AAP का चुनाव आयोग कार्यालय पर प्रदर्शन, सौरभ भारद्वाज की माँग — काटे गए 45 हज़ार वोट दोबारा जोड़े जाएँ
सारांश
मुख्य बातें
आम आदमी पार्टी (AAP) ने 7 अक्टूबर 2026 को कांग्रेस समेत अन्य विपक्षी दलों के साथ मिलकर नई दिल्ली के कश्मीरी गेट स्थित मुख्य चुनाव अधिकारी के कार्यालय के बाहर ज़ोरदार प्रदर्शन किया। AAP के दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष सौरभ भारद्वाज के आह्वान पर बड़ी संख्या में पार्टी नेता और कार्यकर्ता एकत्रित हुए और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे तथा कथित तौर पर काटे गए मतदाताओं के नाम दोबारा सूची में जोड़ने की माँग उठाई।
प्रदर्शन का मुख्य घटनाक्रम
कार्यालय के बाहर जुटे कार्यकर्ताओं ने 'वोट चोर — गद्दी छोड़' के नारे लगाए। प्रशासन द्वारा कई स्तर की बैरिकेडिंग लगाई गई, जिस पर भारद्वाज ने कहा कि उनका प्रदर्शन पूरी तरह शांतिपूर्ण है और पुलिस को बल प्रयोग नहीं करना चाहिए। प्रदर्शन में बुराड़ी से AAP विधायक संजीव झा, तिलक नगर के विधायक जरनैल सिंह और कोंडली के विधायक कुलदीप कुमार भी मौजूद रहे।
सौरभ भारद्वाज के प्रमुख आरोप
भारद्वाज ने आरोप लगाया कि 2025 के दिल्ली विधानसभा चुनाव में मतदाता सूची से नाम काटकर AAP के बड़े नेताओं को पराजित कराया गया। उनका दावा है कि अरविंद केजरीवाल की विधानसभा सीट पर करीब 1.45 लाख मतदाता थे, जिनमें से लगभग 45 हज़ार वोट कथित तौर पर काट दिए गए और उन्हें करीब 4 हज़ार वोटों के अंतर से हार का सामना करना पड़ा।
भारद्वाज ने एसआईआर (SIR) प्रक्रिया पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि दिल्ली में बड़ी संख्या में मतदाताओं के नाम हटाए गए हैं। उन्होंने कहा, 'क्या इतनी बड़ी संख्या में लोग विदेशी या बांग्लादेशी नागरिक हैं?' — यह उनके शब्दों में एक बड़ा सवाल है। उन्होंने माँग की कि जिन मतदाताओं के नाम काटे गए हैं, उन्हें मतदाता सूची में बहाल किया जाए।
विधायकों की प्रतिक्रिया
संजीव झा ने 2025 के दिल्ली चुनाव को 'वोट चोरी की सरकार' करार देते हुए कहा कि चुनाव आयोग अब निष्पक्ष संस्था की तरह नहीं, बल्कि भारतीय जनता पार्टी (BJP) के 'शील्ड कवर' की तरह काम कर रहा है। उन्होंने 10 अक्टूबर को प्रस्तावित आंदोलन का भी उल्लेख किया और कहा कि जब तक ज्ञानेश कुमार को हटाया नहीं जाता, संघर्ष जारी रहेगा।
जरनैल सिंह ने दावा किया कि इस मुद्दे पर सर्वोच्च न्यायालय में भी सवाल उठ चुके हैं और ज्ञानेश कुमार के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर उनका इस्तीफा लिया जाए। कुलदीप कुमार ने भी मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे की माँग दोहराई।
कांग्रेस और AAP में तनाव
भारद्वाज ने कांग्रेस के दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष देवेंद्र यादव के सोशल मीडिया पोस्ट पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि कांग्रेस को 'दिल बड़ा करना चाहिए।' उन्होंने स्पष्ट किया कि 2 अक्टूबर के प्रदर्शन की कॉल AAP की नहीं, बल्कि आइसा की थी, लेकिन AAP कार्यकर्ता सबसे पहले वहाँ पहुँचे थे। उनके अनुसार उस दौरान करीब 700 लोगों को हिरासत में लिया गया, जिनमें लगभग 550 AAP से जुड़े थे। भारद्वाज ने कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे से मामले में हस्तक्षेप करने की अपील की और कहा कि देवेंद्र यादव कथित तौर पर अनजाने में विपक्षी एकता को कमज़ोर कर रहे हैं।
आगे का रास्ता
AAP नेताओं ने स्पष्ट किया कि वोटर लिस्ट में कथित गड़बड़ी और मतदाताओं के नाम हटाए जाने के मुद्दे पर आंदोलन आने वाले दिनों में और तेज़ होगा। पार्टी ने कहा कि वह अन्य विपक्षी दलों के साथ मिलकर मतदाता अधिकारों और चुनावी प्रक्रिया की निष्पक्षता के लिए संघर्ष जारी रखेगी। 10 अक्टूबर को प्रस्तावित अगले प्रदर्शन पर सभी की नज़रें टिकी हैं।