क्या मनरेगा बचाओ संग्राम में सवाई माधोपुर के कांग्रेसियों का उपवास-धरना महत्वपूर्ण है?
सारांश
मुख्य बातें
सवाई माधोपुर, 11 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। कांग्रेस ने पूरे देश में 'मनरेगा बचाओ संग्राम' अभियान की शुरुआत की है। इसी के अंतर्गत राजस्थान के सवाई माधोपुर में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने सांकेतिक अनशन करते हुए अपना विरोध जताया।
कांग्रेस महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम (मनरेगा) का नाम बदलकर 'विकसित भारत-जी राम जी' करने और योजना में किए गए संशोधनों का विरोध कर रही है। इसी सिलसिले में जिला कांग्रेस कमेटी सवाई माधोपुर द्वारा मनरेगा बचाओ संग्राम जन आंदोलन के तहत अंबेडकर सर्किल पर एक दिवसीय उपवास एवं धरना कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस धरने में एआईसीसी सचिव दानिश अबरार, विधानसभा उपनेता एवं गंगापुर विधायक रामकेश मीणा, बामनवास विधायक एवं जिला अध्यक्ष इंदिरा मीणा समेत कई कांग्रेस नेता शामिल हुए।
विधायक रामकेश मीणा ने कांग्रेस कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए सरकार पर कड़े प्रहार किए।
जिला अध्यक्ष इंदिरा मीणा ने बताया कि कांग्रेस ने पूरे देश में 'मनरेगा बचाओ संग्राम' अभियान चलाया है। सवाई माधोपुर में जिला कांग्रेस कमेटी के बैनर तले रविवार को विरोध प्रदर्शन किया गया। उन्होंने कहा कि पहले मनरेगा में केंद्र और राज्य सरकार का अनुपात 90:10 था, जिसे अब 60:40 कर दिया गया है। उन्होंने कहा कि जिला कांग्रेस कमेटी 29 जनवरी तक विभिन्न तरीकों से विरोध करती रहेगी।
गौरतलब है कि कांग्रेस ने शनिवार को देशभर में 'मनरेगा बचाओ संग्राम' की शुरुआत की। इस अभियान के अंतर्गत सभी जिला कांग्रेस कमेटी कार्यालयों में प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित की गई। पार्टी ने कहा है कि वह लोगों के संवैधानिक अधिकार 'काम के अधिकार' की रक्षा के लिए तब तक संघर्ष करती रहेगी, जब तक यह अधिकार पूरी तरह सुरक्षित नहीं हो जाता।
कांग्रेस सांसद और पार्टी के संचार प्रभारी महासचिव जयराम रमेश ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर एक पोस्ट में कहा था कि भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस ने देशभर के सभी जिला कांग्रेस कमेटी कार्यालयों में प्रेस कॉन्फ्रेंस के जरिए मनरेगा बचाओ संग्राम की शुरुआत कर दी है। कांग्रेस इस आंदोलन को तब तक जारी रखेगी जब तक काम के अधिकार, आजीविका और जवाबदेही को पूरी तरह बहाल नहीं कर दिया जाता। जयराम रमेश ने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार ने मनरेगा को कमजोर करके लोगों से ये अधिकार छीन लिए हैं।