राज्यसभा में चर्चा के बाद विपक्ष को मिला बोलने का अवसर

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राज्यसभा में चर्चा के बाद विपक्ष को मिला बोलने का अवसर

सारांश

राज्यसभा में चर्चा समाप्त होने के बाद भी विपक्ष को बोलने का मौका मिला। सभापति ने इसे लोकतंत्र की भावना बताया। जानिए इस दिलचस्प घटनाक्रम के बारे में।

Key Takeaways

  • राज्यसभा में चर्चा समाप्त होने के बाद भी विपक्ष को बोलने का मौका दिया गया।
  • सभापति ने इसे लोकतंत्र की भावना बताई।
  • सभी दलों को अपनी बात रखने का अवसर महत्वपूर्ण है।

नई दिल्ली, 10 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। सामान्य परंपरा के अनुसार, जब संसद में किसी मुद्दे पर चर्चा समाप्त होती है, तो आमतौर पर कोई और हस्तक्षेप नहीं होता। चर्चा के बाद सांसदों को बोलने का मौका नहीं मिलता और संबंधित मंत्री उत्तर देना प्रारंभ करते हैं।

हालांकि, मंगलवार को राज्यसभा में एक अलग दृश्य देखने को मिला। सोमवार को संसद में पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय के कार्यों पर चर्चा की गई थी, जिसमें विपक्ष ने वॉक आउट किया था। इसके कारण विपक्षी सांसद उस चर्चा में भाग नहीं ले सके थे।

इसलिए, सभापति सीपी राधाकृष्णन ने मंगलवार को कांग्रेस सांसद को अपनी बात रखने का अवसर दिया। हालांकि, इस मुद्दे पर चर्चा सोमवार को समाप्त हो गई थी और मंगलवार को मंत्री भूपेन्द्र यादव को जवाब देना था, किंतु केंद्रीय मंत्री के उत्तर से पूर्व सभापति ने कहा, “लोकतंत्र की असली भावना चर्चा, संवाद और बहस में ही निहित है। मेरा हमेशा प्रयास रहा है कि सदन के अधिक से अधिक सदस्यों को अपनी बात रखने का अवसर मिले।”

उन्होंने आगे कहा, “इसी दृष्टिकोण से, मैं विशेष रूप से कांग्रेस के मुख्य सचेतक के अनुरोध को स्वीकार कर रहा हूं और कांग्रेस सांसद नीरज डांगी को अंतिम वक्ता के रूप में चर्चा में भाग लेने की अनुमति दे रहा हूं।”

इसके बाद, नीरज डांगी ने इस विषय पर विस्तार से अपनी बात रखी। उनके बोलने से पहले, सभापति ने अन्य विपक्षी सांसदों से कहा, “यह कोई भेदभाव नहीं है, यह केवल लोकतंत्र की भावना है। मैं आपसे अनुरोध करता हूं कि इसे किसी के द्वारा उद्धृत न किया जाए।”

सभापति ने यह भी स्पष्ट किया कि यह केवल प्रतीकात्मक व्यवस्था है ताकि विपक्ष भी चर्चा में हिस्सा ले सके। इस दौरान अन्य विपक्षी दलों के सांसदों ने भी बोलने की अनुमति मांगी, लेकिन सभापति ने कहा कि वह ऐसा नहीं कर सकते। उन्होंने सभी से इसे किसी के पक्ष में निर्णय न मानने की अपील की। “इसमें किसी प्रकार का भेदभाव नहीं है,” उन्होंने कहा।

Point of View

जहां सभी सदस्यों को अपनी बात रखने का मौका मिलना चाहिए। यह संवाद और बहस की संस्कृति को बढ़ावा देता है।
NationPress
27/04/2026

Frequently Asked Questions

क्या राज्यसभा में चर्चा के बाद बोलने का अवसर मिलता है?
सामान्यतः नहीं, लेकिन हाल ही में विपक्ष को विशेष रूप से बोलने का मौका मिला।
इस अवसर का महत्व क्या है?
यह लोकतंत्र की भावना को दर्शाता है कि सभी सदस्यों को अपनी बात रखने का मौका मिलना चाहिए।
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