गुप्त नवरात्रि मनाने का कारण क्या है? अदा शर्मा ने साझा किया महत्व
सारांश
Key Takeaways
- गुप्त नवरात्रि में आंतरिक साधना का महत्व है।
- यह त्योहार शांति और तप का प्रतीक है।
- सच्ची शक्ति बाहर की चमक-दमक में नहीं, बल्कि मन में होती है।
- भक्त इस समय चुपचाप ध्यान और पूजा करते हैं।
- मां पार्वती की गुप्त आराधना से शक्ति का जागरण होता है।
मुंबई, 20 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। आज गुप्त नवरात्रि का दूसरा दिन है। इस पवित्र समय में भगवती की गुप्त रूप से आराधना की जाती है। अभिनेत्री अदा शर्मा ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट के माध्यम से न केवल गुप्त नवरात्रि का महत्व और इसका उद्देश्य सरल शब्दों में समझाया, बल्कि शक्ति की आराधना का महत्व भी व्यक्त किया।
अदा शर्मा ने इंस्टाग्राम पर एक खूबसूरत वीडियो साझा किया, जिसमें उन्होंने गुप्त नवरात्रि का महत्व और उद्देश्य स्पष्ट किया है। उन्होंने बताया कि यह नवरात्रि गरबा, डांडिया या शोर-शराबे वाला उत्सव नहीं है, बल्कि शांति, तप और आंतरिक साधना का त्योहार है। अदा के वीडियो में मां पार्वती की एक पुरानी कथा भी सुनाई गई है।
उन्होंने कहा, "बहुत पहले, जब दुनिया में अंधकार, अहंकार और असुरों का बोलबाला बढ़ गया था, तब देवता भगवान शिव से सहायता मांगने पहुंचे। शिवजी कैलाश पर्वत पर गहरे ध्यान में थे। तभी एक दिव्य आवाज गूंजी 'समय आ गया है।' मां पार्वती ने कहा कि वह अपनी शक्ति को गुप्त रूप में जागृत करेंगी, ताकि केवल सच्चे भक्त ही उसे अनुभव कर सकें। मां ने अपना रूप छिपा लिया। ना ढोल-नगाड़े, ना उत्सव, ना भीड़। इस समय गहन तप, साधना और शांति के साथ आराधना की जाती है।"
अदा ने आगे कहा, "मां ने दस महाविद्याओं का गुप्त ज्ञान प्राप्त किया, जिसे केवल सच्चे साधक ही समझ पाते हैं। धीरे-धीरे मां की शक्ति ने दुनिया का अंधेरा मिटाया। असुर कमजोर पड़ने लगे, क्योंकि उनके पास तप और श्रद्धा की कमी थी। जब कार्य पूरा हुआ, मां ने कहा 'जो शोर में मुझे ढूंढता है, उसे मैं कम मिलती हूं, और जो शांति और भक्ति के साथ मुझे खोजता है, उसे मैं पूरी तरह मिलती हूं।' इसलिए गुप्त नवरात्रि मनाई जाती है। यह त्योहार बाहर की यात्रा नहीं, बल्कि अंदर की यात्रा है, जहां शिव और शक्ति शोर में नहीं, बल्कि अंतरात्मा में मिलते हैं।"
अभिनेत्री ने अपने पोस्ट में लिखा कि गुप्त नवरात्रि हमें यह सिखाती है कि सच्ची शक्ति बाहर की चमक-दमक में नहीं, बल्कि शांत मन, भक्ति और साधना में छिपी होती है।
गुप्त नवरात्रि में भक्त चुपचाप मंत्र जाप, ध्यान और पूजा करते हैं। यह समय तंत्र-मंत्र साधना, आध्यात्मिक उन्नति और गुप्त शक्तियों को जागृत करने के लिए विशेष होता है।