क्या सरकार ने सिर्फ अपनी राजनीति के लिए मनरेगा कानून को बदला और मजदूरों को परेशान किया?

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क्या सरकार ने सिर्फ अपनी राजनीति के लिए मनरेगा कानून को बदला और मजदूरों को परेशान किया?

सारांश

कांग्रेस ने सरकार के नए रोजगार कानून के खिलाफ 'मनरेगा बचाओ' अभियान शुरू किया है। इस कार्यक्रम में विभिन्न राज्यों से कार्यकर्ताओं ने भाग लिया और मजदूरों के अधिकारों की रक्षा की बात की। क्या यह आंदोलन मजदूरों के हक में बदलाव ला पाएगा?

मुख्य बातें

कांग्रेस पार्टी का 'मनरेगा बचाओ' अभियान शुरू हुआ।
सरकार ने मनरेगा को खत्म कर दिया है।
कांग्रेस मजदूरों के अधिकारों के लिए खड़ी है।
कार्यक्रम में विभिन्न राज्यों से कार्यकर्ता शामिल हुए।
यह आंदोलन मजदूरों की एकता को दर्शाता है।

नई दिल्ली, 22 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। केंद्र सरकार ने 'मनरेगा' को समाप्त करके एक नई योजना 'विकसित भारत-रोजगार और आजीविका समशन (ग्रामीण)' लागू की है, जिससे कांग्रेस पार्टी ने कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। आज जवाहर भवन में 'मनरेगा बचाओ' अभियान के तहत एक महत्वपूर्ण कार्यक्रम आयोजित किया गया, जिसमें विभिन्न राज्यों से कांग्रेस कार्यकर्ता शामिल हुए।

कांग्रेस नेता संदीप दीक्षित ने कहा, "भाजपा सरकार ने केवल अपनी राजनीतिक भलाई के लिए मनरेगा कानून में बदलाव किया है। इस बदलाव के कारण मजदूर वर्ग और उनके संगठन काफी परेशान हैं। कांग्रेस पार्टी इन लोगों के साथ खड़ी है और मजदूरों के आंदोलन को मजबूत किया जाएगा।"

उन्होंने बताया कि मनरेगा के मजदूर विभिन्न प्रोजेक्ट से मिट्टी लाए हैं, जो उनकी मेहनत और संघर्ष का प्रतीक है। यह उनकी एकता को भी दर्शाता है। जवाहर भवन में इस मिट्टी को एक स्थान पर रखकर पौधा लगाया जाएगा।

कांग्रेस सांसद इमरान प्रतापगढ़ी ने कहा कि यूपीए सरकार के समय में मनमोहन सिंह, सोनिया गांधी और राहुल गांधी के नेतृत्व में कांग्रेस का उद्देश्य मजदूरों को रोजगार का अधिकार देना था।

उन्होंने कहा कि वर्तमान सरकार अपने नए बिल के माध्यम से इस योजना को खत्म करना चाहती है और करोड़ों मजदूरों को उनके अधिकारों से वंचित कर रही है। कांग्रेस पार्टी इस अन्याय के खिलाफ खड़ी है और 'मनरेगा बचाओ' अभियान को देशभर में फैलाएगी। राहुल गांधी सिविल सोसाइटी और बौद्धिकों के साथ संवाद करेंगे। इसके बाद कांग्रेस के नेता मजदूरों के बीच जाकर उनके मुद्दों को उठाएंगे।

कांग्रेस विधायक विक्रांत भूरिया ने कहा कि कई राज्यों से बड़ी संख्या में लोग आए हैं और आज निश्चित रूप से एक महत्वपूर्ण निर्णय लिया जाएगा कि हम इस लड़ाई को जन आंदोलन के रूप में कैसे आगे बढ़ाएंगे।

अखिल भारतीय महिला कांग्रेस की अध्यक्ष अलका लांबा ने 'मनरेगा बचाओ' अभियान पर टिप्पणी करते हुए कहा कि केंद्र की भाजपा सरकार ने तानाशाही तरीके से ग्रामीण रोजगार के अधिकार पर हमला किया है।

अलका लांबा ने कहा कि इस योजना से महात्मा गांधी का नाम हटाने के साथ-साथ रोजगार के अधिकार को भी छीना जा रहा है। कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी समेत पूरी पार्टी ने निर्णय लिया है कि मनरेगा के मूल ढांचे को नष्ट नहीं होने दिया जाएगा।

संपादकीय दृष्टिकोण

यह स्पष्ट है कि सरकार का निर्णय मजदूरों के अधिकारों पर गंभीर प्रभाव डालता है। कांग्रेस का आंदोलन इस दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है, जिससे मजदूरों की आवाज को सुनने का प्रयास किया जा रहा है।
RashtraPress
13 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

मनरेगा योजना क्या है?
मनरेगा योजना भारत सरकार द्वारा ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के अधिकार को सुनिश्चित करने के लिए बनाई गई थी।
कांग्रेस पार्टी का इस आंदोलन में क्या उद्देश्य है?
कांग्रेस पार्टी का उद्देश्य मजदूरों के अधिकारों की रक्षा करना और उन्हें उनके हक दिलाना है।
क्या सरकार का नया कानून मजदूरों के लिए फायदेमंद है?
कांग्रेस के अनुसार, नया कानून मजदूरों के हक को छीनने का प्रयास है।
राष्ट्र प्रेस
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