क्या अफगानिस्तान के विदेश मंत्री आमिर खान मुत्ताकी की भारत यात्रा रद्द हो गई?

सारांश
Key Takeaways
- मुत्ताकी की यात्रा यूएनएससी से मंजूरी न मिलने के कारण रद्द हुई।
- भारत ने अभी तक तालिबान शासन को मान्यता नहीं दी है।
- रूस ने तालिबान को औपचारिक मान्यता दी है।
नई दिल्ली, 26 अगस्त (राष्ट्र प्रेस)। अफगानिस्तान के विदेश मंत्री आमिर खान मुत्ताकी की इस सप्ताह की योजना के अनुसार भारत यात्रा रद्द हो गई है। काबुल के स्रोतों ने मंगलवार को राष्ट्र प्रेस को इसकी पुष्टि की।
तालिबान के सत्ता में आने के बाद से भारत और अफगानिस्तान के बीच संबंधों में महत्वपूर्ण बदलाव देखने को मिले हैं। ऐसे में मुत्ताकी की दिल्ली यात्रा दोनों देशों के संबंधों के लिए एक महत्वपूर्ण घटना हो सकती थी।
जानकारी के अनुसार, यात्रा रद्द होने का कारण यह है कि मुत्ताकी को संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (यूएनएससी) से यात्रा प्रतिबंध में छूट की मंजूरी नहीं मिली।
एक सूत्र ने बताया, "भारत के विदेश मंत्रालय ने औपचारिक तौर पर विदेश मंत्री आमिर खान मुत्ताकी को दिल्ली आने का निमंत्रण दिया था। सभी तैयारियां पूरी थीं, लेकिन अंतिम समय में यूएनएससी से अनुमति न मिलने के कारण यह दौरा रद्द कर दिया गया। अगर यह यात्रा होती, तो यह दिल्ली-काबुल संबंधों में नई गति ला सकती थी।"
राष्ट्र प्रेस ने सप्ताह की शुरुआत में ही जानकारी दी थी कि काबुल से एक उच्च स्तरीय प्रतिनिधिमंडल नई दिल्ली आने वाला है।
यह इस महीने दूसरी बार है जब मुत्ताकी यात्रा नहीं कर पाए हैं। कुछ दिन पहले पाकिस्तान दौरा भी इसी कारण रद्द करना पड़ा था, क्योंकि उन पर और कई तालिबान नेताओं पर अंतरराष्ट्रीय यात्रा प्रतिबंध लागू है।
हालांकि भारत ने अब तक तालिबान शासन को आधिकारिक मान्यता नहीं दी है, लेकिन मुंबई और हैदराबाद में अफगानिस्तान के वाणिज्य दूतावास तालिबान के राजदूतों को सौंप दिए गए हैं।
उधर, पिछले महीने रूस तालिबान सरकार को औपचारिक मान्यता देने वाला पहला देश बन गया। लेकिन महिलाओं के अधिकारों और मानवाधिकार हनन के मामलों को लेकर तालिबान पर वैश्विक स्तर पर लगातार आलोचना हो रही है। यही वजह है कि अंतरराष्ट्रीय समुदाय से तालिबान को अभी तक व्यापक मान्यता नहीं मिल पाई है।