अमेरिका की जांच पर चीनी वाणिज्य मंत्रालय की कड़ी प्रतिक्रिया
सारांश
Key Takeaways
- अमेरिका ने 60 देशों के खिलाफ धारा 301 के तहत जांच शुरू की।
- चीन ने अमेरिका से संवाद का अनुरोध किया।
- चीन जबरन श्रम के खिलाफ है और इसके लिए ठोस कदम उठाए हैं।
- दोनों देशों के बीच व्यापार वार्ता जारी है।
- चीन अंतर्राष्ट्रीय श्रम संगठन का सदस्य है।
बीजिंग, 16 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। चीनी वाणिज्य मंत्रालय के प्रवक्ता ने जानकारी दी कि 12 मार्च को अमेरिका ने पूर्वी समयानुसार चीन के ऋण सहित 60 देशों के खिलाफ धारा 301 के तहत जांच आरंभ की। यह जांच इस आधार पर की गई कि "जबरन श्रम से निर्मित उत्पादों के आयात पर कोई प्रतिबंध नहीं लगाया गया है।" यह जांच अमेरिका द्वारा 11 मार्च को "अतिरिक्त क्षमता" के संदर्भ में शुरू की गई प्रारंभिक जांच का एक और विस्तार है।
चीन और अमेरिका इस समय फ्रांस के पेरिस में व्यापार वार्ता के नए दौर में हैं, जहां चीन ने अमेरिका के समक्ष अपने विचार रखे हैं।
हम अमेरिका से निवेदन करते हैं कि वह अपनी गलतियों को तुरंत सुधारें, चीन के साथ समझौता करें, आपसी सम्मान और समान संवाद के सिद्धांतों का पालन करें और संवाद के माध्यम से समस्याओं का समाधान खोजें। हम अमेरिकी जांच की प्रगति पर लगातार निगरानी रखेंगे और अपने वैध अधिकारों की रक्षा के लिए सभी आवश्यक कदम उठाने का अधिकार सुरक्षित रखते हैं।
प्रवक्ता ने बताया कि अमेरिका ने पहले भी मनगढ़ंत तथ्यों के आधार पर "जबरन श्रम" के नाम पर चीन पर व्यापार प्रतिबंध लगाए हैं, और चीन ने इस पर अपनी गंभीर स्थिति को बार-बार स्पष्ट किया है। चीन जबरन श्रम के खिलाफ है और अंतर्राष्ट्रीय श्रम संगठन के संस्थापक सदस्यों में से एक है। चीन ने 28 अंतर्राष्ट्रीय श्रम समझौतों की पुष्टि की है और जबरन श्रम प्रथाओं को रोकने के लिए एक व्यापक श्रम कानूनों और विनियमों की प्रणाली स्थापित की है।
(साभार- चाइना मीडिया ग्रुप, पेइचिंग)