क्या अभिषेक बनर्जी के हेलीकॉप्टर को उड़ान की अनुमति में हुई देरी केंद्र पर साजिश का संकेत है?
सारांश
Key Takeaways
- अभिषेक बनर्जी के हेलीकॉप्टर की उड़ान में देरी हुई।
- नागरिक उड्डयन मंत्रालय से मिली अनुमति में समस्या हुई।
- भाजपा पर रुकावट डालने का आरोप लगाया गया।
- अभिषेक का बीरभूम में कार्यक्रम महत्वपूर्ण है।
- राजनीतिक संघर्ष के पीछे की सच्चाई उजागर।
कोलकाता, 6 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। तृणमूल कांग्रेस के सांसद अभिषेक बनर्जी के बीरभूम दौरे को लेकर मंगलवार को कई अनिश्चितताएँ बनी रहीं। नागरिक उड्डयन मंत्रालय से अनुमति न मिलने के कारण उन्हें काफी समय तक इंतजार करना पड़ा। इस घटनाक्रम पर अपनी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए बनर्जी ने केंद्र सरकार पर आरोप लगाया और कहा कि भाजपा उनके कार्यक्रमों में बाधा उत्पन्न कर रही है।
सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, अभिषेक को मंगलवार दोपहर दक्षिण 24 परगना के बेहाला से बीरभूम जिले में 'रण संकल्प सभा' में भाग लेने के लिए कोलकाता के बेहाला फ्लाइंग क्लब से हेलीकॉप्टर से निकलना था। उसी समय नागरिक उड्डयन मंत्रालय ने हेलीकॉप्टर उड़ाने की अनुमति नहीं दी, जिसके चलते उन्होंने काफी देर तक इंतजार किया। अंततः अनुमति मिलने के बाद उन्होंने उड़ान भरी। अभिषेक ने कहा कि भाजपा के लोग डर गए हैं, इसलिए हमारे कार्यक्रमों में भी रुकावटें पैदा कर रहे हैं।
उन्होंने कहा कि भाजपा के लोग तृणमूल कांग्रेस से इतने भयभीत हैं कि अब हमारे कार्यक्रमों में भी रोक लगाने लगे हैं।
तृणमूल कांग्रेस के नेताओं ने बताया कि जिस हेलीकॉप्टर से उन्हें उड़ान भरनी थी, उसे झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से चर्चा के बाद और झारखंड सरकार के सहयोग से तैयार किया गया था।
अभिषेक का बुधवार को बीरभूम में 'रण संकल्प सभा' का कार्यक्रम है। रामपुरहाट के बिनोदपुर मैदान में सभा आयोजित करने की योजना थी।
एक सूत्र के अनुसार सांसद ने हेलीकॉप्टर उड़ाने के लिए आवश्यक अनुमति प्राप्त नहीं की थी। इस कारण, वह दोपहर तक बेहाला फ्लाइंग क्लब में हेलीकॉप्टर का इंतजार करते रहे। उनका दावा है कि जिस प्रकार मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के बांगांव दौरे से पहले समस्याएँ खड़ी की गईं, उसी प्रकार भाजपा अभिषेक के दौरे से पहले कोई 'साजिश' रच रही थी।
टीएमसी के नेताओं ने कहा कि अभिषेक के बढ़ते प्रभाव और पार्टी की सभाओं से भाजपा भयभीत है, इसलिए इस तरह की रुकावटें उत्पन्न की जा रही हैं। ममता बनर्जी ने भी इसी प्रकार की शिकायत की है कि वे खुद कई महीनों से हेलीकॉप्टर का उपयोग नहीं कर पा रही हैं।
हालांकि, अंततः अभिषेक बनर्जी अपने हेलीकॉप्टर से बीरभूम के लिए रवाना हुए। टीएमसी का दावा है कि नागरिक उड्डयन मंत्रालय ने उनके चॉपर को क्लीयरेंस नहीं दिया था।