सभी सीटों पर एक ही चरण में मतदान हुआ। सभी केंद्रों पर कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के साथ मतदान शांतिपूर्ण रहा।
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