क्या 2026 में एमसीएक्स पर चांदी 3.2 लाख रुपए तक पहुँच सकती है? : मोतीलाल ओसवाल

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क्या 2026 में एमसीएक्स पर चांदी 3.2 लाख रुपए तक पहुँच सकती है? : मोतीलाल ओसवाल

सारांश

मोतीलाल ओसवाल की नई रिपोर्ट के अनुसार, चांदी की कीमतों में अभूतपूर्व वृद्धि जारी रहने की संभावना है। क्या 2026 में एमसीएक्स पर चांदी 3.2 लाख रुपए तक पहुँच सकती है? जानें इस रिपोर्ट में चांदी के भविष्य के बारे में।

Key Takeaways

  • चांदी की कीमतें 2026 में 3.20 लाख रुपए तक पहुँच सकती हैं।
  • 2025 में चांदी की कीमतों में 170 प्रतिशत की वृद्धि हुई।
  • वैश्विक तनाव और औद्योगिक मांग ने चांदी की कीमतों को प्रभावित किया।
  • चांदी का उपयोग कीमती धातु और औद्योगिक धातु दोनों के रूप में होता है।
  • चांदी की खपत लगातार उसकी आपूर्ति से अधिक रही है।

मुंबई, 11 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। वर्ष 2025 में मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (एमसीएक्स) पर चांदी की कीमतों में 170 प्रतिशत की उल्लेखनीय बढ़ोतरी के बाद, घरेलू ब्रोकरेज फर्म मोतीलाल ओसवाल का मानना है कि चांदी की तेजी अभी भी जारी रह सकती है और वर्ष 2026 में यह नए रिकॉर्ड बना सकती है।

मोतीलाल ओसवाल की नवीनतम रिपोर्ट के अनुसार, चांदी वर्ष 2025 में सबसे अच्छा प्रदर्शन करने वाली कीमती धातु बनकर उभरी है। इसने न केवल सोने को पीछे छोड़ा, बल्कि कई अन्य महत्वपूर्ण निवेश विकल्पों से भी बेहतर प्रदर्शन किया।

रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि चांदी और सोने की कीमतों में वृद्धि के पीछे कई वैश्विक कारण हैं। इनमें दुनिया के विभिन्न हिस्सों में बढ़ता तनाव, व्यापार में अनिश्चितता, आसान मौद्रिक नीतियां, एक्सचेंज ट्रेडेड फंड (ईटीएफ) में अधिक निवेश, आपूर्ति की कमी और सुरक्षित निवेश की बढ़ती मांग शामिल हैं।

मोतीलाल ओसवाल ने वर्ष 2026 के लिए एमसीएक्स चांदी का लक्ष्य 3.20 लाख रुपए प्रति किलोग्राम निर्धारित किया है। वहीं, जोखिम से बचाव के लिए इसका स्तर 1.40 लाख रुपए रखा गया है।

वर्तमान में कीमत लगभग 2.52 लाख रुपए है, जिससे इसमें लगभग 27 प्रतिशत तक की और बढ़ोतरी की संभावना जताई गई है।

एक्सचेंजों में चांदी का भंडार लगातार घटने से भी कीमतों को समर्थन मिला है। ब्रोकरेज ने बताया कि उसके पहले दिए गए टारगेट प्राइस उम्मीद से कहीं ज्यादा जल्दी पूरे हो गए हैं।

वर्ष 2025 की शुरुआत में कंपनी ने अनुमान लगाया था कि सोना साल के अंत तक 84,000 रुपए और चांदी 1,10,000 रुपए तक पहुंचेगी। लेकिन सोना पहले ही तिमाही में 84,000 रुपए तक पहुँच गया और बाद में 1,40,465 रुपए के रिकॉर्ड स्तर पर चला गया।

वहीं, चांदी दूसरी तिमाही तक 88,000 रुपए के पार चली गई और बाद में 2,54,000 रुपए के अब तक के सबसे ऊंचे स्तर पर पहुँच गई। यह ब्रोकरेज के शुरुआती अनुमान से दोगुने से भी अधिक था।

मोतीलाल ओसवाल ने कहा कि चांदी ने सोने से बेहतर प्रदर्शन किया क्योंकि इसकी दोहरी भूमिका है। यह एक कीमती धातु भी है और उद्योगों में उपयोग होने वाली धातु भी।

जहां वैश्विक अनिश्चितता ने इसे सुरक्षित निवेश के रूप में मजबूत बनाया, वहीं उद्योगों में बढ़ते उपयोग ने इसकी मांग को और बढ़ाया।

ब्रोकरेज ने बताया कि वर्ष 2025 में चांदी की औद्योगिक मांग अब तक के दूसरे सबसे ऊंचे स्तर पर पहुँच गई। इसकी वजह सौर ऊर्जा संयंत्रों की तेजी से बढ़ती संख्या, इलेक्ट्रिक वाहनों का विस्तार, बिजली से जुड़े काम और पावर ग्रिड में बढ़ता निवेश रहा है।

इस मजबूत मांग के कारण लगातार पांचवें साल चांदी की खपत उसकी आपूर्ति से अधिक रही, जिससे बाजार में कमी बनी रही।

रिपोर्ट के अनुसार, इस असंतुलन के कारण कुछ समय के लिए कीमतों में गिरावट आई, जो एक दुर्लभ स्थिति है और बाजार में चांदी की वास्तविक उपलब्धता कम होने का संकेत देती है।

Point of View

NationPress
12/01/2026

Frequently Asked Questions

चांदी की कीमतें 2026 में कितनी हो सकती हैं?
मोतीलाल ओसवाल के अनुसार, चांदी की कीमतें 3.2 लाख रुपए प्रति किलोग्राम तक पहुँच सकती हैं।
क्या 2025 में चांदी की कीमतें बढ़ी हैं?
हाँ, 2025 में चांदी की कीमतों में 170 प्रतिशत की वृद्धि हुई है।
चांदी की मांग के पीछे क्या कारण हैं?
चांदी की मांग के पीछे वैश्विक तनाव, औद्योगिक उपयोग और सुरक्षित निवेश की बढ़ती मांग जैसे कारण हैं।
क्या निवेश के लिए चांदी एक अच्छा विकल्प है?
हां, चांदी की कीमतों में वृद्धि के साथ-साथ इसकी औद्योगिक मांग भी बढ़ रही है, जिससे यह निवेश के लिए एक अच्छा विकल्प हो सकती है।
मोतीलाल ओसवाल ने चांदी के लिए क्या लक्ष्य निर्धारित किया है?
मोतीलाल ओसवाल ने चांदी का लक्ष्य 3.20 लाख रुपए प्रति किलोग्राम निर्धारित किया है।
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