क्या अहमदाबाद में साबरमती लोको शेड के 'विकसित वैक्यूम असिस्टेड ट्रैक' क्लीनर से रेलवे ट्रैक की सफाई आसान होगी?
सारांश
Key Takeaways
- अहमदाबाद में विकसित वैक्यूम असिस्टेड ट्रैक क्लीनर मशीन
- सफाई की कुशलता और सुरक्षा
- पर्यावरण के अनुकूल समाधान
- यात्री संतोष
- स्वच्छता की नई पहल
अहमदाबाद, 20 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। रेलवे ट्रैक और इसके आस-पास की सफाई एक कठिन कार्य होती है। इसे ध्यान में रखते हुए, अहमदाबाद स्थित भारतीय रेल के साबरमती लोको शेड ने एक इन-हाउस वैक्यूम असिस्टेड ट्रैक क्लीनर मशीन को विकसित किया है। हाल ही में साबरमती स्टेशन पर इसका सफल परीक्षण किया गया। रेलवे अधिकारियों के अनुसार, इस मशीन से रेलवे ट्रैक की सफाई आसान होगी।
अहमदाबाद के डीआरएम के अनुसार, वेस्टर्न रेलवे ने 'मेक इन इंडिया' और 'स्वच्छता ही सेवा' के तहत एक वैक्यूम असिस्टेड ट्रैक क्लीनिंग डिवाइस विकसित किया है, जो ट्रैक की कुशल सफाई और सुरक्षा के लिए पर्यावरण के अनुकूल और किफायती समाधान है।
अहमदाबाद मंडल के डीआरएम वेद प्रकाश ने बताया कि यह एक नई पहल है। जहां रेलवे ट्रैक के बीच या किनारों पर गंदगी होती है, उसकी सफाई के लिए यह मशीन बहुत उपयोगी साबित होगी। इसे ठीक से तैयार किया गया है और समय के अनुसार आवश्यक सुधार किए जाएंगे।
रेलवे ट्रैक्स की मशीन से सफाई की इस पहल से यात्री भी संतुष्ट हैं और स्टेशनों पर रेलवे द्वारा की जा रही सफाई की तारीफ कर रहे हैं। रेल यात्री हंसमुख परमार ने कहा कि यहाँ साफ-सफाई देखकर उन्हें अच्छा लगा है। पहले पटरियों पर बिल्कुल भी सफाई नहीं की जाती थी, लेकिन अब रेलवे स्टेशन बिल्कुल साफ-सुथरा नजर आया है।
पिछले वर्षों में भारतीय रेल ने सफाई के लिए आधुनिक तकनीक का उपयोग शुरू किया है। 'मेक इन इंडिया' और 'आत्मनिर्भर भारत' अभियान की भावना के अनुरूप विकसित की गई यह वैक्यूम असिस्टेड ट्रैक क्लीनर डिवाइस भविष्य में बहुत मददगार साबित होगी। यह पहल न केवल भारतीय रेल के ‘स्वच्छ भारत स्वच्छ रेल’ मिशन को मजबूती देगी, बल्कि रेलवे ट्रैक्स की स्वच्छता को भी नए स्तर पर ले जाएगी।