क्या सीएम भगवंत मान ने भाजपा पर गंभीर आरोप लगाया है?
सारांश
Key Takeaways
- आतिशी का वीडियो फर्जी है।
- भाजपा पर धार्मिक भावनाएं भड़काने का आरोप।
- पुलिस ने एडिटेड वीडियो के मामले में एफआईआर दर्ज की है।
- सामाजिक तनाव को बढ़ाने वाली राजनीति की निंदा।
- आम आदमी पार्टी ने घटिया राजनीति की आलोचना की है।
चंडीगढ़, ११ जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। दिल्ली विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष आतिशी के कथित अपमानजनक बयान से जुड़ा वायरल वीडियो सियासत में हलचल पैदा कर रहा है। भाजपा लगातार यह मांग कर रही है कि आतिशी माफी मांगे। इस दौरान, पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने रविवार को इस मामले पर भाजपा पर कड़ा हमला किया, इसे धर्म के नाम पर नफरत फैलाने की साजिश बताया। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा ने जानबूझकर आतिशी के बयान का वीडियो एडिट कर उसमें झूठे और भड़काऊ सबटाइटल जोड़कर सोशल मीडिया पर फैलाया।
मुख्यमंत्री भगवंत मान ने कहा कि दिल्ली विधानसभा में आतिशी का वायरल वीडियो पूरी तरह से एडिटेड और फर्जी है। उन्होंने कहा कि आतिशी का कोई भी बयान विधानसभा के आधिकारिक रिकॉर्ड का हिस्सा नहीं है। यदि ऐसा कोई बयान दिया गया होता, तो विधानसभा अध्यक्ष (स्पीकर) को इसकी पूरी जानकारी होती। फॉरेंसिक जांच में यह साफ हो चुका है कि आतिशी ने 'गुरु' शब्द का उपयोग नहीं किया। इसके बावजूद भाजपा झूठी कहानी गढ़कर पंजाब में धार्मिक भावनाओं को भड़काने की कोशिश कर रही है।
सीएम मान ने कहा कि भाजपा धर्म के नाम पर नफरत की राजनीति कर रही है। ये तेजी से यह सब कर रहे हैं। पंजाब में लोगों को भड़काने और धार्मिक आधार पर समाज को बांटने की कोशिश की जा रही है। ऐसे शर्मनाक और गैर-कानूनी काम किए जा रहे हैं, जिनकी कोई कल्पना भी नहीं कर सकता। उन्होंने आगे कहा कि आम आदमी पार्टी ऐसी घटिया राजनीति की कड़ी निंदा करती है और इसे किसी भी हाल में बर्दाश्त नहीं करेगी।
इस विवाद की जड़ आम आदमी पार्टी की नेता आतिशी से जुड़े एक वीडियो क्लिप में है। यह वीडियो उस समय का बताया जा रहा है, जब दिल्ली विधानसभा में प्रदूषण जैसे मुद्दों पर चर्चा की मांग को लेकर आप विधायकों ने जोरदार हंगामा किया था। इस दौरान, माइक बंद होने के बावजूद आतिशी सदन में कुछ कहती नजर आ रही थीं। इसी वीडियो का एक छोटा-सा हिस्सा काटकर सोशल मीडिया पर शेयर किया गया और आरोप लगाया गया कि उन्होंने सिख गुरुओं के खिलाफ अपमानजनक टिप्पणियां की हैं।
हालांकि, इस मामले में पंजाब की जालंधर पुलिस ने जांच के बाद स्पष्ट किया है कि वायरल वीडियो एडिटेड है। जालंधर पुलिस कमिश्नरेट के अनुसार, आतिशी का एडिटेड और डॉक्टर्ड वीडियो सोशल मीडिया पर अपलोड और सर्कुलेट करने के मामले में एफआईआर दर्ज की गई है। पुलिस प्रवक्ता ने बताया कि इकबाल सिंह की शिकायत के आधार पर यह एफआईआर दर्ज की गई, जिसमें आरोप लगाया गया है कि जानबूझकर वीडियो के साथ छेड़छाड़ की गई ताकि उसमें ऐसे शब्द और सबटाइटल जोड़े जा सकें जो आतिशी ने कहे ही नहीं।
पुलिस का कहना है कि सोशल मीडिया पर कई ऐसे पोस्ट सामने आए हैं जिनमें भड़काऊ कैप्शन के साथ यह वीडियो शेयर किया गया है ताकि धार्मिक भावनाएं आहत हों और समाज में तनाव पैदा किया जा सके। प्रारंभिक जांच और फॉरेंसिक रिपोर्ट में यह बात सामने आई है कि वीडियो को जानबूझकर तोड़-मरोड़कर पेश किया गया।