क्या नेटफ्लिक्स की सीरीज 'कोहरा' पंजाब का नया चेहरा दिखाएगी?
सारांश
Key Takeaways
- जिंदगी के अनुभवों से सीखना
- पंजाबी संस्कृति की विशेषताएं
- व्यक्तिगत संघर्षों का चित्रण
- अपराध और जांच का संतुलन
- आभार का महत्व
नई दिल्ली, 20 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। प्रसिद्ध क्राइम थ्रिलर सीरीज 'कोहरा' जल्द ही नेटफ्लिक्स पर उपलब्ध होगी। इस विषय में निर्देशक और कलाकारों ने राष्ट्र प्रेस से विशेष चर्चा की।
अभिनेता बरुन सोबती ने कहा कि वे हमेशा से क्रिएटिव क्षेत्र में आगे बढ़ने की इच्छा रखते थे। उन्होंने बताया, "इस शो के माध्यम से मुझे मोना सिंह के साथ काफी समय बिताने का अवसर मिला। लेखन में मैं अभी उतना सक्षम नहीं हूं, लेकिन इस कार्य ने मुझे अपनी कमजोरियों को समझने और खुद को सुधारने का मौका दिया।"
इसी के साथ रणविजय ने कहा, "अक्सर हम इंटरव्यू या प्रमोशन के दौरान यह नहीं जान पाते कि सामने वाले की जिंदगी में क्या चल रहा है। हर किसी का व्यक्तिगत जीवन, परिवार और कार्य की चुनौतियां साथ-साथ होती हैं। इस सीरीज में केवल अपराध नहीं, बल्कि जांचकर्ताओं की निजी जिंदगी पर भी ध्यान केंद्रित किया गया है। इससे यह शो विशेष और अलग लगता है।"
रणविजय ने आगे कहा कि बाहर से किसी की जिंदगी परफेक्ट लगती है, लेकिन अंदर कई परतें होती हैं। यह शो सिखाता है कि हर व्यक्ति कुछ न कुछ झेल रहा है। इससे हमें यह समझने में मदद मिलती है कि हमें जो कुछ भी है, उसके लिए आभारी होना चाहिए।
अभिनेत्री मोना सिंह ने जिंदगी के सबक पर बात की। उन्होंने कहा, "जिंदगी में आगे बढ़ने का सही तरीका गलतियों को अपराधबोध में न बदलकर उनसे सीखना और अपने हर अनुभव से कुछ सीखना है। लोग हमारे जीवन में आते-जाते हैं, लेकिन सब कुछ सिखाकर जाते हैं। इंसान होने की यही खूबी है कि हम इन अनुभवों से सुधार करें, कड़वाहट छोड़कर आगे बढ़ें।"
निर्देशक सुदीप शर्मा ने पंजाबी संस्कृति की प्रशंसा की। उन्होंने कहा, "मुझे पंजाबी संस्कृति बहुत पसंद है। शो का पूरा श्रेय गुंजित और डिग्गी को जाता है। पंजाब ने मुझे दिल से अपनाया है। मैं भी कुछ हिस्सों में जुड़ा रहा, जहां मैंने पंजाबी में कुछ आइडिया और मजेदार बातें जोड़ने में मदद की।"