बिहार राज्यसभा चुनाव में एनडीए की जीत पर अजय आलोक का स्वागत, विपक्ष पर कसा तंज
सारांश
Key Takeaways
- एनडीए की सभी सीटों पर जीत हुई है।
- अजय आलोक ने विपक्ष की कमजोर स्थिति पर सवाल उठाए।
- राज्यसभा में एनडीए की स्थिति मजबूत बनी हुई है।
- कांग्रेस के नेता नाना पटोले ने परिणामों की घोषणा में देरी पर चिंता जताई।
- जेएमएम ने कांग्रेस के साथ चुनावी रणनीति पर विचार किया है।
नई दिल्ली, 16 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के प्रवक्ता अजय आलोक ने बिहार राज्यसभा चुनाव के परिणामों का स्वागत करते हुए इन्हें राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) और लोकतांत्रिक प्रक्रिया के प्रति समर्थन का प्रतीक बताया। उनका कहना था कि चुनाव परिणामों ने सभी की अपेक्षाओं को पूरा किया है और एनडीए के सभी उम्मीदवारों की जीत पहले से तय थी।
अजय आलोक ने राष्ट्र प्रेस से बातचीत करते हुए कहा कि राज्यसभा चुनाव के परिणाम उनके पूर्वानुमान के अनुसार आए हैं। भाजपा और एनडीए को विश्वास था कि उनके सभी पांच उम्मीदवार सफल होंगे। उन्होंने यह भी कहा कि राज्यसभा में एनडीए की स्थिति मजबूत बनी हुई है और गठबंधन के पास बहुमत है।
अलाक ने कांग्रेस और विपक्षी दलों पर निशाना साधते हुए कहा कि कई राज्यों में कांग्रेस की स्थिति कमजोर हो गई है और तथाकथित विपक्षी गठबंधन की वास्तविकता उजागर हो गई है। उनके अनुसार, बिहार और अन्य राज्यों में राजनीतिक घटनाक्रम से यह स्पष्ट होता है कि विपक्ष का जनाधार कितना कमजोर है।
देश में आगामी 9 अप्रैल को कई राज्यों में चुनाव होने वाले हैं। इस संदर्भ में कांग्रेस नेता नाना पटोले ने चुनाव परिणामों की घोषणा में देरी पर सवाल उठाए हैं। पटोले का कहना है कि मतदान के बाद परिणाम की घोषणा दो से तीन दिन के भीतर होनी चाहिए, जबकि इस बार 4 मई को परिणाम का ऐलान होने की बात कही जा रही है।
भाजपा प्रवक्ता अजय आलोक ने नाना पटोले के बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि उन्हें समझ नहीं आता कि विपक्ष ऐसे मामलों में क्यों अपनी राय देता है। उन्होंने कहा कि चुनाव की तारीखें और कार्यक्रम तय करना निर्वाचन आयोग का कार्य है, न कि विपक्षी नेताओं का। उन्होंने व्यंग्य करते हुए कहा कि ऐसा लगता है जैसे कुछ नेताओं को हर विषय पर टिप्पणी करने की आदत हो गई है, जिससे केवल देश का समय बर्बाद होता है।
उन्होंने आगे कहा कि किसी भी विपक्षी दल ने चुनाव प्रक्रिया का खुले तौर पर समर्थन नहीं किया है, जबकि चुनाव लोकतंत्र का सबसे बड़ा उत्सव होता है। उनके अनुसार, विपक्षी दलों को चुनावों से डर लग रहा है क्योंकि उन्हें पहले से हार का अंदेशा है। उन्होंने आरोप लगाया कि संभावित हार के चलते विपक्षी दल बौखलाहट में अनावश्यक बयानबाजी कर रहे हैं।
इस बीच, झारखंड मुक्ति मोर्चा (जेएमएम) ने कहा कि यदि सम्मान मिला तो वे एकसाथ चुनाव लड़ेंगे। इस पर अजय आलोक ने टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि जेएमएम को यह विचार करना चाहिए कि कांग्रेस उसके साथ कितना सम्मानजनक व्यवहार करती है। उन्होंने कहा कि बिहार में यह पहले भी देखा जा चुका है कि कांग्रेस ने जेएमएम को अपेक्षित सम्मान नहीं दिया था और इसे सहयोगी दलों को समझना चाहिए।